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प्रॉपर्टी टैक्स : कमरों के अंदर करनी पड़ी पब्लिक डीलिंग
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कार्यालय में टैक्स के पेपर को ठीक कराते लोग। अमर उजाला
रोहतक। नगर निगम के नये प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में गड़बड़ी के चलते सोमवार को नागरिक सुविधा केंद्र में बनाए गए 22 काउंटर पर भीड़ ज्यादा बढ़ गई। इसके चलते अधिकारियों को कमरों के अंदर पब्लिक डीलिंग पर लगाई गई रोक को हटाना पड़ा। निगम आयुक्त का कहना है कि काउंटर पर कंप्यूटर की कमी महसूस हुई। साथ ही टैक्स जमा कराने वालों की संख्या बढ़ रही है। इस कारण दिक्कत आई। जल्द कमियों को दूर कर काउंटर पर ही पब्लिक डीलिंग की जाएगी।
शहर में 10 साल बाद प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे हुआ है, जिससे प्रॉपर्टी आईडी बढ़कर डेढ़ लाख से 2 लाख 4 हजार हो गई हैं। सर्वे एजेंसी की तरफ से पिछले माह प्रॉपर्टी आईडी का डाटा नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर डाला गया है। जांच में पता लगा है कि लोगों के नाम व क्षेत्र में काफी त्रुटि सामने आ रही हैं। निगम आयुक्त ने सोमवार से पब्लिक डीलिंग नागरिक सुविधा केंद्र से करने की हिदायत दी थी। इसके लिए एक से सात काउंटर पर 22 वार्डों के लिए व्यवस्था की गई थी। सोमवार को काफी संख्या में लोग अपने प्रॉपर्टी टैक्स बिल ठीक कराने पहुंचे। भीड़ के चलते पब्लिक डीलिंग कमरों के अंदर चालू करनी पड़ी।
31 दिसंबर तक है ब्याज माफी योजना
सरकार की तरफ से 31 दिसंबर तक 2010 से अब तक बकाया प्रॉपर्टी टैक्स एक साथ जमा कराने पर ब्याज माफ किया जा रहा है। इसके चलते भी लोग समय रहते अपना टैक्स जमा करवा रहे हैं। दूसरा, निगम आयुक्त की कड़ी हिदायतों के चलते शहर में सीलिंग अभियान चलता रहा है। ऐसे में भी बकायदारों पर दबाव बढ़ रहा है।
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नये सर्वे में ज्यादा गड़बड़ी, 250 शिकायतें मिली
टैक्स ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि नये सर्वे के बाद 2 लाख 4 हजार प्रॉपर्टी को डाटा पोर्टल पर डाला गया है। इसमें किसी के नाम गलत हैं तो किसी का क्षेत्रफल कम या ज्यादा किया गया। किसी प्रॉपर्टी की आईडी ही बदली हुई है। शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को 250 के करीब शिकायतें आई हैं। उनको ऑनलाइन ही दुरुस्त किया जा रहा है।
वर्जन
नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र में ही पब्लिक डीलिंग होगी। सोमवार को 22 वार्ड के लिए सात काउंटर पर व्यवस्था की गई, लेकिन कंप्यूटर की कमी से दिक्कत आई। इस कारण कमरों के अंदर पब्लिक डीलिंग की अनुमति देनी पड़ी। दूसरा, टैक्स जमा कराने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। क्योंकि 31 दिसंबर तक ब्याज माफी योजना है। जल्द कमियों को दूर किया जाएगा।
- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम
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शहर में 10 साल बाद प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे हुआ है, जिससे प्रॉपर्टी आईडी बढ़कर डेढ़ लाख से 2 लाख 4 हजार हो गई हैं। सर्वे एजेंसी की तरफ से पिछले माह प्रॉपर्टी आईडी का डाटा नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर डाला गया है। जांच में पता लगा है कि लोगों के नाम व क्षेत्र में काफी त्रुटि सामने आ रही हैं। निगम आयुक्त ने सोमवार से पब्लिक डीलिंग नागरिक सुविधा केंद्र से करने की हिदायत दी थी। इसके लिए एक से सात काउंटर पर 22 वार्डों के लिए व्यवस्था की गई थी। सोमवार को काफी संख्या में लोग अपने प्रॉपर्टी टैक्स बिल ठीक कराने पहुंचे। भीड़ के चलते पब्लिक डीलिंग कमरों के अंदर चालू करनी पड़ी।
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31 दिसंबर तक है ब्याज माफी योजना
सरकार की तरफ से 31 दिसंबर तक 2010 से अब तक बकाया प्रॉपर्टी टैक्स एक साथ जमा कराने पर ब्याज माफ किया जा रहा है। इसके चलते भी लोग समय रहते अपना टैक्स जमा करवा रहे हैं। दूसरा, निगम आयुक्त की कड़ी हिदायतों के चलते शहर में सीलिंग अभियान चलता रहा है। ऐसे में भी बकायदारों पर दबाव बढ़ रहा है।
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नये सर्वे में ज्यादा गड़बड़ी, 250 शिकायतें मिली
टैक्स ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि नये सर्वे के बाद 2 लाख 4 हजार प्रॉपर्टी को डाटा पोर्टल पर डाला गया है। इसमें किसी के नाम गलत हैं तो किसी का क्षेत्रफल कम या ज्यादा किया गया। किसी प्रॉपर्टी की आईडी ही बदली हुई है। शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को 250 के करीब शिकायतें आई हैं। उनको ऑनलाइन ही दुरुस्त किया जा रहा है।
वर्जन
नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र में ही पब्लिक डीलिंग होगी। सोमवार को 22 वार्ड के लिए सात काउंटर पर व्यवस्था की गई, लेकिन कंप्यूटर की कमी से दिक्कत आई। इस कारण कमरों के अंदर पब्लिक डीलिंग की अनुमति देनी पड़ी। दूसरा, टैक्स जमा कराने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। क्योंकि 31 दिसंबर तक ब्याज माफी योजना है। जल्द कमियों को दूर किया जाएगा।
- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम