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फर्जी दस्तावेज से बनवाई प्रॉपर्टी आईडी और बन बैठा प्लॉट का मालिक

Wed, 22 Dec 2021 02:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 02:30 AM IST
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Property ID made with fake documents and became the owner of the plot
नीरज वर्मा
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रोहतक। नगर निगम कर्मियों से मिलीभगत करके रेलवे रोड के एक प्लॉट की फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनवाकर एक व्यक्ति मालिक बन बैठा। यही नहीं, प्लॉट पर दुकान व मकान भी बनवा लिया। इसका भंडाफोड़ विधानसभा कमेटी के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। एडीए (असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट एटॉर्नी) की संस्तुति पर निगम प्रशासन अब फर्जी आईडी से प्लॉट स्वामी बने व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज कराने जा रहा है। वहीं, निगम ने इस फजीवाड़ा में मामले में शामिल दो कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
रेलवे रोड पर श्याम सुंदर की करीब 57 गज जमीन है, जिसका एक व्यक्ति मालिक बन बैठा। उसने प्लॉट पर दुकान व घर भी बनवा लिया। फिलहाल यूपी में रह रहे जब श्याम सुंदर के घरवालों ने जमीन अपनी बताते हुए दस्तावेज दिखाए तो प्रदीप ने स्वयं को मालिक बताया। व्यक्ति ने निगम के दस्तावेज भी श्यामसुंदर के परिजनों के सामने रख दिए, जिसमें उसके नाम से ही प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई थी। परेशान श्यामसुंदर की पत्नी इमरती देवी ने विधानसभा कमेटी से 13 अक्तूबर 2021 में शिकायत की। विधानसभा कमेटी के आदेश पर 14 अक्तूबर को मामले की जांच संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार को सौंपी गई।
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संयुक्त आयुक्त की जांच में खुलासा हुआ है कि व्यक्ति ने निगमकर्मी अनिल और राजपाल से मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा किया है। संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि विधानसभा कमेटी के पास पहुंची शिकायत पर जांच की गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि व्यक्ति ने निगमकर्मी अनिल व राजपाल से मिलीभगत कर दस्तावेजों में ओवर राइटिंग की। कूटरचित दस्तावेजों से श्यामसुंदर के प्लॉट पर व्यक्ति के नाम से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाई। जांच रिपोर्ट एडीए के पास भेजी गई, जहां से मिले निर्देश पर व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। निगमकर्मी अनिल व राजपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
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वर्जन-
कूटरचित दस्तावेज से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनवाने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम के जिन कर्मियों के नाम इसमें सामने आए हैं, उनसे जवाब तलब कर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर आयुक्त रोहतक
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जांच की आंच गिर चुकी है जेडटीओ व छह कर्मियों पर
रोहतक। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप आमजन ही नहीं पार्षद भी लगाते रहे हैं। इन आरोपों को लेकर पार्षद न सिर्फ सदन का बहिष्कार कर चुके हैं बल्कि तीन दिन तक धरने पर भी बैठे रहे। जब जांच हुई तो जेडटीओ व छह कर्मी गड़बड़ी के दोषी पाए गए। पार्षदों ने जांच रिपोर्ट को एकतरफा बताते हुए दोबारा जांच की मांग की जिस पर शासन ने एडीसी को जांच के आदेश दिए हैं।

नगर निगम का सदन 20 सितंबर को बुलाया गया, जिसमें पार्षदों ने प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंग ब्रांच में हुई गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सदन का बहिष्कार किया। इसके बाद पार्षदों ने जांच करवाकर दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर निगम परिसर में तीन दिन तक धरना-प्रदर्शन दिया। तब पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर मनमोहन गोयल और भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल ने संयुक्त रूप से जांच करवाकर कार्रवाई का भरोसा दिया तब कहीं जाकर धरना खत्म हुआ। इस मामले की जांच सीटीपी केके वार्ष्णेय को सौंपी गई। जिसमें तत्कालीन जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा समेत छह कर्मियों को पार्षदों द्वारा की गई शिकायत में दोषी पाया गया। नगर आयुक्त ने तत्काल जगदीश चंद्र शर्मा को जेडटीओ पद से हटा दिया और शासन से कार्रवाई की संस्तुति की। बावजूद इसके पार्षदों ने जांच को एकतरफा बताते हुए दोबारा जांच की मांग की, जिस पर शासन ने एडीसी महेंद्रपाल को जांच सौंप दी है।
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