फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Ram Rahim back to Sunaria jail after 21 days furlough

Ram Rahim: 21 दिन की फरलो खत्म, राम रहीम सजा काटने पहुंचा सुनारिया जेल

Thu, 01 May 2025 06:05 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Published by: शाहिल शर्मा Updated Thu, 01 May 2025 06:05 PM IST
सार

21 दिन की फरलो पर बाहर आए हत्या और यौन शोषण के मामले में सजा काट रहा गुरमीत राम रहीम आज फिर रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काटने के लिए वापस पहुंच गया है। डिटेल में पढ़ें खबर...

विज्ञापन
Ram Rahim back to Sunaria jail after 21 days furlough
गुरमीत राम रहीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हत्या और यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम की गुरुवार को 21 दिन की फरलो खत्म हो गई। वह गुरुवार शाम करीब 5 बजे सुनारिया जेल पहुंचा। उसे छोड़ने के लिए हनीप्रीत तीन कारों से जेल परिसर पहुंची और कुछ समय बाद ही वापस आ गई। दरअसल, पत्रकार छत्रपति हत्याकांड और साध्वी यौन शोषण मामले में सजा याफ्ता राम रहीम को 13वीं बार 21 दिन की फरलो मिली थी। 
विज्ञापन


इस बार गुरमीत राम रहीम ने अपना पूरा समय सिरसा डेरे में बिताया। अधिकारियों ने बताया कि पैरोल को सजा में जोड़ा नहीं जाता है जबकि फरलो में सजा का समय जोड़ा जाता है। रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को 21 दिन की फरलो अदालत ने मंजूर की थी। 9 अप्रैल की सुबह साढ़े छह बजे वह हनीप्रीत के साथ सिरसा डेरे के लिए रवाना हुआ था। रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद राम रहीम की 21 दिन की फरलो कोर्ट ने मंजूर की थी। 9 अप्रैल की सुबह साढ़े छह बजे वह हनीप्रीत के साथ सिरसा डेरे के लिए रवाना हुए था।
विज्ञापन

 

क्या है पैरोल और फरलो?

जेल से एक निश्चित समय बिताने और व्यवहार के बाद पैरोल और फरलो की प्रक्रिया अदालत में शुरू की जाती है। हालांकि पैरोल की अवधि सजा में नहीं जोड़ी जाती है। जबकि फरलो की अवधि सजा में ही जोड़ी जाती है। इस बार 9 अप्रैल को राम रहीम सुबह करीब साढ़े छह बजे जेल से पुलिस सुरक्षा में बाहर गया था। इसी तरह बीती दो फरवरी को राम रहीम पैरौल पर बाहर आया था और इस बार वह 21 दिन की फरलो पर बाहर आया था। 

फरलो के लिए नियम

बंदी को पांच साल या उससे अधिक सजा हुई हो और कम से कम एक साल काट ली गई हो। जेल में कैदी का व्यवहार अच्छा हो और वह जेल में पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेता रहा हो। जेल में कैदी ने नियमों का कोई उल्लंघन न किया हो।

ये भी पढ़ें: Water Problem: हरियाणा में सभी एक्सईएन और जेई को निर्देश, अपना हेडक्वार्टर न छोड़ें, जरूरी पानी हो इस्तेमाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed