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Rohtak News: दस दिन से रिजेंट खत्म, नहीं हो रही खून की जांच
Wed, 06 Aug 2025 01:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 06 Aug 2025 01:18 AM IST
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फोटो 04: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में खून जांच के लिए प्रयोगशाला के नमूना संग्रहण केंद्र के बाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में दस दिन से खून की जांच नहीं हो पा रही है। इसकी वजह केमिकल रिजेंट खत्म होना बताया जा रहा है। रिजेंट नहीं होने से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) भी नहीं हो पा रहे हैं। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 2000 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक सामान्य ओपीडी के होते हैं। आंकड़ों के अनुसार 70 से 90 मरीज लिवर और किडनी से जुड़े होते हैं।
इनकी जांच के लिए डॉक्टर की ओर से एलएफटी व केएफटी लिखा जा रहा है। दस दिन से इन टेस्टों के लिए केमिकल रिजेंट खत्म होने के चलते टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। जांच अति आवश्यक होने पर मरीज निजी प्रयोगशाला से खून की जांच करवाने के लिए मजबूर हैं।
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200 से 250 रुपये में करवानी पड़ रही जांच
सीबीसी जांच में मरीज के हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और इंफेक्शन सहित कई प्रकार की बीमारियों का पता चलता है। दस दिन से मरीजों को इसकी जांच निजी लैब में जाकर 200 से 250 रुपये देकर करवानी पड़ रही है। जिन मरीजों के पास पर्ची कटवाने तक के पैसे नहीं होते हैं वे बिना जांच करवाए लौट रहे हैं।
रिजेंट मंगवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। रिजेंट आने के बाद ही खून की जांच संभव है। -डाॅ. प्रिया भारद्वाज, प्रयोगशाला इंचार्ज, जिला नागरिक अस्पताल।
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सोनीपत। नागरिक अस्पताल में दस दिन से खून की जांच नहीं हो पा रही है। इसकी वजह केमिकल रिजेंट खत्म होना बताया जा रहा है। रिजेंट नहीं होने से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) भी नहीं हो पा रहे हैं। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 2000 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक सामान्य ओपीडी के होते हैं। आंकड़ों के अनुसार 70 से 90 मरीज लिवर और किडनी से जुड़े होते हैं।
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इनकी जांच के लिए डॉक्टर की ओर से एलएफटी व केएफटी लिखा जा रहा है। दस दिन से इन टेस्टों के लिए केमिकल रिजेंट खत्म होने के चलते टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। जांच अति आवश्यक होने पर मरीज निजी प्रयोगशाला से खून की जांच करवाने के लिए मजबूर हैं।
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200 से 250 रुपये में करवानी पड़ रही जांच
सीबीसी जांच में मरीज के हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और इंफेक्शन सहित कई प्रकार की बीमारियों का पता चलता है। दस दिन से मरीजों को इसकी जांच निजी लैब में जाकर 200 से 250 रुपये देकर करवानी पड़ रही है। जिन मरीजों के पास पर्ची कटवाने तक के पैसे नहीं होते हैं वे बिना जांच करवाए लौट रहे हैं।
रिजेंट मंगवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। रिजेंट आने के बाद ही खून की जांच संभव है। -डाॅ. प्रिया भारद्वाज, प्रयोगशाला इंचार्ज, जिला नागरिक अस्पताल।