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Rohtak News: पीजीआई में कर्मचारियों और प्रशासन की तकरार के बीच मरीज परेशान

Sat, 14 Jun 2025 02:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sat, 14 Jun 2025 02:29 AM IST
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Patients are troubled due to the conflict between the employees and administration in PGI
13सीटीके21...रोहतक में शुक्रवार को ओपीडी में टूटे पैर को पेटी पर रख स्ट्रेचर पर इलाज करवाने पहु
संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। पीजीआई में अनुबंधित कर्मचारियों और प्रशासन की तकरार के बीच मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। तीमारदार मरीजों को खुद ही स्ट्रेचर पर ले जाने को मजबूर हैं। यही नहीं, मरीज का टूटा पैर गत्ते की पेटी पर रखा गया है। इनके लिए कोई सुविधा नहीं है। वार्डों में मरीजों के बिस्तर पर चादर तक नहीं बिछाई गई है। मरीजों को बिना चादर के ही बिस्तर पर लेटना पड़ रहा है। कुछ मरीज तो घर से ही चादर लेकर पहुंचे। तीमारदार ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर मरीज को जांच करवाने के लिए चक्कर लगाते रहे। अगर रास्ते में ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो जाता है तो इससे मरीज की जान जाने का भी खतरा बना रहता है।
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सात दिन हो गए यहां आए हुए, जिस दिन आए थे, उस दिन चादर खून से सनी चादर बिछी हुई थी। इसके बाद चादर बदलने के लिए दी ही नहीं। खुद घर से चादर लेकर आएं हैं।
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- गुड्डी, तीमारदार

वार्ड 3 में भर्ती मरीजों ने बताया यहां पर न एसी है, न पंखे की हवा लगती है। सफाई अच्छे से नहीं होती है। रात में भी मच्छर काटते हैं। कूलर लगा है, लेकिन बिस्तर तक नहीं पहुंचती।
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- बाला, तीमारदार

चादर मैली हो गई थी, उसे हटा दिया था। इसके बाद दूसरी चादर लेने के लिए गए, लेकिन मिली नहीं। प्लास्टिक का कवर ही लगा हुआ है, इस कारण गर्मी भी लगती है।
- पुष्पा, तीमारदार

जांच होनी है मरीज की, लेकिन कोई बैरर ही नहीं मिला। खुद ही स्ट्रेचर पर लेकर आए हैं। परेशानी तो हो ही रही है, ऐसे लेकर जाने में अगर रास्ते में कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा।
- कपिल, तीमारदार
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चार महीने बाद भी हमें एचकेआरएन में शामिल नहीं किया
अनुबंधित कर्मचारियों ने बताया हमने पहले भी हड़ताल की थी, लेकिन उस समय आपात सेवाएं चालू रखी थीं। उस समय आश्वासन मिला था की आपको एक महीने में एचकेआरएन में शामिल कर दिया जाएगा। चार महीने बाद भी हमें एचकेआरएन में शामिल नहीं किया गया। इस बार हड़ताल के बारे में पहले ही बता दिया था। ठेकेदार ने हमें बुलाया क आप हड़ताल मत करो, दस दिन में आपका काम हो जाएगा। उस समय हमने लिखित में ये चीज मांगी, लेकिन ठेकेदार ने नहीं दिया। तो मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कटारिया ने विजय पार्क में पहुंचकर अनुबंधित कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे का शिकार हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन भी धारण किया।



कर्मचारियों को विजय पार्क में हड़ताल करने से रोकने के लिए नोटिस दिया गया है कि वह पार्क में हड़ताल न करें। इसके लिए पुलिस को शिकायत दे दी गई है। व्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई

13सीटीके21...रोहतक में शुक्रवार को ओपीडी में टूटे पैर को पेटी पर रख स्ट्रेचर पर इलाज करवाने पहु

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