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Rohtak News: बिना परमिट के शहर में दौड़ रही नगर निगम की सिटी बसें
Fri, 19 Jan 2024 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 19 Jan 2024 12:14 AM IST
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रोहतक। नगर निगम की सिटी बसें शहर में बिना परमिट के ही दौड़ रही हैं। बगैर परमिट के ही रोडवेज बस स्टैंड से सवारियों को बैठाकर उनके गंतव्य स्थान तक छोड़ती है। सिटी बसों के ठेकेदार ने रोडवेज डिपो की 4.30 लाख के करीब बस अड्डा फीस तक अदा नहीं की है। जिसको लेकर जीएम रोडवेज भारत भूषण गोगिया उपायुक्त को चिट्ठी तक लिख चुके हैं। आरटीओ विभाग द्वारा भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नगर निगम की सिटी बसों को रोडवेज डिपो से मिलने वाला नो ड्यूज अभी तक भी नहीं मिला है। जब तक सिटी बसों का ठेकेदार बस अड्डे की फीस अदा नहीं करेगा तब तक डिपो बसों को नोड्यूज नहीं देगा। जब तक नोड्यूज नहीं मिलता तब तक बसों का परमिट आरटीए विभाग नहीं करेगा। उसके बावजूद भी शहर में सिटी बसें चल रही है। भारत भूषण गोगिया ने उपायुक्त अजय कुमार को पत्र भी लिखा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर सिटी बसों पर कार्रवाई की जाए। क्योंकि बिना परमिट के ही शहर में दौड़ रही है।
ठेकेदार बोला, हमने डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया
नगर निगम सिटी बस संचालक का कहना है कि हमने बस अड्डा फीस देने के लिए डेढ़ लाख रुपये का चैक साैंप दिया गया है। जबकि बकाया रुपये निगम ने ही देने है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में केस भी चल रहा है। जिसकी अब 22 जनवरी को तारीख भी है। हमारी तरफ से कोई कमी नहीं है, निगम द्वारा ही बकाया राशि रोडवेज को देनी है।
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हमने इसके लिए उपायुक्त को भी डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक इसका जवाब हमें नहीं मिला है। फिलहाल साढ़े चार लाख के करीब बस अड्डा की फीस भी सिटी बसों की बकाया है।
भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिप
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नगर निगम की सिटी बसों को रोडवेज डिपो से मिलने वाला नो ड्यूज अभी तक भी नहीं मिला है। जब तक सिटी बसों का ठेकेदार बस अड्डे की फीस अदा नहीं करेगा तब तक डिपो बसों को नोड्यूज नहीं देगा। जब तक नोड्यूज नहीं मिलता तब तक बसों का परमिट आरटीए विभाग नहीं करेगा। उसके बावजूद भी शहर में सिटी बसें चल रही है। भारत भूषण गोगिया ने उपायुक्त अजय कुमार को पत्र भी लिखा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर सिटी बसों पर कार्रवाई की जाए। क्योंकि बिना परमिट के ही शहर में दौड़ रही है।
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ठेकेदार बोला, हमने डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया
नगर निगम सिटी बस संचालक का कहना है कि हमने बस अड्डा फीस देने के लिए डेढ़ लाख रुपये का चैक साैंप दिया गया है। जबकि बकाया रुपये निगम ने ही देने है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में केस भी चल रहा है। जिसकी अब 22 जनवरी को तारीख भी है। हमारी तरफ से कोई कमी नहीं है, निगम द्वारा ही बकाया राशि रोडवेज को देनी है।
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हमने इसके लिए उपायुक्त को भी डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक इसका जवाब हमें नहीं मिला है। फिलहाल साढ़े चार लाख के करीब बस अड्डा की फीस भी सिटी बसों की बकाया है।
भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिप