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Rohtak News: पीजीआई में रोबोटिक तकनीक से इलाज की तैयारी, सरकार को भेजा नए उपकरण खरीदने का प्रपोजल
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41-पीजीआई में आयोजित चौथे रिसर्च कॉन्क्लेव के शुभारंभ अवसर पर सुश्रुत ऑडिटोरियम में उपस्थित वि
रोहतक। पीजीआई में रोबोटिक तकनीक से इलाज की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए सरकार को एआई आधारित नए उपकरण उपलब्ध कराने का प्रपोजल भेजा गया है। सरकार उपकरण खरीद कर संस्थान को उपलब्ध कराएगी। यह कहना है स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल का।
वह शुक्रवार को पीजीआई के सुश्रुत सभागार में ट्रांसफॉर्मिंग रिसर्च विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: इम्पैक्ट ऑन हेल्थ थीम विषय पर हुए चौथे रिसर्च कॉन्क्लेव में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे।
कुलपति ने कहा कि वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह तकनीक कारगर है। इसने कई मुश्किल काम आसान बना दिए हैं। इसीलिए यह कार्यक्रम किया गया है। इसमें 600 पंजीकरण हुए हैं। इनमें से 250 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए हैं।
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यह विश्वविद्यालय में शोध के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। ऐसे कार्यक्रमों से नए चिकित्सकों को सीखने का अवसर मिलेगा। संस्थान में भी नई तकनीक लाने पर जोर दिया जा रहा है। कुछ आधुनिक उपकरण मिले हैं। सरकार को भेजे गए प्रपोजल में मरीजाें के लिए और बेहतर सुविधाओं की मांग की गई है। इसमें विभिन्न विभागों के लिए जरूरी उपकरणों की मांग की गई है।
सरकार जल्द ही उपकरण खरीद कर मुहैया कराएगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक डॉ. एसके सिंघल, डॉ. एमजी वशिष्ठ, डॉ. अशोक चौहान, डॉ. कुंदन मित्तल, डॉ. मंदीप सचदेवा व डॉ. पुष्पा दहिया मौजूद रहे।
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वह शुक्रवार को पीजीआई के सुश्रुत सभागार में ट्रांसफॉर्मिंग रिसर्च विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: इम्पैक्ट ऑन हेल्थ थीम विषय पर हुए चौथे रिसर्च कॉन्क्लेव में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे।
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कुलपति ने कहा कि वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह तकनीक कारगर है। इसने कई मुश्किल काम आसान बना दिए हैं। इसीलिए यह कार्यक्रम किया गया है। इसमें 600 पंजीकरण हुए हैं। इनमें से 250 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए हैं।
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यह विश्वविद्यालय में शोध के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। ऐसे कार्यक्रमों से नए चिकित्सकों को सीखने का अवसर मिलेगा। संस्थान में भी नई तकनीक लाने पर जोर दिया जा रहा है। कुछ आधुनिक उपकरण मिले हैं। सरकार को भेजे गए प्रपोजल में मरीजाें के लिए और बेहतर सुविधाओं की मांग की गई है। इसमें विभिन्न विभागों के लिए जरूरी उपकरणों की मांग की गई है।
सरकार जल्द ही उपकरण खरीद कर मुहैया कराएगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक डॉ. एसके सिंघल, डॉ. एमजी वशिष्ठ, डॉ. अशोक चौहान, डॉ. कुंदन मित्तल, डॉ. मंदीप सचदेवा व डॉ. पुष्पा दहिया मौजूद रहे।

41-पीजीआई में आयोजित चौथे रिसर्च कॉन्क्लेव के शुभारंभ अवसर पर सुश्रुत ऑडिटोरियम में उपस्थित वि