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अब नाक में ड्रॉप डालकर होगा कोरोना का इलाज
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रोहतक। कोरोना से बचाव के लिए दी जा रही वैक्सीन से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। महामारी से निपटने के लिए प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआई का कोवैक्सीन पर शोध अगले चरण में पहुंच गया है। इसके तहत अब नाक में दवा डालकर कोरोना से राहत पाई जा सकेगी। फिलहाल दवा का असर देखा जा रहा है। परिणाम सकारात्मक आने पर नेजल ड्रॉप तैयार की जाएगी। साथ ही चिकनगुनिया से राहत के लिए भी टीके का वालंटियर ट्रायल जारी है। इसके तहत भी दवा का मरीज पर असर देखा जा रहा है।
दरअसल, कोरोना कॉल में पीजीआई ने कोवैक्सीन पर शोध किया था। इसके महामारी से बचाव में सकारात्मक परिणाम रहे। अब संस्थान में इस वैक्सीन को लेकर अगले चरण में शोध किया जा रहा है। इसके तहत वैक्सीन के बजाय नाक से दवा डालकर बीमारी का इलाज करने पर जोर दिया गया है। इससे मरीज को वैक्सीन नहीं लगवानी होगी। नाक से दवा डालने के बाद मरीज में संक्रमण का स्तर जांचा जा रहा है। यह होता है या नहीं, होता है तो कितना प्रतिशत। इन सब बातों का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। मरीज पर दवा के असर के आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ता अपनी दवा का फार्मूला तय कर नेजल ड्राप तैयार करने का चरण पूरा करेंगे। इसके तहत शहरी इलाकों में कुछ जगह पर वैक्सीन नहीं लगवाने वाले लोगों को यह दवा दी जा रही है। इसी के साथ टीम चिकनगुनिया के टीके को लेकर भी काम कर रही है। इसके लिए वालंटियर को टीके लगाए जा रहे हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र पर हुआ हंगामा, पुलिस भी आई
शहर के झज्जर रोड स्थित नया पड़ाव मोहल्ले में एक आंगनबाड़ी केंद्र पर बुधवार को हंगामा हो गया। आसपड़ोस के कुछ लोगों ने यहां इंजेक्शन लगवाने पर पांच सौ रुपये दिए जाने को लेकर हंगामा किया। आंगनबाड़ी में आई टीम से लोगों की तीखी नोकझोंक हुई। टीम के सदस्यों ने भी हालात बिगड़ते देख वहां से निकलने में भलाई समझी। यही नहीं, पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो पीजीआई के एक चिकित्सक का नाम लिया गया। चिकित्सक के कहने पर टीम के वहां आने और दवा देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और पुलिस वापस लौटी।
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ट्रायल में शामिल लोगों को दिए 500 रुपये
ड्रग ट्रायल को लेकर वालंटियर तैयार किए गए हैं। इन्हें वैक्सीन लगवाने या दवा लेने पर 500 रुपये दिए गए। यह राशि उनके दिहाड़ी पर न जा पाने व प्रोत्साहन के रूप में दी गई। इसी राशि को लेकर लोगों के जेहन में सवाल खड़े हुए और विवाद खड़ा हो गया।
वर्जन:
संस्थान में पिछले दिनों कोवैक्सीन का ट्रायल किया गया था। अब इसके अगले चरण में नाक से दवा देने पर शोध किया जा रहा है। इसके तहत वालंटियर में दवा के संक्रमण या असर को देखा जा रहा है। इसी के साथ चिकनगुनिया के टीके भी लगाए जा रहे हैं। इनके सफल परिणाम बीमारी से इलाज में कारगर साबित हो सकते हैं। वालंटियर को उनकी दिहाड़ी व आने-जाने के खर्च के रूप में 500 रुपये दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने भ्रम व अज्ञानता के चलते हंगामा कर दिया।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, एचओडी, पल्मनरी एंड क्रिटिकेयर विभाग, पीजीआई।
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दरअसल, कोरोना कॉल में पीजीआई ने कोवैक्सीन पर शोध किया था। इसके महामारी से बचाव में सकारात्मक परिणाम रहे। अब संस्थान में इस वैक्सीन को लेकर अगले चरण में शोध किया जा रहा है। इसके तहत वैक्सीन के बजाय नाक से दवा डालकर बीमारी का इलाज करने पर जोर दिया गया है। इससे मरीज को वैक्सीन नहीं लगवानी होगी। नाक से दवा डालने के बाद मरीज में संक्रमण का स्तर जांचा जा रहा है। यह होता है या नहीं, होता है तो कितना प्रतिशत। इन सब बातों का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। मरीज पर दवा के असर के आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ता अपनी दवा का फार्मूला तय कर नेजल ड्राप तैयार करने का चरण पूरा करेंगे। इसके तहत शहरी इलाकों में कुछ जगह पर वैक्सीन नहीं लगवाने वाले लोगों को यह दवा दी जा रही है। इसी के साथ टीम चिकनगुनिया के टीके को लेकर भी काम कर रही है। इसके लिए वालंटियर को टीके लगाए जा रहे हैं।
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आंगनबाड़ी केंद्र पर हुआ हंगामा, पुलिस भी आई
शहर के झज्जर रोड स्थित नया पड़ाव मोहल्ले में एक आंगनबाड़ी केंद्र पर बुधवार को हंगामा हो गया। आसपड़ोस के कुछ लोगों ने यहां इंजेक्शन लगवाने पर पांच सौ रुपये दिए जाने को लेकर हंगामा किया। आंगनबाड़ी में आई टीम से लोगों की तीखी नोकझोंक हुई। टीम के सदस्यों ने भी हालात बिगड़ते देख वहां से निकलने में भलाई समझी। यही नहीं, पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो पीजीआई के एक चिकित्सक का नाम लिया गया। चिकित्सक के कहने पर टीम के वहां आने और दवा देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और पुलिस वापस लौटी।
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ट्रायल में शामिल लोगों को दिए 500 रुपये
ड्रग ट्रायल को लेकर वालंटियर तैयार किए गए हैं। इन्हें वैक्सीन लगवाने या दवा लेने पर 500 रुपये दिए गए। यह राशि उनके दिहाड़ी पर न जा पाने व प्रोत्साहन के रूप में दी गई। इसी राशि को लेकर लोगों के जेहन में सवाल खड़े हुए और विवाद खड़ा हो गया।
वर्जन:
संस्थान में पिछले दिनों कोवैक्सीन का ट्रायल किया गया था। अब इसके अगले चरण में नाक से दवा देने पर शोध किया जा रहा है। इसके तहत वालंटियर में दवा के संक्रमण या असर को देखा जा रहा है। इसी के साथ चिकनगुनिया के टीके भी लगाए जा रहे हैं। इनके सफल परिणाम बीमारी से इलाज में कारगर साबित हो सकते हैं। वालंटियर को उनकी दिहाड़ी व आने-जाने के खर्च के रूप में 500 रुपये दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने भ्रम व अज्ञानता के चलते हंगामा कर दिया।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, एचओडी, पल्मनरी एंड क्रिटिकेयर विभाग, पीजीआई।