फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   PGIMS Rohtak, Karnal and Mewat Medical College will work on three big projects received from ICMR

हरियाणा: आईसीएमआर से मिले तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम करेंगे पीजीआईएमएस रोहतक, करनाल व मेवात मेडिकल कॉलेज

Wed, 20 Apr 2022 01:42 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 20 Apr 2022 01:42 AM IST
सार

किशोरियों, महिलाओं की स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट तैयार करने के साथ विशेषज्ञ एचआईवी संक्रमितों से मिलेंगे। तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्य करेंगे। 

विज्ञापन
PGIMS Rohtak, Karnal and Mewat Medical College will work on three big projects received from ICMR
पीजीआई रोहतक, करनाल, मेवात के एक्सपर्ट की टीम पीजीआई वीसी डॉ. अनिता सक्सेना से मिलती। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीजीआईएमएस रोहतक, केसीजीएमसी करनाल मेडिकल कॉलेज व एसएचकेएम मेवात मेडिकल कॉलेज इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च आईसीएमआर नई दिल्ली से मिले तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर हरियाणा के विभिन्न जिलों में कार्य करेंगे। इसमें पहला प्रोजेक्ट 10 से 19 साल की लड़कियों को न्यूट्रिशियन एजुकेशन देने से लेकर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।

विज्ञापन


दूसरे महिलाओं में विटामिन डी की कमी व धूप में उनका कितनी देर बाहर रहना होता है, पर रिपोर्ट तैयार होगी। महिलाओं व किशोरियों की जांच कर उन्हें बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। तीसरे एचआईवी संक्रमितों को उन्हें मिलने वाली योजना व सुविधाओं के बारे में पूछा जाएगा कि वह कितने जागरूक हैं। इनको स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वालों से भी पूछा जाएगा कि वह मरीजों को लेकर वह क्या समझते हैं और वे कैसी परेशानियों का सामना करते हैं।  
विज्ञापन


प्रोजेक्ट एक
10 से 19 साल की किशोरियों में न्यूट्रिशियन की स्थिति
स्थान : पंचकूला, झज्जर, रोहतक
संख्या : दो हजार सदस्य प्रत्येक जिला
समय : एक साल
डॉ. बीएम वशिष्ठ ने बताया कि चयनित आयु की लड़कियों में न्यूट्रिशन का स्तर जांचने के लिए प्रदेश में निम्न, मध्यम व हाई क्लास के जिले लिए गए हैं। इसमें पंचकूला, रोहतक व झज्जर को शामिल किया गया है। इसमें लड़कियों की लंबाई, वजन, एचबी, बीपी आदि की जांच की जाएगी। वह क्या खाती हैं और उन्हें क्या समस्या है, पर रिपोर्ट तैयार होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से एक-एक हजार कुल दो हजार लड़कियों को प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। इन्हें हर माह न्यूट्रिशन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा और सालभर बाद फिर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि हम आहार में क्या लेते हैं और कैसे लेना चाहिए।

क्योंकि सही खानपान न होने के साथ हेल्दी फूड गलत तरीके से खाना भी न्यूट्रिशन को समाप्त कर देता है। जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं को बताने के अलावा किचन गार्डनिंग के माध्यम से घर में ही सब्जी उगाना बताया जाएगा। 

एक्सपर्ट
प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर : डॉ. बीएम वशिष्ठ पीजीआईएमएस रोहतक
सहयोगी प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर : डॉ. गरिमा  सांगवान करनाल मेडिकल कॉलेज व डॉ. प्रतिभा पीजीआईएमएस रोहतक
बजट : 24,90,000 रुपये

प्रोजेक्ट दो
महिलाओं में विटामिन डी की स्थिति
स्थान : मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर
संख्या : 720
समय : एक साल
डॉ. बीएम वशिष्ठ ने बताया कि महिलाओं में विटामिन डी की कमी होना सामान्य बात है। क्योंकि यह वर्ग धूप में निकलने से बचता है। हर जिले में छह सब सेंटर बनाए जाएंगे और हर सेंटर में 30 महिलाओं को प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। इन महिलाओं की विटामिन डी, कैल्शियम, सीरम फास्फोरस आदि जांच होंगी। इसमें महिलाओं को बताया जाएगा कि वह रोजाना थोड़ी देर धूप में अवश्य बैठें। समस्या है तो सन्सक्रीम लगाकर धूप में जरूरत बैठें। इससे विटामिन मिलने के साथ हड्डी मजबूत होती है। इस प्रोजेक्ट के लिए एक खास स्तर के जिले को शामिल किया गया है। 

एक्सपर्ट
प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर : डॉ. बीएम वशिष्ठ, पीजीआईएमएस रोहतक
सह प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर : डॉ. संगीता, मेवात मेडिकल कॉलेज व डॉ. प्रतिभा पीजीआईएमएस रोहतक
बजट : 11,22,000 रुपये

प्रोजेक्ट तीन
एचआईवी मरीजों के लिए
डॉ. बीएम वशिष्ठ ने बताया कि एचआईवी संक्रमित मरीजों को पीजीआईएमएस स्थित एआरटी सेंटर में सभी सुविधाएं दी जाती हैं। यहां सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत मरीजों से पूछा जाएगा कि उन्हें कितनी योजनाओं का पता है और उन्हें कितने लाभ मिलते हैं। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी और उन्हें क्या समस्या है और क्या सुविधा नहीं मिल पा रही इसकी जानकारी भी एकत्रित की जाएगी।


साथ ही इन्हें सुविधा उपलब्ध करवाने वालों से पूछा जाएगा कि क्या मरीज उपचार के लिए स्वयं सामने आ रहे हैं या उन्हें जागरूक किया जा रहा है। इस संबंध में उनका क्या अनुभव है। यह चार माह की रिसर्च होगी। इसकी रिपोर्ट नाको को भी भेजी जाएगी। 

एक्सपर्ट
प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर : डॉ. बीएम  वशिष्ठ, पीजीआईएमएस रोहतक
सह प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर : डॉ. अरूप शाह, पीजीआईएमएस रोहतक व डॉ. ज्योत्सना पीजीआईएमएस रोहतक
बजट : 1 लाख रुपये
समय : चार माह

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed