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Rohtak News: खरावड़ में निकासी की व्यवस्था नहीं, ग्रामीण बोले- ड्रेनेज व्यवस्था से सुधर सकते हालात
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19-खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद
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रोहतक। शहर से 12 किलोमीटर दूर स्थित खरावड़ गांव के लोग पेयजल किल्लत और गंदे पानी की निकासी की समस्या से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव में निकासी के लिए दो जोहड़ है। इसमें पूरे गांव का गंदा पानी एकत्रित होता है। बरसात के मौसम में जोहड़ ओवरफ्लो हो जाते हैं और गंदा पानी आसपास की गलियों में फैल जाता है। इससे बदबू आने के साथ बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
ऐसी स्थिति में पंचायत और ग्रामीणों के सहयोग से मोटर लगाकर जोहड़ों का गंदा पानी गांव से बाहर निकालना पड़ता है। कई बार लोगों को गंदे पानी में उतरकर भी निकासी करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि ड्रेनेज व्यवस्था से हालात सुधर सकते हैं।
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ड्रेनेज व्यवस्था से सुधर सकते हैं हालात
ग्रामीणों का कहना है कि गांव को ड्रेनेज व्यवस्था से जोड़कर गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान किया जा सकता है। गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर नौनंद गांव में ड्रेन की व्यवस्था है। वहां तक पाइपलाइन बिछाकर खरावड़ के गंदे पानी की निकासी आसानी से की जा सकती है।
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क्या बोले ग्रामीण:
गांव में पानी और निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। दो जोहड़ों में गांव का गंदा पानी एकत्रित होता है। बरसात के मौसम में ये ओवरफ्लो होकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाता है।
रामसिंह, खरावड़
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गांव के दोनों ओर जोहड़ है गंदा पानी एकत्रित होता है। जब ये भर जाते हैं तो मोटर लगाकर पानी को आईएमटी की तरफ निकाला जाता है। नौनंद से यहां तक पाइपलाइन बिछ जाए तो निकासी व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
सुरेंद्र, खरावड़
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गांव में पेयजल और निकासी की समस्याएं बनी हुई हैं। निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। अधिकारी आश्वासन देकर चले जाते हैं। आईएमटी की तरफ सीवरेज में मोटर लगाकर पानी निकालना पड़ता है। बरसात में परेशानी और बढ़ जाती है।
सुरेश, खरावड़
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डॉ. अरविंद शर्मा ने गांव की गौशाला का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने खरावड़ से नौनंद गांव स्थित ड्रेन तक पाइपलाइन या अन्य माध्यम से निकासी व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ।
कैप्टन जगवीर मलिक, खरावड़
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ऐसी स्थिति में पंचायत और ग्रामीणों के सहयोग से मोटर लगाकर जोहड़ों का गंदा पानी गांव से बाहर निकालना पड़ता है। कई बार लोगों को गंदे पानी में उतरकर भी निकासी करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि ड्रेनेज व्यवस्था से हालात सुधर सकते हैं।
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ड्रेनेज व्यवस्था से सुधर सकते हैं हालात
ग्रामीणों का कहना है कि गांव को ड्रेनेज व्यवस्था से जोड़कर गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान किया जा सकता है। गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर नौनंद गांव में ड्रेन की व्यवस्था है। वहां तक पाइपलाइन बिछाकर खरावड़ के गंदे पानी की निकासी आसानी से की जा सकती है।
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क्या बोले ग्रामीण:
गांव में पानी और निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। दो जोहड़ों में गांव का गंदा पानी एकत्रित होता है। बरसात के मौसम में ये ओवरफ्लो होकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाता है।
रामसिंह, खरावड़
गांव के दोनों ओर जोहड़ है गंदा पानी एकत्रित होता है। जब ये भर जाते हैं तो मोटर लगाकर पानी को आईएमटी की तरफ निकाला जाता है। नौनंद से यहां तक पाइपलाइन बिछ जाए तो निकासी व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
सुरेंद्र, खरावड़
गांव में पेयजल और निकासी की समस्याएं बनी हुई हैं। निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। अधिकारी आश्वासन देकर चले जाते हैं। आईएमटी की तरफ सीवरेज में मोटर लगाकर पानी निकालना पड़ता है। बरसात में परेशानी और बढ़ जाती है।
सुरेश, खरावड़
डॉ. अरविंद शर्मा ने गांव की गौशाला का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने खरावड़ से नौनंद गांव स्थित ड्रेन तक पाइपलाइन या अन्य माध्यम से निकासी व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ।
कैप्टन जगवीर मलिक, खरावड़

19-खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद

19-खरावड़ में उपस्थित ग्रामीण। संवाद