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कोरोना का खौफ नहीं, जिंदगी बचाने में जुटी नर्सिंग ऑफिसर

Tue, 12 May 2020 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 12:12 AM IST
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Not afraid of Corona, nursing officer trying to save Other life
अशोक यादव - फोटो : RohtakCity
इस वक्त जब पूरा देश कोरोना के खिलाफ एक होकर लड़ रहा है। कई लोग घरों में बंद हैं तो कई अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। हर कोई स्वस्थ होकर जल्दी घर लौटना चाहता है। लेकिन कुछ ऐसे कोरोना योद्धा भी हैं जो इस महामारी से खौफ नहीं, बल्कि दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए दिन-रात जुटी हैं, वो हैं हमारी सिस्टर। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर ये कोरोना योद्धा इस खतरनाक संक्रमण के बीच मरीजों का उपचार करने के साथ-साथ इनके लिए रक्तदान भी करेंगी। जिला अस्पताल व पीजीआईएमएस के कोविड अस्पताल, आइसोलेशन वार्ड, स्क्रीनिंग वार्ड व फ्लू क्लीनिक में मरीजों की जांच करने व दवा देने में नर्सिंग स्टाफ का अहम योगदान है। इसी बीच दोनों संस्थानों की नर्सिंग एसोसिएशन की सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से मांग है कि उनका पद नाम स्टाफ नर्स से बदल कर नर्सिंग ऑफिसर कर दिया जाए।
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बता दें कि 12 मई 1820 को फ्लोरेंस नाइटिंग्ल का इटली में जन्म हुआ था। उन्हें लेडी विद द लैंप भी कहा जाता है। वे आधुनिक नर्सिंग की जन्मदात्री मानी जाती है। इस वर्ष आधुनिक नर्सिंग की जन्मदात्री के जन्म को 200 वर्ष पूर्ण हो रहे है अत: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2020 को ‘ईयर ऑफ नर्स ऐंड मिडवाइव्स’ घोषित किया है।
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दुनिया भर का नर्सिंग स्टाफ अपने घर व बच्चों की परवाह किए बिना कोरोना महामारी में डॉक्टरों के साथ काम कर रहा है। इसी के साथ हम रक्तदान कर ब्लड बैंक में रक्त की कमी को भी पूरा करेंगे। हमारी सरकार से मांग है कि नर्सों को नर्सिंग ऑफिसर का पद दिया जाए।
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- आशा खुराना, प्रधान, नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन, स्वास्थ्य विभाग
घर पर दो छोटे बच्चे हैं, कोरोना के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए बनाए गए सी-ब्लॉक व डे केयर आईसीयू में ड्यूटी लगी हुई है। संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए उन्हें उनकी दादी के पास छोड़ा है। स्थिति यह है कि कई दिनों से बच्चों से भी मुलाकात नहीं की है। लेकिन एक सच यह भी है कि देश सेवा का मौका हमेशा नहीं मिलता। ड्यूटी तो हम हमेशा अपने लिए करते हैं।
- प्रवीण, स्टाफ नर्स, पीजीआईएमएस
हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। इस साल हम कोरोना के संक्रमणकाल में यह दिवस मरीजों के साथ मनाएंगे। इस दिन को यादगार बनाने के लिए रक्तदान किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी नर्सों का सरकार से यही अनुरोध है कि उनका पद नाम बदल कर नर्सिंग ऑफिसर किया जाए।
- चंद्रकांता, सेक्रेटरी, नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन, स्वास्थ्य विभाग
कोरोना के संक्रमणकाल में नर्सिंग स्टाफ दिन-रात अपना जीवन खतरे में डाल कर काम कर रहा है। हम किसी मोर्चे पर अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं है। ऐसे में हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारा स्टाफ नर्स पद नाम से बदल कर नर्सिंग ऑफिसर किया जाएगा। वह स्वयं संक्रमण काल की शुरुआत से ही लगातार सी-ब्लॉक में मरीजों का सैंपल लेने में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।

- अशोक यादव, मेल स्टाफ नर्स एवं प्रधान नर्सिंग एसोसिएशन, पीजीआईएमएस

आशा रानी

आशा रानी- फोटो : RohtakCity

चंद्रकांता

चंद्रकांता- फोटो : RohtakCity

प्रवीण, स्टाफ नर्स

प्रवीण, स्टाफ नर्स- फोटो : RohtakCity

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