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बिजली गुल होने से फंसी पीजीआई की लिफ्ट, बाहर निकालते समय गिरकर बुजुर्ग की मौत

Tue, 26 Jul 2016 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 26 Jul 2016 02:08 AM IST
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PGI lift stuck to the power failure , the death of a man
पीजीअाइ राेहतक - फोटो : अमर उजाला
पीजीआई की ओपीडी में करोड़ों की लागत से लगाई गई लिफ्ट ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। बिजली जाने के कारण करीब आठ मरीज और उनके परिजन लिफ्ट में दूसरी मंजिल पर फंस गए। लिफ्ट में फंसे लोगों को बाहर निकालते समय एक बुजुर्ग लिफ्ट के बीच की खाली जगह से नीचे गिर गये। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। परिजनों ने पीजीआई प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 
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सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पीजीआई की ओपीडी में अचानक बिजली चली गई। इससे ओपीडी में लगी लिफ्ट बीच में रुक गई। लिफ्ट नंबर आठ में दूसरी मंजिल पर करीब आठ मरीज और उनके परिजन फंस गए। लिफ्ट में फंसे लोगों ने सायरन बजाया तो लिफ्टमैन मौके पर पहुंचा। उसने लिफ्ट का गेट खोलकर फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। लेकिन लिफ्ट के बीच में फंसे होने के कारण उसका आधा गेट ही खुल सका था। लिफ्ट में फंसे मरीज और उनके परिजन किसी तरह बाहर निकल गए, मगर इसी बीच बाहर निकलते समय संतुलन बिगड़ने से जनता कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय आनंद लिफ्ट और फ्लोर के बीच की खाली जगह से नीचे गिर गये।
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हादसे के बाद ओपीडी में अफरातफरी मच गई। मौके पर कुलपति डॉ. ओपी कालरा समेत अन्य अधिकारी और सुरक्षाकर्मी पहुंच गए। मशक्कत के बाद आनंद को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में बुजुर्ग को आपातकालीन विभाग में लाया गया, लेकिन इससे पहले ही बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि दूसरी मंजिल से नीचे गिरने के कारण बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोट लगी थी। बुजुर्ग के पास से मिले फोन नंबर के आधार पर उसके परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद मृतक का बेटा प्रदीप और पत्नी सोना देवी पहुंचे। परिजनों ने पीजीआई प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
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जिंदगी की आस में मिली मौत 
आनंद की पत्नी सोना ने बताया कि उनका बेटा घर पर सिलाई का काम करता है, जिसमें आनंद भी सहयोग करते हैं। पिछले कई दिनों से आनंद पथरी के दर्द से परेशान थे। रात-रात भर सो नहीं पा रहे थे। सोमवार को पीजीआई में पथरी का उपचार कराने के लिए आए थे। पथरी के दर्द ने तो उनकी जान बख्श दी थी, लेकिन पीजीआई प्रबंधन की लापरवाही ने एक झटके में उनकी सांसें ही छीन ली।

वाह रहे पीजीआई, आठ लिफ्ट पर एक लिफ्टमैन
मरीजों की सुविधा के लिए पीजीआई में कुछ समय पहले ही आठ लिफ्ट लगाई गई हैं। इन पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं। नियमानुसार, प्रत्येक लिफ्ट के लिए अलग-अलग लिफ्टमैन होना चाहिए, लेकिन पीजीआई में आठ लिफ्ट को ऑपरेट करने के लिए केवल एक लिफ्टमैन है। पीजीआई प्रबंधन की यह लापरवाही तब है जबकि रोजाना काफी संख्या में मरीज लिफ्ट का प्रयोग करते हैं। इससे भी बड़ी लापरवाही तो यह है कि लिफ्ट के लिए अलग से जनरेटर का कनेक्शन नहीं है। सूत्रों की मानें तो कई ओपीडी अधिकारियों की तरफ से उच्च अधिकारियों को पत्र लिखे जा चुके हैं कि हर लिफ्ट के लिए अलग-अलग लिफ्टमैन तैनात किया जाए, लेकिन पत्र फाइलों में ही सिमटकर रह गए। यदि उन पत्रों पर गंभीरता दिखाई जाती तो शायद हादसा न होता। 


जो घटना हुई है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। पैर फिसलने के कारण बुजुर्ग की मौत हुई है। इस बारे में वीसी से बात की गई है। हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। 
- डॉ. राकेश गुप्ता, डायरेक्टर पीजीआई 
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