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अब सुश्रुत सभागार में कोरोना सैंपल लेने की तैयारी
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रोहतक। कोरोना काल में पीजीआईएमएस ही सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया है। समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन ने सैंपलिंग की जगह तलाशनी शुरू कर दी है। फिलहाल सी-ब्लॉक में सैंपल लेने का कार्य चल रहा है। अब तक पीजीआईएमएस के करीब 70 डॉक्टर, 32 नर्स समेत 120 कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। अब प्रशासन सुश्रुत सभागार में सैंपल लेने की योजना बना रहा है। उम्मीद है कि इसके लिए जल्द ही अंतिम मुहर लग जाएगी।
दावा : कोविड से नहीं, नॉन कोविड एरिया में मिल रहे केस
पीजीआईएमएस के अधिकारियों का दावा है कि संस्थान में संक्रमण कोविड की बजाय नॉन कोविड एरिया से फैल रहा है। कोविड एरिया में सभी अलर्ट रहते हैं, जबकि नॉन कोविड एरिया में गाइडलाइन को फॉलो नहीं किया जा रहा है। नॉन कोविड एरिया में संक्रमित ही वायरस को कैरी कर रहे हैं। जिनको क्वारंटीन किया गया है, वह घूमते हैं। एक साथ बैठकर यदि चाय पी जाएगी और खाना खाया जाएगा तो संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जाएगा।
वेंटिलेटर लगना शुरू
पीजीआईएमएस में कोरोना संक्रमणकाल में आए वेंटिलेटर विभिन्न विभागों में बंट गए हैं। इन्हें तय विभागों में स्थापित किया जा रहा है। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में करीब 230 वेंटिलेटर हो गए हैं। हाल ही में करीब 100 वेंटिलेटर आए हैं, इन्हें कहां इंस्टाल करना है, इस संबंध में कई दिनों से बैठक चल रही थी। सभी विभागों को उनकी जरूरत के हिसाब से इनका बंटवारा कर दिया गया है।
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हमें नॉन कोविड एरिया में भी सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। हॉस्टल की मैस में सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। यहां के स्टाफ की सात से दस दिन में जांच होनी चाहिए। पीजीआईएमएस में संक्रमित स्टाफ में कुछ ऐसे हैं जो कभी कोविड एरिया में नहीं गए। लक्षण वालों की जगह बगैर लक्षण वालों से अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। मास्क लगाना और हाथ धोना जरूरी है। पीजीआईएमएस में संक्रमण फैलने के संबंध में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, स्टेट प्रमुख नोडल अधिकारी, कोविड-19, पीजीआईएमएस
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दावा : कोविड से नहीं, नॉन कोविड एरिया में मिल रहे केस
पीजीआईएमएस के अधिकारियों का दावा है कि संस्थान में संक्रमण कोविड की बजाय नॉन कोविड एरिया से फैल रहा है। कोविड एरिया में सभी अलर्ट रहते हैं, जबकि नॉन कोविड एरिया में गाइडलाइन को फॉलो नहीं किया जा रहा है। नॉन कोविड एरिया में संक्रमित ही वायरस को कैरी कर रहे हैं। जिनको क्वारंटीन किया गया है, वह घूमते हैं। एक साथ बैठकर यदि चाय पी जाएगी और खाना खाया जाएगा तो संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जाएगा।
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वेंटिलेटर लगना शुरू
पीजीआईएमएस में कोरोना संक्रमणकाल में आए वेंटिलेटर विभिन्न विभागों में बंट गए हैं। इन्हें तय विभागों में स्थापित किया जा रहा है। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में करीब 230 वेंटिलेटर हो गए हैं। हाल ही में करीब 100 वेंटिलेटर आए हैं, इन्हें कहां इंस्टाल करना है, इस संबंध में कई दिनों से बैठक चल रही थी। सभी विभागों को उनकी जरूरत के हिसाब से इनका बंटवारा कर दिया गया है।
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हमें नॉन कोविड एरिया में भी सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। हॉस्टल की मैस में सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। यहां के स्टाफ की सात से दस दिन में जांच होनी चाहिए। पीजीआईएमएस में संक्रमित स्टाफ में कुछ ऐसे हैं जो कभी कोविड एरिया में नहीं गए। लक्षण वालों की जगह बगैर लक्षण वालों से अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है। मास्क लगाना और हाथ धोना जरूरी है। पीजीआईएमएस में संक्रमण फैलने के संबंध में संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, स्टेट प्रमुख नोडल अधिकारी, कोविड-19, पीजीआईएमएस