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Rohtak News: मिट्टी से जुड़ा जुनून, पौधे लगाकर बढ़ा रही हरियाली

Sat, 29 Aug 2026 01:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:56 AM IST
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ncreasing greenery by planting saplings.
फोटो- 52: पौधों की देखभाल करती डॉ. आशा शर्मा। स्रोत स्वयं - फोटो : Samvad
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बहादुरगढ़। पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ लोग सिर्फ बातें करते हैं जबकि कुछ अपने प्रयासों से बदलाव की मिसाल कायम करते हैं। शहर के वैश्य बीएड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा पिछले कई दशकों से पौधारोपण और पौधों की देखभाल को अपने जीवन का हिस्सा बनाए हुए हैं। वर्ष 1989 से लगातार पौधे लगा रहीं डॉ. आशा अब तक हजारों पौधे लगा चुकी हैं। वह पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रहतीं बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करती हैं। हर वर्ष पौधों की देखभाल पर अपनी जेब से करीब 30 से 40 हजार रुपये खर्च करती हैं।

कुरुक्षेत्र में जन्मीं डॉ. आशा शर्मा की बचपन से ही प्रकृति के प्रति गहरी रुचि रही है। उन्होंने अपने घर की छत पर भी मिनी गार्डन तैयार किया हुआ है। सेक्टर-6 के मुख्य मार्गों पर लगे पॉम के पेड़ भी उनके प्रयासों का हिस्सा हैं। वह क्लीन एंड ग्रीन और सार्थक सेवा समिति सहित कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण के अभियान चलाती हैं। हाल ही में उन्होंने तरु तरंग अभियान के तहत पौधारोपण कर जहां हरियाली, वहीं खुशहाली का संदेश दिया।
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शादी के 12 साल बाद फिर शुरू की पढ़ाई

डॉ. आशा शर्मा का विवाह बहादुरगढ़ के छारा गांव में हुआ। शादी के बाद गृहस्थी की जिम्मेदारियों के चलते उनकी पढ़ाई छूट गई। इस दौरान वह थायराइड जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझीं। इसके बावजूद शादी के 12 साल बाद उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और मास्टर इन इंग्लिश, एमएड, पीएचडी इन इंग्लिश तथा पीएचडी इन एजुकेशन की डिग्री हासिल की। वह विभिन्न विषयों पर 13 पुस्तकें भी लिख चुकी हैं।
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शिक्षण क्षेत्र में बनाई अलग पहचान

डॉ. आशा शर्मा ने 1997 में शिक्षण क्षेत्र में कदम रखा। 2002 तक वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय, बहादुरगढ़ में छात्राओं को पढ़ाया। इसके बाद गौड़ ब्राह्मण कॉलेज, रोहतक में 2004 तक कार्य किया। वर्ष 2004 से 2014 तक वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में लेक्चरर रहीं। वर्ष 2014 से वह इसी संस्थान में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं।


डॉ. आशा का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। यदि हर व्यक्ति पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण दिया जा सकता है।

फोटो- 52:
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