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Rohtak News: रावण ने साधु बनकर किया सीता हरण

Wed, 09 Oct 2024 12:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 12:22 AM IST
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Ravana abducted Sita by posing as a sage.
रोहतक। पुरानी आईटीआई ग्राउंड स्थित रामलीला उत्सव कमेटी में मंगलवार को शूर्पणखा की नाक कटने, रावण के पुत्र का वध और सीता हरण का मंचन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि समाजसेवी राकेश आहुजा, समाजसेवी शलैंद्र जैन, विशिष्ट अतिथि समाजसेवी सुशील अरोड़ा, उत्सव कमेटी के मुख्य संरक्षक प्रसिद्ध समाजसेवी उद्योगपति राजेश जैन, प्रधान सुभाष तायल ने रिमोट का बटन दबाकर रामलीला का उद्घाटन किया।
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रामलीला में सानिध्य अलवर सांसद एवं कुलपति बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक महंत बालक नाथ का रहा। कलाकारों द्वारा जारी मंचन में पंचवटी से प्रारंभ मंचन में सूर्पनखा का राम-लक्ष्मण के प्रति सम्मोहन उसकी नाक कटने का कारण बना। सीता जी ने लक्ष्मण रेखा पार की तो रावण ने साधु बनकर उनका हरण कर लिया।
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सूर्पनखा के प्रपंच के कारण ही भगवान श्रीराम ने खर-दूषण का वध किया और रावण ने मारीच के साथ मिलकर स्वयं साधु वेश धारण कर सीता हरण किया। इस अवसर पर प्रधान सुभाष तायल, शंकर लाल मित्तल, जयभगवान ऐरन, रमेश रोहिल्ला, विपिन गोयल, गुलशन निझावन, वरुण सिंगल, मनोज जिंदल, मीडिया प्रभारी राजीव जैन, सुरेंद्र बल्ली, अनिल बंसल, रामकुमार पांचाल, अमित गुप्ता, सन्नी निझावन, शीतल, विकास दलाल आदि मौजूद रहे।
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पंजाबी रामलीला में भरत मिलाप और सीता हरण का मंचन
मंचन में भरत एवं शत्रुघ्न अपने ननिहाल से अयोध्या पहुंचते हैं तो वहां पर राम-लक्ष्मण एवं सीता को न पाकर बैचेन हो जाते हैं। उन्हें पता लगता है कि राम को वनवास दिया गया है। इस कारण उन्होंने भी राम के साथ वनों में रहने का निर्णय लिया और राज गद्दी को छोड़ दिया। रावण ने साधु वेश धारण कर सीता हरण किया।
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पटेल नगर स्थित न्यू श्री रामलीला कमेटी में बाली वध का मंचन
न्यू श्री रामलीला कमेटी में बाली वध का मंचन किया गया। जब रावण माता सीता का हरण करके अपने साथ ले जाता है, तब राम व लक्ष्मण सीता को वन में ढूंढते हैं और विलाप करते हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात हनुमान जी से होती है और हनुमान जी श्रीराम से सारा वृतांत जानकर उन्हें सुग्रीव से मिलाते हैं। कैसे उनकी पत्नी को उसके भाई बाली ने हरण कर उनका सारा राज्य अपने पास रखा हुआ है। तब श्रीराम सुग्रीव से कहते हैं कि वह उनकी पत्नी को बाली से छुड़ाएंगे और उसका राज्य भी उसे वापस दिलाएंगे।
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लोकल रामलीला ग्राउंड प्राचीन रामलीला में दशरथ मरण और भरत मिलाप का मंचन
मंचन में भरत तीनों माताओं के साथ गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट की ओर प्रस्थान कर देते है, जहां पर भरत का श्रीराम से मिलाप होता है। भरत श्री रामचंद्र जी की चरण खड़ाऊ सर पर धारण कर अयोध्या के लिए वापस लौट जाते हैं। रात्रि लीला मंचन में दशरथ मरण, भरत मिलाप की लीला का मंचन देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।

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नेक कुकारों वाली रामलीला में सीता हरण का मंचन
कलाकारों द्वारा मंचन में सीता जी का हिरण के प्रति लगाव एवं लक्ष्मण रेखा पार कर रावण को भिक्षा देना उनके हरण का कारण बना। सूर्पनखा के प्रपंच के कारण ही भगवान श्रीराम ने खर-दूषण का वध किया और रावण ने मारीच के साथ मिलकर स्वयं साधु वेश धारण कर सीता हरण किया।
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