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एक दशक में मरीजों की संख्या बढ़ी...नहीं बढ़े फार्मासिस्टों के पद

Sat, 25 Sep 2021 01:29 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 01:29 AM IST
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Number of patients increased in a decade... the posts of pharmacists did not increase
प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में फार्मासिस्टों के दर्द का इलाज करने वाला शायद कोई नहीं है। यहां पिछले एक दशक में मरीजों की संख्या 82 हजार से अधिक बढ़ी है। लेकिन मरीजों को डॉक्टर से परामर्श के बाद दवा देने वाले फार्मासिस्टों की संख्या नहीं बढ़ी है। संस्थान की स्थापना के समय स्वीकृत हुए 31 पदों में से भी 13 पद रिक्त हैं। जबकि जरूरत करीब 150 फार्मासिस्टों की है। फिलहाल 40 अनुबंधित फार्मासिस्टों के सहारे काम चलाया जा रहा है।
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पीजीआई में आने वाले मरीजों का दर्द कम करने वाले फार्मासिस्टों का दर्द बढ़ता जा रहा है। फार्मासिस्ट के पदों पर नई नियुक्तियां नहीं होने से स्वीकृत 31 पदों में से 13 पद रिक्त हैं। संस्थान में 18 नियमित फार्मासिस्टों में से भी कुछ खरीद, स्टोर व प्रबंधन की जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं। शेष पर संस्थान के बढ़ते मरीजों को दवा वितरण का जिम्मा है। इन्हीं पर स्टोर से दवा लाने, दी जाने वाली दवा का कंप्यूटर में रिकॉर्ड दर्ज करने की भी जिम्मेदारी है। इस काम को आसान बनाने के लिए संस्थान में 40 फार्मासिस्ट अनुबंध के आधार पर रखे गए हैं। इन पर भी काम का भार कम नहीं है। इनके साथ 40 काउंटर मैन व 16 डाटा एंट्री ऑपरेटर भी रखे गए हैं।
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संस्थान की ओपीडी में रोजाना करीब पांच हजार मरीज आ रहे हैं। शुक्रवार को 2351 नए मरीजों का ओपीडी में पंजीकरण किया गया। यहां करीब ढाई हजार से अधिक पुराने मरीज आए। इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर, आपात विभाग व डेंटल कॉलेज के मरीजों की संख्या अलग है। यह आंकड़ा भी करीब एक हजार का बनता है। मरीजों की इस भीड़ को दवा देने का काम फार्मासिस्ट संभाल रहे हैं। फार्मासिस्टों की मानें तो एक फार्मासिस्ट के पास रोजाना औसतन 200 मरीज आते हैं। इन्हें पांच घंटे की ड्यूटी में दवा देना, दवा समझाना, इसका कंप्यूटर पर ब्योरा दर्ज करना होता है। इसके लिए प्रत्येक मरीज के हिस्से एक से डेढ़ मिनट का ही समय आता है। ऐसे में सारा काम समय पर बेहतर ढंग से निपटाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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150 फार्मासिस्टों की संस्थान में है जरूरत
पीजीआई में मरीजों की भीड़ व व्यवस्था को देखते हुए करीब 150 फार्मासिस्टों की जरूरत है। वर्तमान में 18 नियमित फार्मासिस्ट काम कर रहे हैं। ऐसे में 132 और फार्मासिस्टों की जरूरत है। ओपीडी, आपात विभाग, ट्रॉमा सेंटर, डेंटल कॉलेज के करीब 23 काउंटरों के अलावा स्टोर, खरीद, वार्ड व डीघल और चिड़ी सीएचसी के लिए फार्मासिस्टों की जरूरत है।
13 पदों पर 3 साल बाद भी नहीं हुई भर्ती
संस्थान में फार्मासिस्ट के रिक्त 13 पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2018 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2021 में भी अधूरी है। यह साल समाप्त होने तक भर्ती प्रक्रिया पूरी होती नजर नहीं आ रही है। उम्मीदवारों की परीक्षा व साक्षात्कार की अहम प्रक्रिया को पूरा होने में समय लगेगा।
पीजीआई फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने संस्थान की जरूरतों को देखते हुए अधिकारियों से नए पदों पर भर्ती की मांग की है। इसके तहत 125 पदों की स्वीकृति देने संबंधित पत्र भी लिखा गया है। कुछ पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरी होने से राहत मिलने की उम्मीद है।

- सुरेश कुमार, अध्यक्ष, पीजीआई फार्मासिस्ट एसोसिएशन
संस्थान में फार्मासिस्ट हैं। मरीजों को बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। कुछ नए पद ट्रॉमा सेंटर व एमसीएच में आए थे। कुछ पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। जल्दी ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। जरूरत के हिसाब से सरकार को फार्मासिस्टों की नियुक्ति व पदों के बारे में पत्र लिखा जाएगा।
- डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस
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