फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Parshuram Janmotsav being celebrated in Pahrawar village of Rohtak

Rohtak: विश्व में सबसे ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा पहरावर में होगी स्थापित, जन्मोत्सव में उमड़ी भीड़

Sun, 21 May 2023 12:21 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 21 May 2023 12:21 PM IST
सार

परशुराम जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने लोगों को संबोधित किया। शक्ति प्रदर्शन कर कहा कि पहरावर में पहली ईंट परशुराम मंदिर की ही लगेगी।

विज्ञापन
Parshuram Janmotsav being celebrated in Pahrawar village of Rohtak
पहरावर में परशुराम जन्मोत्सव में पहुंचे नवीन जयहिंद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

हरियाणा के रोहतक के पहरावर में परशुराम जन्मोत्सव के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद व उनके समर्थकों ने फरसा लहराकर शक्ति प्रदर्शन किया और सरकार को मंच से खुली चुनौती देते हुए आपत्तिजनक इशारा भी किया। मंच से नवीन जयहिंद ने स्पष्ट कहा कि पहरावर में पहली ईंट परशुराम मंदिर की ही लगेगी। यहां विश्व की सबसे ऊंची 121 फीट की भगवान परशुराम की प्रतिमा भी स्थापित होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका किसी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। वह 36 बिरादरी के साथ हैं।

विज्ञापन


भगवान परशुराम जयंती को लेकर नवीन जयहिंद व सरकार के बीच चल रहा विवाद रविवार को पहरावर के मंच पर खुले रूप में दिखाई दिया। कार्यक्रम में दादा दुलीचंद को मुख्यातिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। मंच से नवीन जयहिंद ने अपने 21 मिनट के भाषण में कई बार सरकार को चुनौती दी।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ब्राह्मण बोदा (कमजोर) नहीं योद्धा हैं। कार्यक्रम में हरियाणा ही नहीं बल्कि दिल्ली, राजस्थान, यूपी से भी लोग पहुंचे हैं ओर किसी को रुपये देकर नहीं बुलाया है। सभी यहां कुछ न कुछ देकर ही जाएंगे। पहरावर की जमीन फरसाधारियों ने सरकार से ली है। यहां नगर निगम ने पहले अपना बोर्ड लगाया था, जिसे हमने उखाड़ फेंका। 14 साल से हमारी जमीन पर कब्जा कर रखा था।


सच यह है कि अब तक सत्ता में रही सरकारें यह जमीन देना ही नहीं चाहती थीं, इसलिए कभी आठ करोड़ मांगती थीं तो कभी अनुमति नहीं देने की बात करती थीं। अब 36 बिरादरी ने मिलकर यह जमीन ले ली है। सरकार ने यहां परशुराम जयंती मनाने से रोका।

विभीषण ब्राह्मण नहीं भीषण ब्राह्मण की जरूरत
जयहिंद ने बताया कि उनके पास कई नेताओं के फोन आए तो उनको कहा कि वह मुंडन कराकर आएं, लेकिन कोई नहीं आया। अब विभीषण ब्राह्मण नहीं भीषण ब्राह्मण की जरूरत है। कार्यक्रम में आ रहे लोगों की गाड़ियों को आने से रोका गया, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। यहां जाट, ठाकुर, यादव, गुज्जर, पंजाबी समेत 36 बिरादरी के लोग हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed