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पराली न जलाने पर प्रोत्साह राशि योजना में जिले के अब तक मात्र 7 किसान पात्र
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रोहतक। सरकार की पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की स्कीम दी गई शर्तों की वजह से केवल खानापूर्ति साबित हो रही है। इस स्कीम के तहत जिले में अब तक मात्र 7 किसान ही स्कीम के लिए पात्र है। हजारों किसान इस स्कीम के लिए लाभ की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि यह स्कीम केवल गैर बासमती धान उगाने वाले किसानों के लिए लागू की है, जो एक तो पहले ही जिले में बहुत कम है, दूसरा 6 नवंबर से 15 नवंबर तक धान बेचने वाले पंजीकृत सीमांत एवं लघु किसान ही इस स्कीम में चयनित हो रहे हैं, जिस कारण जिले के हजारों किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
रोहतक मंडी में पीआर किस्म की धान बेचने वाले किसानों की संख्या मात्र 445, जिसमें से 86 ऐसे हैं जिन्होंने 6 से 15 नवंबर तक फसल बेची है। रोहतक मंडी में किसान जोगेंद्र, हरीओम, संजय आदि ने कहा जब सरकार स्कीम बनाती है तो सभी किसानों को इसके दायरे में लेना चाहिए। इस प्रकार की स्कीम लागू कर सरकार केवल वाहवाही लुटने का काम कर रही है। ज्यादातर किसानों ने 6 नवंबर से पहले ही पीआर धान बेचा है और पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले व सीमांत और लघु किसान भी बहुत कम है। वहीं ज्यादातर किसानों ने कहा कि उन्हें स्कीम सुनकर खुशी तो हुई थी, लेकिन इसकी शर्तों के बारे में उन्हें नहीं पता था। अब शर्तें देखकर लगता है कि हजारों किसानों में से शायद ही कोई किसान इस स्कीम के दायरे में आए।
अक्तूबर तक ही कट जाती है पीआर : महेंद्र
किसान महेंद्र ने कहा कि पीआर धान अक्तूबर में ही कटकर मंडियों में आ जाती है। सरकार को स्कीम में सभी किसानों को लाभ देना चाहिए। इसमें गैर बासमती के साथ-साथ बासमती की खेती करने वाले किसानों को भी लाभ मिलना चाहिए।
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एक माह पहले बच दी चार एकड़ पीआर धान : संजय
किसान संजय ने कहा कि उन्होंने करीब एक माह पहले चार एकड़ में उगाई पीआर धान को बेचा है और पराली में आग भी नहीं लगाई है। जिन किसानों ने धान पहले बेच दिया है उनका क्या कसूर है। हर किसान को इस स्कीम का लाभ मिलना चाहिए। इस बार वैसे भी भाव बहुत कम है।
नहीं पता स्कीम की शर्तें : हरिओम
किसान हरिओम ने कहा कि उन्होंने तो यहीं सुना है कि सरकार द्वारा पराली न जलाने वाले किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है। इसके लिए लगाई गई शर्तों का नहीं पता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जिस स्कीम को लांच कर रहे हैं उसमें दी गई शर्तों को भी बताए। उन्हें तो यही लग रहा था कि सभी किसानों को इस स्कीम का लाभ मिलने जा रहा है।
ये हैं स्कीम की शर्तें :
1. गैर बासमती धान उगाने वाला हो किसान।
2. 6 से 15 नवंबर तक बेची हो फसल, न ही जलाई हो पराली।
3. सीमांत एवं लघु किसान यानि पांच एकड़ से कम में खेती करने वाले ही किसान ले सकते हैं लाभ।
4. मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत हो फसल का डाटा।
इन स्कीमों के तहत रोहतक में यह है स्थिति
1. गैर बासमती धान में केवल पीआर को शामिल किया गया है, जिसमें रोहतक के मात्र 445 किसानों ने 43 हजार 75 क्विंटल लगभग पीआर धान बेचा है।
2. 6 से 15 नवंबर तक मात्र 86 किसानों ने 10 हजार 800 क्विंटल धान बेचा है।
3. सीमांत एवं लघु किसान और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की सूची में रोहतक में अब तक 7 ही किसानों का नाम कृषि विभाग में आया है। इसकी अधिकतम संख्या वेरिफिकेशन के बाद ही पता चलेगी। जो कम ही रहने की संभावना है।
इन किसानों को मिल रहा है लाभ :
मुल्खराज ने 112.5 क्विंटल, बिजेंद्र ने 176.6 क्विंटल, सोहन ने 45 क्विंटल, समुंदर ने 289.8 क्विंटल धान बेचा है। इसके अलावा दो अन्य किसान और भी जिनका इस स्कीम के तहत चुनाव हुआ है।
वेरिफिकेशन जारी है
100 रुपये प्रति क्विंटल की अनुदान राशी वाली स्कीम में मंगलवार तक 7 ही किसानों की लिस्ट आई है। जिनका वेरिफिकेशन जारी है। स्कीम की शर्तें पूरी करने वाले किसानों के लिए वेरिफिकेशन करवाया जा रहा है। जो किसान पात्र होंगे उन्हें स्कीम का लाभ मिलेगा।
- रोहताश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग, रोहतक
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रोहतक मंडी में पीआर किस्म की धान बेचने वाले किसानों की संख्या मात्र 445, जिसमें से 86 ऐसे हैं जिन्होंने 6 से 15 नवंबर तक फसल बेची है। रोहतक मंडी में किसान जोगेंद्र, हरीओम, संजय आदि ने कहा जब सरकार स्कीम बनाती है तो सभी किसानों को इसके दायरे में लेना चाहिए। इस प्रकार की स्कीम लागू कर सरकार केवल वाहवाही लुटने का काम कर रही है। ज्यादातर किसानों ने 6 नवंबर से पहले ही पीआर धान बेचा है और पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले व सीमांत और लघु किसान भी बहुत कम है। वहीं ज्यादातर किसानों ने कहा कि उन्हें स्कीम सुनकर खुशी तो हुई थी, लेकिन इसकी शर्तों के बारे में उन्हें नहीं पता था। अब शर्तें देखकर लगता है कि हजारों किसानों में से शायद ही कोई किसान इस स्कीम के दायरे में आए।
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अक्तूबर तक ही कट जाती है पीआर : महेंद्र
किसान महेंद्र ने कहा कि पीआर धान अक्तूबर में ही कटकर मंडियों में आ जाती है। सरकार को स्कीम में सभी किसानों को लाभ देना चाहिए। इसमें गैर बासमती के साथ-साथ बासमती की खेती करने वाले किसानों को भी लाभ मिलना चाहिए।
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एक माह पहले बच दी चार एकड़ पीआर धान : संजय
किसान संजय ने कहा कि उन्होंने करीब एक माह पहले चार एकड़ में उगाई पीआर धान को बेचा है और पराली में आग भी नहीं लगाई है। जिन किसानों ने धान पहले बेच दिया है उनका क्या कसूर है। हर किसान को इस स्कीम का लाभ मिलना चाहिए। इस बार वैसे भी भाव बहुत कम है।
नहीं पता स्कीम की शर्तें : हरिओम
किसान हरिओम ने कहा कि उन्होंने तो यहीं सुना है कि सरकार द्वारा पराली न जलाने वाले किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है। इसके लिए लगाई गई शर्तों का नहीं पता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जिस स्कीम को लांच कर रहे हैं उसमें दी गई शर्तों को भी बताए। उन्हें तो यही लग रहा था कि सभी किसानों को इस स्कीम का लाभ मिलने जा रहा है।
ये हैं स्कीम की शर्तें :
1. गैर बासमती धान उगाने वाला हो किसान।
2. 6 से 15 नवंबर तक बेची हो फसल, न ही जलाई हो पराली।
3. सीमांत एवं लघु किसान यानि पांच एकड़ से कम में खेती करने वाले ही किसान ले सकते हैं लाभ।
4. मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत हो फसल का डाटा।
इन स्कीमों के तहत रोहतक में यह है स्थिति
1. गैर बासमती धान में केवल पीआर को शामिल किया गया है, जिसमें रोहतक के मात्र 445 किसानों ने 43 हजार 75 क्विंटल लगभग पीआर धान बेचा है।
2. 6 से 15 नवंबर तक मात्र 86 किसानों ने 10 हजार 800 क्विंटल धान बेचा है।
3. सीमांत एवं लघु किसान और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की सूची में रोहतक में अब तक 7 ही किसानों का नाम कृषि विभाग में आया है। इसकी अधिकतम संख्या वेरिफिकेशन के बाद ही पता चलेगी। जो कम ही रहने की संभावना है।
इन किसानों को मिल रहा है लाभ :
मुल्खराज ने 112.5 क्विंटल, बिजेंद्र ने 176.6 क्विंटल, सोहन ने 45 क्विंटल, समुंदर ने 289.8 क्विंटल धान बेचा है। इसके अलावा दो अन्य किसान और भी जिनका इस स्कीम के तहत चुनाव हुआ है।
वेरिफिकेशन जारी है
100 रुपये प्रति क्विंटल की अनुदान राशी वाली स्कीम में मंगलवार तक 7 ही किसानों की लिस्ट आई है। जिनका वेरिफिकेशन जारी है। स्कीम की शर्तें पूरी करने वाले किसानों के लिए वेरिफिकेशन करवाया जा रहा है। जो किसान पात्र होंगे उन्हें स्कीम का लाभ मिलेगा।
- रोहताश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग, रोहतक