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टुंडा के खिलाफ गवाही देने से पहले ही सेवानिवृत्त थानेदार का निधन
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शहर में सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ गवाही से पहले सेवानिवृत्त थानेदार राजसिंह का निधन हो गया है। मंगलवार को एएसजे आरके यादव की अदालत में सिटी पुलिस ने यह जानकारी दी है। अदालत ने पुलिस से मृत्यु प्रमाणपत्र मांगा है। टुंडा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में हाजिरी दर्ज कराई है। मामले की अगली सुनवाई अब 19 अक्तूबर को होगी। आरोपी गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है।
बचाव पक्ष के वकील विनीत वर्मा ने बताया कि 1997 में पुरानी सब्जी मंडी व किला रोड बाजार में सिलसिलेवार कई बम धमाके हुए थे। इस दौरान कई लोग घायल हो गए थे। इस संबंध में सिटी थाने में दोनों केस दर्ज किए गए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक तत्कालीन एएसआई राजसिंह घटनास्थल पर पहुंचने वालों में शामिल थे। अब वह सेवानिवृत्त हो चुके थे। केस में उनकी गवाही होनी थी, लेकिन उनका निधन हो गया। वहीं सिटी पुलिस महिला सहित तीन गवाहों का पुख्ता पता नहीं ढूंढ सकी है। ऐसे में अदालत ने पुलिस को हिदायत दी है कि गवाहों का सही पता ढूंढ कर उनको समन भेजे जाएं।
तीस हजारी कोर्ट से मंगवाया रिकॉर्ड
अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट में भी केस चला था। कोर्ट में जमा रिकॉर्ड भी जिला अदालत ने मंगवाया है, ताकि केस से जुड़े तथ्य देखे जा सकें।
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बचाव पक्ष के वकील विनीत वर्मा ने बताया कि 1997 में पुरानी सब्जी मंडी व किला रोड बाजार में सिलसिलेवार कई बम धमाके हुए थे। इस दौरान कई लोग घायल हो गए थे। इस संबंध में सिटी थाने में दोनों केस दर्ज किए गए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक तत्कालीन एएसआई राजसिंह घटनास्थल पर पहुंचने वालों में शामिल थे। अब वह सेवानिवृत्त हो चुके थे। केस में उनकी गवाही होनी थी, लेकिन उनका निधन हो गया। वहीं सिटी पुलिस महिला सहित तीन गवाहों का पुख्ता पता नहीं ढूंढ सकी है। ऐसे में अदालत ने पुलिस को हिदायत दी है कि गवाहों का सही पता ढूंढ कर उनको समन भेजे जाएं।
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तीस हजारी कोर्ट से मंगवाया रिकॉर्ड
अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट में भी केस चला था। कोर्ट में जमा रिकॉर्ड भी जिला अदालत ने मंगवाया है, ताकि केस से जुड़े तथ्य देखे जा सकें।