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24 घंटे में संचालित करें विद्युत शवदाह गृह
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जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने आदेश दिए हैं कि विद्युत शवदाह गृह 24 घंटे के अंदर संचालित किया जाए। साथ ही निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त श्मशान भूमि चिह्नित की जाए।
कोरोना की पहली लहर में जहां रोहतक में संक्रमितों की संख्या बहुत कम थी, वहीं मौतों की संख्या भी बहुत ज्यादा कम थी। लेकिन दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। साथ ही कोरोना से मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। हालत यह हो गई है कि अंतिम संस्कार में समस्या आ रही है। इसे देखते हुए जिलाधीश ने आदेश दिए हैं कि विद्युत शवदाह गृह 24 घंटे के अंदर संचालित किया जाए। गौरतलब है कि पिछले साल मेयर मनमोहन गोयल ने इसके संचालन के प्रयास किए थे। लेकिन कोरोना के मरीज घट गए तो इसकी ओर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। एक साल के अंदर न तो मेयर और न ही नगर निगम ने इसके संचालन का प्रयास किया। अब शव बढ़ चुके हैं, न संस्कार के लिए जमीन है और न ही लकड़ी, तब इसकी अहमियत नजर आ रही है। जिलाधीश ने निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि अतिरिक्त श्मशान घाट चिह्नित किए जाएं। आदेश में कहा गया है कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। पहले ही कोरोना मरीजों के संस्कार के लिए दो श्मशान भूमि निर्धारित की जा चुकी हैं। पर एक अतिरिक्त श्मशान भूमि चिह्नित करने की और जरूरत है.
लकड़ियां एकत्र करने के आदेश
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने आदेश जारी कर जिला वन अधिकारी व महाप्रबंधक हरियाणा वन विकास निगम रोहतक को अधिक से अधिक लकड़ियां एकत्र करने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि लकड़ियों की नीलामी न की जाए। आदेश में कहा गया है कि पिछली बार की अपेक्षा दूसरी लहर में कोरोना की चपेट में आने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में मौतें भी बढ़ रही हैं। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ी उपलब्ध होनी चाहिए। जिला वन अधिकारी मांग के अनुसार निगम कमिश्नर को लकड़ियां उपलब्ध करवाएंगे। आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना की पहली लहर में जहां रोहतक में संक्रमितों की संख्या बहुत कम थी, वहीं मौतों की संख्या भी बहुत ज्यादा कम थी। लेकिन दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। साथ ही कोरोना से मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। हालत यह हो गई है कि अंतिम संस्कार में समस्या आ रही है। इसे देखते हुए जिलाधीश ने आदेश दिए हैं कि विद्युत शवदाह गृह 24 घंटे के अंदर संचालित किया जाए। गौरतलब है कि पिछले साल मेयर मनमोहन गोयल ने इसके संचालन के प्रयास किए थे। लेकिन कोरोना के मरीज घट गए तो इसकी ओर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। एक साल के अंदर न तो मेयर और न ही नगर निगम ने इसके संचालन का प्रयास किया। अब शव बढ़ चुके हैं, न संस्कार के लिए जमीन है और न ही लकड़ी, तब इसकी अहमियत नजर आ रही है। जिलाधीश ने निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि अतिरिक्त श्मशान घाट चिह्नित किए जाएं। आदेश में कहा गया है कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। पहले ही कोरोना मरीजों के संस्कार के लिए दो श्मशान भूमि निर्धारित की जा चुकी हैं। पर एक अतिरिक्त श्मशान भूमि चिह्नित करने की और जरूरत है.
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लकड़ियां एकत्र करने के आदेश
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने आदेश जारी कर जिला वन अधिकारी व महाप्रबंधक हरियाणा वन विकास निगम रोहतक को अधिक से अधिक लकड़ियां एकत्र करने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि लकड़ियों की नीलामी न की जाए। आदेश में कहा गया है कि पिछली बार की अपेक्षा दूसरी लहर में कोरोना की चपेट में आने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे में मौतें भी बढ़ रही हैं। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ी उपलब्ध होनी चाहिए। जिला वन अधिकारी मांग के अनुसार निगम कमिश्नर को लकड़ियां उपलब्ध करवाएंगे। आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।
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