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बस स्टैंड पर पेयजल संकट से रोजाना जूझ रहे 50 हजार से अधिक यात्री
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नए बस स्टैंड पर वाटर कूलर में नहीं आ रहा है पानी। अमर उजाला
रोहतक। नगर निगम की साढ़े पांच लाख से अधिक की आबादी के साथ ही हरियाणा रोडवेज का रोहतक बस स्टैंड भी चार दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। यहां पेयजल संकट को देखते हुए दस शौचालयों में से चार पर ताला लगा दिया गया है। प्याऊ पर पानी न होने से खरीद कर पानी पीना या टैंकर पर पानी पीने का ही विकल्प बचा है। यह हाल उस स्थान का है जहां प्रतिदिन 50 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। रोहतक डिपो की ओर से इस समस्या का समाधान करवाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को चार बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन चार पांच दिनों से स्थिति जस की तस है। वहीं जिम्मेदार विभाग का कहना है कि उन्हें यहां की समस्या की जानकारी ही नहीं है।
हरियाणा रोडवेज में सुहाना सफर करने का सपना देखने वाले यात्रियों को इन दिनों पेयजल का मोहताज होना पड़ रहा है। क्योंकि निशुल्क पेयजल का दावा करने वाले विभाग के यहां अब 20 रुपये बोतल के हिसाब से पानी खरीद कर पीना मजबूरी हो गया है। दूसरे सीधा टैंकर पर जाए और पानी पिया जाए। इसके लिए भी टैंकर की तलाश करनी पड़ेगी और पूछना पड़ेगा कि पानी कहां मिलेगा। खरीदकर पानी का विकल्प तो यहां मौजूद है, लेकिन सबसे अधिक समस्या शौचालयों की आ रही है। वाटर टैंक में पानी न होने के चलते इन्हें बंद रखा जा रहा है। सबसे अधिक समस्या महिला यात्रिओं व दूर से आने वाले यात्रियों को हो रही है। रोडवेज विभाग रोजाना 15 के करीब पानी के निजी टैंकर मंगवा कर अपना काम चला रहा है। लेकिन यह पानी अपर्याप्त हो रहा है। रोडवेज प्रशासन के अनुसार समस्या एक समय तो चल सकती है, लेकिन यदि यह चार-पांच दिन जारी रहे तो व्यवस्था चरमरा जाती है। रोजाना हजारों यात्री पेयजल के संकट से जूझ रहे हैं।
जिले के यात्रियों के अलावा अन्य जिलों से भी आते हैं यात्री
रोहतक बस स्टैंड पर हिसार, भिवानी, जींद, पानीपत, रेवाड़ी, दिल्ली की ओर से आने वाले यात्रियों की संख्या प्रतिदिन हजारों में है। यही नहीं रोहतक डिपो की 178 बसों में ही प्रतिदिन 25 हजार के करीब यात्री रोजाना सफर करते हैं। अन्य डिपो की बसों की बात करें तो रोजाना 50 हजार से अधिक यात्रियों का यहां आवागमन होता है। पेयजल संकट से यात्रियों के अलावा बस स्टैंड का प्लेटफार्म, वर्कशाप, कैंटीनें, पुलिस चौकी आदि सभी प्रभावित हैं।
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फायर फाइटिंग सिस्टम भी सिलिंडरों के भरोसे
हरियाणा रोडवेज के रोहतक बस स्टैंड पर पेयजल संकट इस तरह चरमराया है कि फायर फाइटिंग सिस्टम के नाम पर यहां सिलिंडर ही बचे हैं। क्योंकि पेयजल तो पानी के टैंकों में उपलब्ध ही नहीं है। वर्कशॉप में बसों को धोने के लिए व्यवस्था है, लेकिन वह पेयजल की सारी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। पेयजल संकट का असर बसों की वाशिंग पर भी आ गया है।
बोले यात्री
पीने को पानी नहीं है, शौचालय में पानी नहीं है। बस स्टैंड पर भी यात्रियों को पानी नहीं मिल रहा है। कई किलोमीटर से यात्री बस स्टैंड पर पहुंचता है कि वहां सुविधा मिलेगी, लेकिन रोहतक डिपो की दयनीय हालत है। विभाग सिर्फ किराया बढ़ाने पर ध्यान देता है।
- कन्हैया, काठमंडी
शौचालय में पानी नहीं, पीने को पानी नहीं है। महिला यात्री कहां जाएं। शौचालय के गेट पर ताला लगाने की जगह अधिकारियों के गेट पर ताला लगना चाहिए। गांव ही नहीं शहर में भी बुरा हाल है। बस स्टैंड पर पानी न होना शर्म की बात है।
- पिंकी, सिसाना
बोले अधिकारी
पानी नहर में आ रहा है, समस्या का समाधान हो जाएगा। पेयजल लाइन टूटने की जानकारी मेरे पास नहीं है। बस स्टैंड की पेयजल समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।
- फूल सिंह, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
बोले अधिकारी
हम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लगातार संपर्क में हैं। पेयजल संकट के लिए रिमाइंडर भेजा जा रहा है। लगातार उनके अधिकारियों के संपर्क में हैं। प्रयास कर रहे हैं कि पेयजल समस्या का समाधान हो।
- भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज रोहतक डिपो
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हरियाणा रोडवेज में सुहाना सफर करने का सपना देखने वाले यात्रियों को इन दिनों पेयजल का मोहताज होना पड़ रहा है। क्योंकि निशुल्क पेयजल का दावा करने वाले विभाग के यहां अब 20 रुपये बोतल के हिसाब से पानी खरीद कर पीना मजबूरी हो गया है। दूसरे सीधा टैंकर पर जाए और पानी पिया जाए। इसके लिए भी टैंकर की तलाश करनी पड़ेगी और पूछना पड़ेगा कि पानी कहां मिलेगा। खरीदकर पानी का विकल्प तो यहां मौजूद है, लेकिन सबसे अधिक समस्या शौचालयों की आ रही है। वाटर टैंक में पानी न होने के चलते इन्हें बंद रखा जा रहा है। सबसे अधिक समस्या महिला यात्रिओं व दूर से आने वाले यात्रियों को हो रही है। रोडवेज विभाग रोजाना 15 के करीब पानी के निजी टैंकर मंगवा कर अपना काम चला रहा है। लेकिन यह पानी अपर्याप्त हो रहा है। रोडवेज प्रशासन के अनुसार समस्या एक समय तो चल सकती है, लेकिन यदि यह चार-पांच दिन जारी रहे तो व्यवस्था चरमरा जाती है। रोजाना हजारों यात्री पेयजल के संकट से जूझ रहे हैं।
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जिले के यात्रियों के अलावा अन्य जिलों से भी आते हैं यात्री
रोहतक बस स्टैंड पर हिसार, भिवानी, जींद, पानीपत, रेवाड़ी, दिल्ली की ओर से आने वाले यात्रियों की संख्या प्रतिदिन हजारों में है। यही नहीं रोहतक डिपो की 178 बसों में ही प्रतिदिन 25 हजार के करीब यात्री रोजाना सफर करते हैं। अन्य डिपो की बसों की बात करें तो रोजाना 50 हजार से अधिक यात्रियों का यहां आवागमन होता है। पेयजल संकट से यात्रियों के अलावा बस स्टैंड का प्लेटफार्म, वर्कशाप, कैंटीनें, पुलिस चौकी आदि सभी प्रभावित हैं।
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फायर फाइटिंग सिस्टम भी सिलिंडरों के भरोसे
हरियाणा रोडवेज के रोहतक बस स्टैंड पर पेयजल संकट इस तरह चरमराया है कि फायर फाइटिंग सिस्टम के नाम पर यहां सिलिंडर ही बचे हैं। क्योंकि पेयजल तो पानी के टैंकों में उपलब्ध ही नहीं है। वर्कशॉप में बसों को धोने के लिए व्यवस्था है, लेकिन वह पेयजल की सारी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। पेयजल संकट का असर बसों की वाशिंग पर भी आ गया है।
बोले यात्री
पीने को पानी नहीं है, शौचालय में पानी नहीं है। बस स्टैंड पर भी यात्रियों को पानी नहीं मिल रहा है। कई किलोमीटर से यात्री बस स्टैंड पर पहुंचता है कि वहां सुविधा मिलेगी, लेकिन रोहतक डिपो की दयनीय हालत है। विभाग सिर्फ किराया बढ़ाने पर ध्यान देता है।
- कन्हैया, काठमंडी
शौचालय में पानी नहीं, पीने को पानी नहीं है। महिला यात्री कहां जाएं। शौचालय के गेट पर ताला लगाने की जगह अधिकारियों के गेट पर ताला लगना चाहिए। गांव ही नहीं शहर में भी बुरा हाल है। बस स्टैंड पर पानी न होना शर्म की बात है।
- पिंकी, सिसाना
बोले अधिकारी
पानी नहर में आ रहा है, समस्या का समाधान हो जाएगा। पेयजल लाइन टूटने की जानकारी मेरे पास नहीं है। बस स्टैंड की पेयजल समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।
- फूल सिंह, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
बोले अधिकारी
हम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लगातार संपर्क में हैं। पेयजल संकट के लिए रिमाइंडर भेजा जा रहा है। लगातार उनके अधिकारियों के संपर्क में हैं। प्रयास कर रहे हैं कि पेयजल समस्या का समाधान हो।
- भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज रोहतक डिपो