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बिजली कटौती से खफा निंदाना के ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे पर गाड़ा तंबू, नौ घंटे रोके वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 04 Aug 2016 02:16 AM IST
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विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर लगा दिया जाम
- फोटो : amar ujala
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बिजली सप्लाई में तीन घंटे की कटौती से खफा सीएम के पैतृक गांव निंदाना के ग्रामीणों ने बुधवार सुबह गोहाना-भिवानी स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। ग्रामीण करीब नौ घंटे तक हाईवे पर डटे रहे और अधिकारियों के न आने पर तंबू भी गाड़ दिए। हालांकि बाद में एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को फिर से नौ के बजाय 12 घंटे बिजली आपूर्ति देन का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए, साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में इस प्रकार की कटौती की गई तो वे फिर से मार्ग अवरुद्ध कर देंगे। ध्यान रहे कि गत दिनों बिजली मीटर बाहर लगवाने गए विभाग के अधिकारियों की ग्रामीणों से तनातनी हो गई थी, इसके बाद बिजली आपूर्ति में तीन घंटे की कटौती की गई थी।
गत सप्ताह सरकार की ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत बिजली विभाग लाव लश्कर के साथ बिजली मीटर बाहर लगाने के लिए गांव निंदाना पहुंचा था। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को बैरंग लौटा दिया था। इस पर विभाग ने गांव में बिजली सप्लाई में तत्काल तीन घंटे की कटौती कर दी। इससे परेशान ग्रामीणों ने बिजली सप्लाई पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार देने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। इस रवैये से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार सुबह पांच बजे गोहाना-भिवानी स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से वाहनों को जाने देने के लिए कहा। ग्रामीणों ने डीएसपी शमशेर सिंह, तहसीलदार राकेश मलिक और राजकुमार शर्मा की एक नहीं सुनी। लगभग साढ़े आठ घंटे बाद एसडीएम प्रदीप अहलावत और बिजली विभाग के अधिकारी जाम खुलवाने मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को 12 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने एसडीएम के आश्वासन के बाद हाईवे से अवरोध हटाकर वाहनों को जाने दिया।
अधिकारियों ने नहीं दिखाई तत्परता, नौ घंटे बंद रहा हाईवे
निंदाना में स्टेट हाईवे जाम होने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता नहीं दिखाई। ग्रामीण एसडीएम के मौके पर आने की मांग पर अड़े थे, लेकिन एसडीएम ने डीएसपी शमशेर सिंह की मार्फत संदेश भेजा कि ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल कार्यालय में आकर समस्या रखे। अधिकारियों के रुख को देखते हुए जाम स्थल पर सैकड़ों महिलाएं भी एकत्रित हो गईं। इसके अलावा लोगों ने जाम स्थल पर तंबू भी गाड़ दिए। महिलाओं के जाम में शामिल होने और तंबू गाड़ने की सूचना पर आखिरकार एसडीएम प्रदीप अहलावत दलबल सहित मौके पर पहुंचे।
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बड़े वाहन थमे, छोटे वाहन अप्रोच रोड से निकले
छोटे वाहन बैंसी-फरमाणा-जुलाना होते हुए निकाले गए लेकिन बड़े वाहन थमे रहे। उन्हें जाम खुलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ वाहन चालकों ने जाम खुलता न देख रोहतक होते हुए भिवानी की राह पकड़ी।
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गत सप्ताह सरकार की ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत बिजली विभाग लाव लश्कर के साथ बिजली मीटर बाहर लगाने के लिए गांव निंदाना पहुंचा था। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को बैरंग लौटा दिया था। इस पर विभाग ने गांव में बिजली सप्लाई में तत्काल तीन घंटे की कटौती कर दी। इससे परेशान ग्रामीणों ने बिजली सप्लाई पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार देने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। इस रवैये से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार सुबह पांच बजे गोहाना-भिवानी स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से वाहनों को जाने देने के लिए कहा। ग्रामीणों ने डीएसपी शमशेर सिंह, तहसीलदार राकेश मलिक और राजकुमार शर्मा की एक नहीं सुनी। लगभग साढ़े आठ घंटे बाद एसडीएम प्रदीप अहलावत और बिजली विभाग के अधिकारी जाम खुलवाने मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को 12 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने एसडीएम के आश्वासन के बाद हाईवे से अवरोध हटाकर वाहनों को जाने दिया।
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अधिकारियों ने नहीं दिखाई तत्परता, नौ घंटे बंद रहा हाईवे
निंदाना में स्टेट हाईवे जाम होने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता नहीं दिखाई। ग्रामीण एसडीएम के मौके पर आने की मांग पर अड़े थे, लेकिन एसडीएम ने डीएसपी शमशेर सिंह की मार्फत संदेश भेजा कि ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल कार्यालय में आकर समस्या रखे। अधिकारियों के रुख को देखते हुए जाम स्थल पर सैकड़ों महिलाएं भी एकत्रित हो गईं। इसके अलावा लोगों ने जाम स्थल पर तंबू भी गाड़ दिए। महिलाओं के जाम में शामिल होने और तंबू गाड़ने की सूचना पर आखिरकार एसडीएम प्रदीप अहलावत दलबल सहित मौके पर पहुंचे।
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बड़े वाहन थमे, छोटे वाहन अप्रोच रोड से निकले
छोटे वाहन बैंसी-फरमाणा-जुलाना होते हुए निकाले गए लेकिन बड़े वाहन थमे रहे। उन्हें जाम खुलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ वाहन चालकों ने जाम खुलता न देख रोहतक होते हुए भिवानी की राह पकड़ी।