{"_id":"65bd25f80ef099858307f704","slug":"patwari-will-participate-in-the-protest-rally-tomorrow-rohtak-news-c-17-roh1019-350592-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: कल आक्रोश रैली में भाग लेंगे पटवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: कल आक्रोश रैली में भाग लेंगे पटवारी
Fri, 02 Feb 2024 10:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 02 Feb 2024 10:57 PM IST
विज्ञापन
रोहतक। पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की आठवें चरण की हड़ताल का शुक्रवार को आखिरी दिन रहा। पटवारियों का कहना है, सरकार हमारी मांगो के प्रति अभी जागी नहीं है, लेकिन हम इसी एकता और भाईचारे के साथ लड़ाई लड़ते रहेंगे। इसलिए राज्य कार्यकारिणी ने विचार विमर्श करके सांकेतिक धरने को 7 फरवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
चार फरवरी को होने वाली आक्रोश रैली में भी पटवारी भाग लेंगे। पटवारियों का कहना है, कोई ठोस समाधान निकलने तक धरने इसी प्रकार चलते रहेंगे। इस बीच कोई भी किसी प्रकार का गिरदावरी या अन्य कोई कार्य नहीं करेगा। पटवारी एसोसिएशन के प्रधान जयवीर चहल और पवन सांवरिया ने बताया कि राज्य में 17 जिलों में पटवारी धरने पर बैठे हैं। परेशान हो रही जनता और सरकार को होने वाले नुकसान की जिम्मेदार सरकार स्वयं है। पटवारियों के चलते ग्रामीण इलाकों की हजारों रजिस्ट्री रुकी पड़ी है। शहर की रजिस्ट्री पीपीपी आईडी से हो जाती है, लेकिन निशानदेही समेत अन्य कार्य पटवारियों के द्वारा किए जाते हैं। उसी के चलते ग्रामीण एरिया की रजिस्ट्री ठप है। लोग काम करवाने आते हैं और पटवारियों को हड़ताल पर बैठ देखकर वापस चले जाते हैं।
विज्ञापन
चार फरवरी को होने वाली आक्रोश रैली में भी पटवारी भाग लेंगे। पटवारियों का कहना है, कोई ठोस समाधान निकलने तक धरने इसी प्रकार चलते रहेंगे। इस बीच कोई भी किसी प्रकार का गिरदावरी या अन्य कोई कार्य नहीं करेगा। पटवारी एसोसिएशन के प्रधान जयवीर चहल और पवन सांवरिया ने बताया कि राज्य में 17 जिलों में पटवारी धरने पर बैठे हैं। परेशान हो रही जनता और सरकार को होने वाले नुकसान की जिम्मेदार सरकार स्वयं है। पटवारियों के चलते ग्रामीण इलाकों की हजारों रजिस्ट्री रुकी पड़ी है। शहर की रजिस्ट्री पीपीपी आईडी से हो जाती है, लेकिन निशानदेही समेत अन्य कार्य पटवारियों के द्वारा किए जाते हैं। उसी के चलते ग्रामीण एरिया की रजिस्ट्री ठप है। लोग काम करवाने आते हैं और पटवारियों को हड़ताल पर बैठ देखकर वापस चले जाते हैं।
विज्ञापन