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Rohtak News: शोधार्थियों ने जाना सर्वाइवल एनालिसिस की तकनीक
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रोहतक। पंडित बीडी शर्मा पीजीआईएमएस के मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) और साइंस-टेक इंस्टीट्यूट लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में बायो स्टैटिस्टिक्स एंड सर्वाइवल एनालिसिस विषय पर वीरवार को सात दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला शुरू हुई।
कार्यशाला में देशभर से मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, पैरामेडिकल और शोध क्षेत्र से जुड़े 500 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को हरियाणा चिकित्सा परिषद, भारत की ओर से सात क्रेडिट घंटे सहित प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों, चिकित्सकों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को बायो स्टैटिस्टिक्स एवं सर्वाइवल एनालिसिस की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना है। इसमें रिसर्च मेथडोलॉजी, स्टडी डिजाइन, हाइपोथीसिस टेस्टिंग, सिस्टेमेटिक रिव्यू और सर्वाइवल एनालिसिस पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।
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27 मई तक चलने वाली इस कार्यशाला की अध्यक्षता निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने की। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल इसके मुख्य संरक्षक रहे। आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शोध की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होती हैं।
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कार्यशाला में देशभर से मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, पैरामेडिकल और शोध क्षेत्र से जुड़े 500 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को हरियाणा चिकित्सा परिषद, भारत की ओर से सात क्रेडिट घंटे सहित प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
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कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों, चिकित्सकों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को बायो स्टैटिस्टिक्स एवं सर्वाइवल एनालिसिस की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना है। इसमें रिसर्च मेथडोलॉजी, स्टडी डिजाइन, हाइपोथीसिस टेस्टिंग, सिस्टेमेटिक रिव्यू और सर्वाइवल एनालिसिस पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।
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27 मई तक चलने वाली इस कार्यशाला की अध्यक्षता निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने की। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल इसके मुख्य संरक्षक रहे। आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शोध की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होती हैं।