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पीजीआई के बाल रोग विशेषज्ञ हर जिले के चयनित डॉक्टरों को 22 से देंगे ट्रेनिंग

Tue, 15 Jun 2021 01:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 01:48 AM IST
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PGI's pediatricians will give training to the selected doctors of every district from 22
पीजीआईएमएस में प्रदेश के हर जिले के चयनित सरकारी डॉक्टरों को बाल रोग विशेषज्ञ 22 जून से ट्रेनिंग देंगे। प्रदेश सरकार के आदेश पर कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ बैठक कर ट्रेनिंग देने की रणनीति बनाई। वहीं, नर्सिंग स्टाफ को भी कोरोना संक्रमित बच्चे की देखरेख की ट्रेनिंग मिलेगी।
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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका है। प्रदेश सरकार हर स्तर पर बच्चों को समुचित उपचार देने की तैयारी में जुटी है। बच्चों के डॉक्टरों की कमी से निपटने के लिए हर जिले के डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग दिलवाने का फैसला लिया गया है ताकि हर बच्चे को सही उपचार मिले। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि डॉक्टरों को ट्रेनिंग देने के बाद सीएचसी व पीएचसी पर बच्चों को समुचित उपचार मिल सकेगा। इसके चलते सोमवार को कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने बाल रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ बैठक की। इसमें तय हुआ कि 22 जून से पीजीआईएमएस में ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू की जाएगी। एक बार में तीन जिलों के डॉक्टरों को ट्रेनिंग मिलेगी। शून्य से 14 साल तक के बच्चों के लक्षण, दवा, उपचार आदि के बारे में बताया जाएगा। नर्सों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें संक्रमित बच्चों की देखरेख, ऑक्सीजन मास्क लगाने, ब्लड प्रेशर जांच, इंजेक्शन आदि लगाने की जानकारी दी जाएगी।
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कैनुला लगाने वाले डॉक्टरों की नहीं होने देंगे कमी
रोहतक। बच्चों में कैनुला (ड्रिप चढ़ाने के लिए लगने वाली सुई) हर कोई नहीं लगा सकता। नियमानुसार कम से कम पीजी प्रथम वर्ष का छात्र बच्चों में कैनुला लगा सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों की माने तो पीजीआईएमएस के बाल रोग विभाग में पीजी प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के 39 विद्यार्थी है। इन पीजी छात्रों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगती है यानी एक शिफ्ट में 13 छात्र होंगे। ऐसे में कोरोना संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़ी को कैनुला लगाने वाले छात्रों का संकट हो सकता है। जिसके निदान के लिए पीजीआई प्रशासन जुटा है।
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पीजीआई में प्रदेश के हर जिले से आने वाले डॉक्टरों को 22 जून से ट्रेनिंग दी जाएगी। एक बार में तीन जिले के डॉक्टर ट्रेनिंग लेंगे। नर्सों को भी कोरोना संक्रमित बच्चों के उपचार की बारीकी से जानकारी दी जाएगी। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। कैनुला लगाने की अन्य डॉक्टरों को ट्रेनिंग देकर कमी पूरी की जाएगी।

- कुंदन मित्तल, बाल रोग विशेषज्ञ, पीजीआईएमएस
प्रदेश सरकार के आदेश पर हर जिले से आने वाले डॉक्टरों व नर्सों को ट्रेनिंग देने की रणनीति बना ली गई है। विशेषज्ञ डॉक्टर कोरोना संक्रमित बच्चों के उपचार के बारे में जानकारी देंगे।
- डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, पीजीआईएमएस
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