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Rohtak News: बिना मान्यता चल रहे 150 से अधिक प्ले स्कूलों को भेजे नोटिस
Tue, 15 Jul 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में बिना मान्यता चल रहे 150 से अधिक प्ले स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को एक सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में मान्यता नहीं ली गई और मानक नहीं पूरे किए गए तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से ऐसे स्कूलों की पहचान करें जो अवैध रूप से प्ले स्कूल चला रहे हैं।
अभियान की निगरानी महिला एवं बाल विकास अधिकारी शालू यादव स्वयं कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में केवल 12 प्ले स्कूल ही विभाग से मान्यता प्राप्त हैं।
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जबकि कई स्कूल बिना अनुमति के छोटे बच्चों को दाखिला देकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों को नियम अनुसार अब मान्यता लेनी होगी, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शालू यादव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्ता पूर्ण प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्ले स्कूलों की मान्यता जरूरी है। विभाग का उद्देश्य स्कूलों को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी दायरे में लाकर नियमानुसार संचालन के लिए प्रेरित करना है।
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कई निजी प्ले स्कूल बिना पंजीकरण और संबद्धता प्राप्त किए संचालित हो रहे हैं। इसको संज्ञान लेते हुए डीसी अभिषेक मीणा ने ऐसे सभी संस्थानों को उल्लंघन नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं।
स्वच्छ व बच्चों के अनुकूल हो माहौल
डीसी ने कहा कि प्ले स्कूल भवन सुरक्षित, स्वच्छ व बच्चों के अनुकूल होना चाहिए। कक्षाओं का क्षेत्रफल मानकों के अनुसार होना चाहिए ताकि बच्चों को खुला व सुरक्षित वातावरण मिले। स्वच्छ पेयजल, शौचालय व हाथ धोने की उचित व्यवस्था अनिवार्य है। सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन आवश्यक होगा। बच्चों को पौष्टिक नाश्ता व स्वच्छ खानपान उपलब्ध कराना जरूरी है। स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे व अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रहेंगे। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। बिना पंजीकरण या एनसीपीसीआर अनुमति के कोई भी प्ले स्कूल संचालित नहीं होगा। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या शोषण की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किशोर न्याय अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने सभी प्ले स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें ताकि नन्हें बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं प्रोत्साहक वातावरण मिल सके। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने अभिभावकों से आह्वान किया है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश कराने से पहले स्कूल की मान्यता की स्थिति की भलीभांति जांच लें। मान्यता प्राप्त प्ले स्कूलों की सूची जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
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रेवाड़ी। जिले में बिना मान्यता चल रहे 150 से अधिक प्ले स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को एक सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में मान्यता नहीं ली गई और मानक नहीं पूरे किए गए तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से ऐसे स्कूलों की पहचान करें जो अवैध रूप से प्ले स्कूल चला रहे हैं।
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अभियान की निगरानी महिला एवं बाल विकास अधिकारी शालू यादव स्वयं कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में केवल 12 प्ले स्कूल ही विभाग से मान्यता प्राप्त हैं।
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जबकि कई स्कूल बिना अनुमति के छोटे बच्चों को दाखिला देकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों को नियम अनुसार अब मान्यता लेनी होगी, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शालू यादव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्ता पूर्ण प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्ले स्कूलों की मान्यता जरूरी है। विभाग का उद्देश्य स्कूलों को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी दायरे में लाकर नियमानुसार संचालन के लिए प्रेरित करना है।
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कई निजी प्ले स्कूल बिना पंजीकरण और संबद्धता प्राप्त किए संचालित हो रहे हैं। इसको संज्ञान लेते हुए डीसी अभिषेक मीणा ने ऐसे सभी संस्थानों को उल्लंघन नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं।
स्वच्छ व बच्चों के अनुकूल हो माहौल
डीसी ने कहा कि प्ले स्कूल भवन सुरक्षित, स्वच्छ व बच्चों के अनुकूल होना चाहिए। कक्षाओं का क्षेत्रफल मानकों के अनुसार होना चाहिए ताकि बच्चों को खुला व सुरक्षित वातावरण मिले। स्वच्छ पेयजल, शौचालय व हाथ धोने की उचित व्यवस्था अनिवार्य है। सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन आवश्यक होगा। बच्चों को पौष्टिक नाश्ता व स्वच्छ खानपान उपलब्ध कराना जरूरी है। स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे व अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रहेंगे। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। बिना पंजीकरण या एनसीपीसीआर अनुमति के कोई भी प्ले स्कूल संचालित नहीं होगा। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या शोषण की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किशोर न्याय अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने सभी प्ले स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें ताकि नन्हें बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं प्रोत्साहक वातावरण मिल सके। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने अभिभावकों से आह्वान किया है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश कराने से पहले स्कूल की मान्यता की स्थिति की भलीभांति जांच लें। मान्यता प्राप्त प्ले स्कूलों की सूची जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त की जा सकती है।