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राहत : कोवैक्सीन रिसर्च में शामिल फस्ट फेज के वॉलंटियर अभी तक कोरोना से सुरक्षित

Thu, 04 Feb 2021 12:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 12:11 AM IST
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Relief: Volunteer in Phase I involved in covariate research yet protected from corona
Relief: Volunteer in Phase I involved in covariate research yet protected from corona
रोहतक। कोवैक्सीन की प्रथम चरण की रिसर्च में शामिल पीजीआईएमएस के 80 वालंटियर बुधवार को छह माह पूरा कर गए हैं और राहत की बात यह है कि सभी कोरोना से सुरक्षित हैं। वालंटियरों में वैक्सीन लगने के बाद कितनी एंटीबॉडी बनी है, इसकी जानकारी आईसीएमआर के पास है। फिलहाल रिसर्च करने वाले यही बता रहे हैं कि जिनको वैक्सीन लगी वह अभी तक बिल्कुल ठीक हैं। सभी का सैंपल ले लिया गया है और वह रिसर्च की शर्तों को पूरा कर चुके हैं।
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भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन की रिसर्च के पहले फेज के सैंपल पूरे हो गए हैं। संस्थान ने सभी वालंटियरों के सैंपल लेकर एंटीबॉडी जांच के लिए भेज दिए हैं। पहला फेज जुलाई 2019 में शुरू किया गया था। छह माह तक पीजीआईएमएस के किसी वालंटियर के कोरोना संक्रमित होने की सूचना नहीं है। दूसरे फेज का ट्रायल सितंबर में शुरू हुआ था और तीसरे फेज का ट्रायल नवंबर में चलाया गया था। इनके वालंटियरों से तय समय पर सैंपल लिए जा रहे हैं। पहले फेज का ट्रायल पूरा करने वाले कुछ वालंटियरों ने खुशी भी जताई है कि वह मानवता की सेवा में अपना योगदान दे चुके हैं।
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विजिट पूरी, नहीं मिली सहयोग राशि
कोवैक्सीन रिसर्च में शामिल वालंटियरों का कहना है कि वह रिसर्च की शर्तों के अनुसार सभी सैंपल दे चुके हैं और हर बार पीजीआईएमएस आने के लिए 750 रुपये की राशि मिलनी चाहिए। लेकिन यह राशि नहीं दी जा रही है। रिसर्च में शामिल करने के दौरान अधिकारियों ने अकाउंट नंबर भी लिया था।
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वालंटियरों को उनकी छह विजिट के हिसाब से प्रति विजिट 750 रुपये देने हैं। सभी के अकाउंट नंबर हमारे पास हैं। 50-50 के ग्रुप में राशि भेजी जा रही है। थर्ड फेज वालों को प्रति विजिट राशि भी दी जा रही है। वालंटियरों के सैंपल शून्य, 14, 28, 42, 104 व 194 दिन पर लिए जाने हैं। पहले फेज के वालंटियरों के सैंपल पूरे हो चुके हैं, किसी को कोई समस्या नहीं है और ना ही किसी को अब तक कोरोना संक्रमण हुआ है। इस पर स्टडी आगे भी जारी रहेगी। इसमें देखा जाएगा कि वैक्सीन लगने के कितने दिन तक शरीर में एंटीबॉडी का असर रहता है।
- डॉ. रमेश वर्मा, को-इन्वेस्टिगेट, कोवैक्सीन रिसर्च, पीजीआईएमएस
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