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201 अत्याधुनिक वेंटिलेटर व 2050 बेड की क्षमता से लैस पीजीआईएमएस लड़ेगा कोरोना से जंग
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का सामना करने के लिए पीजीआईएमएस एक बार फिर तैयार है। संस्थान के पास 201 अत्याधुनिक वेंटिलेटर, 255 मॉनीटर, 2050 से अधिक बेड हैं। इसके अलावा यहां पांच से छह हजार के करीब डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ कोरोना से लोगों के जीवन को बचाने के लिए तैयार हैं।
कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए पीजीआईएमएस प्रशासन फिर अलर्ट पर है। नौ अप्रैल शुक्रवार से संस्थान ने अपने धनवंतरी अपेक्स ट्रॉमा सेंटर को फिर से कोविड अस्पताल घोषित कर दिया है। यहां पर 66 से अधिक वेंटिलेटर मरीजों को गंभीर अवस्था में उपचार देने में सक्षम है। इसके अलावा डे केयर के आईसीयू को भी कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं हाई फ्लो ऑक्सीजन व मरीजों के लिए अन्य सुविधाओं का भी प्रशासन ने प्रबंध कर दिया है। वार्ड 24, 25 व 26 को कोरोना मरीजों के लिए पहले ही आरक्षित किया गया है। वहीं ओपीडी कार्ड बनाने का समय सुबह नौ बजे से 11 बजे का तय किया गया है। इसके बाद बाहर से आने वाले मरीज का कार्ड डॉक्टर की अनुशंसा पर ही बनाया जाएगा।
संक्रमणकाल में बढ़ी डॉक्टरों की संख्या
निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि संस्थान ने मंगलवार मेडिसिन में दो, सर्जरी में एक, मेडिसिन में एक, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में एक, पीडियाट्रिक्स सर्जरी में एक व कार्डियक सर्जरी में एक सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति की है। इनके संस्थान अप्वाइंटमेंट लेटर जारी कर रहा है। यह टीम भी संस्थान से जुड़ कर कोरोना के मरीजों के उपचार में मददगार बनेगी। 13 अप्रैल को बाल रोग विभाग के लिए वॉक इन इंटरव्यू होना है, इसमें कांट्रेक्ट आधार पर सहायक प्रोफेसर के लिए योग्य डॉक्टर आवेदन कर सकता है।
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निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव से सीधी बातचीत
सवाल : कोरोना के लिए हम कितना तैयार हैं
जवाब : हर तरह से, हमारे पास किसी चीज की कमी नहीं है। 2050 से अधिक बेड, 200 से अधिक वेंटिलेटर और पर्याप्त स्टाफ हमें कोरोना को हराने में मदद करेगा। हम 20 वेंटिलेटर करनाल को दे चुके हैं और 10 वेंटिलेटर भी उन्हें देने की तैयारी में हैं, जिन्हें इनकी जरूरत है। इसके लिए सरकार को पत्र लिख दिया है।
सवाल : पीजीआईएमएस में दाखिल मरीजों की जिम्मेदारी किसकी है
जवाब : हमारे मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीके कत्याल की। इसके अलावा डॉ. राजेश राजपूत, डॉ. हरप्रीत, डॉ. सुधीर अत्री, डॉ. तराना गुप्ता को भी कोरोना वार्ड से संबंधित जिम्मेदारी दी गई हैं। यदि किसी मरीज को समस्या या शिकायत है तो संबंधित डॉक्टर से संपर्क कर सकता है। यहां पर भी समाधान नहीं होता तो वह कोविड कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दे सकता है। यहां डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. हरनीत आदि डॉक्टर उनकी मदद करेंगे।
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कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए पीजीआईएमएस प्रशासन फिर अलर्ट पर है। नौ अप्रैल शुक्रवार से संस्थान ने अपने धनवंतरी अपेक्स ट्रॉमा सेंटर को फिर से कोविड अस्पताल घोषित कर दिया है। यहां पर 66 से अधिक वेंटिलेटर मरीजों को गंभीर अवस्था में उपचार देने में सक्षम है। इसके अलावा डे केयर के आईसीयू को भी कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं हाई फ्लो ऑक्सीजन व मरीजों के लिए अन्य सुविधाओं का भी प्रशासन ने प्रबंध कर दिया है। वार्ड 24, 25 व 26 को कोरोना मरीजों के लिए पहले ही आरक्षित किया गया है। वहीं ओपीडी कार्ड बनाने का समय सुबह नौ बजे से 11 बजे का तय किया गया है। इसके बाद बाहर से आने वाले मरीज का कार्ड डॉक्टर की अनुशंसा पर ही बनाया जाएगा।
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संक्रमणकाल में बढ़ी डॉक्टरों की संख्या
निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि संस्थान ने मंगलवार मेडिसिन में दो, सर्जरी में एक, मेडिसिन में एक, बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में एक, पीडियाट्रिक्स सर्जरी में एक व कार्डियक सर्जरी में एक सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति की है। इनके संस्थान अप्वाइंटमेंट लेटर जारी कर रहा है। यह टीम भी संस्थान से जुड़ कर कोरोना के मरीजों के उपचार में मददगार बनेगी। 13 अप्रैल को बाल रोग विभाग के लिए वॉक इन इंटरव्यू होना है, इसमें कांट्रेक्ट आधार पर सहायक प्रोफेसर के लिए योग्य डॉक्टर आवेदन कर सकता है।
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सवाल : कोरोना के लिए हम कितना तैयार हैं
जवाब : हर तरह से, हमारे पास किसी चीज की कमी नहीं है। 2050 से अधिक बेड, 200 से अधिक वेंटिलेटर और पर्याप्त स्टाफ हमें कोरोना को हराने में मदद करेगा। हम 20 वेंटिलेटर करनाल को दे चुके हैं और 10 वेंटिलेटर भी उन्हें देने की तैयारी में हैं, जिन्हें इनकी जरूरत है। इसके लिए सरकार को पत्र लिख दिया है।
सवाल : पीजीआईएमएस में दाखिल मरीजों की जिम्मेदारी किसकी है
जवाब : हमारे मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीके कत्याल की। इसके अलावा डॉ. राजेश राजपूत, डॉ. हरप्रीत, डॉ. सुधीर अत्री, डॉ. तराना गुप्ता को भी कोरोना वार्ड से संबंधित जिम्मेदारी दी गई हैं। यदि किसी मरीज को समस्या या शिकायत है तो संबंधित डॉक्टर से संपर्क कर सकता है। यहां पर भी समाधान नहीं होता तो वह कोविड कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दे सकता है। यहां डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. हरनीत आदि डॉक्टर उनकी मदद करेंगे।