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किसान आंदोलन में फंसे 100 से ज्यादा ट्रक, यूनियन ने नया काम लेना किया बंद

Mon, 30 Nov 2020 12:26 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2020 12:26 AM IST
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More than 100 trucks stuck in farmer movement, union stopped taking new work
More than 100 trucks stuck in farmer movement, union stopped taking new work - फोटो : RohtakCity
कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब से किसानों का काफिला दिल्ली जाने के बाद से दिल्ली हाईवे सूना-सूना नजर आ रहा है। आंदोलन के चलते कंपनियों का माल लदे 100 से ज्यादा ट्रक दिल्ली की सड़कों पर फंस गए हैं। ऐसे में ट्रक यूनियन ने भी काम लेना बंद कर दिया है। उद्योगपति ही नहीं, मंडी के व्यापारी भी माल वाहनों के फंसने से चिंतित हैं। फिलहाल किसी तरह की परेशानी नहीं है, मगर वाहनों के घूमकर आने से समय व ईंधन खर्च जरूर बढ़ रहा है।
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किसान आंदोलन ने जिले के उद्योगपतियों, सब्जी-फल व्यापारियों व ट्रक यूनियन की चिंता भी बढ़ा दी है। यह आंदोलन लंबा चला तो कच्चे माल की आवक और तैयार को बाहर भेजने की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। यही नहीं फलों के दाम पर असर पड़ने की संभावना है। आंदोलन में जिले के करीब 100 से ज्यादा ट्रक फंस गए हैं। ये माल लेकर निकले थे। इनमें से कुछ आने हैं तो कुछ बाहर जाने हैं। ट्रक यूनियन की मानें तो ज्यादातर में खाद्य सामग्री है। लंबे समय तक इनके फंसे रहने से यह सामग्री खराब हो सकती है। वहीं, ट्रकों के नहीं चलने से माल पहुंचाने की लागत भी बढ़ सकती है। आंदोलन के चलते जितने वाहन फंसे हैं, उससे अलग वाहन दूसरे लंबे रास्तों से घूमकर आ रहे हैं। इससे उनकी ईंधन खपत बढ़ गई है। यह बढ़त वस्तुओं के दाम पर असर डाल सकती है।
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रविवार को माल खरीदने दिल्ली नहीं जा सके व्यापारी, ऑनलाइन कर रहे माल का सौदा
दिल्ली में टिकरी बॉर्डर जाम होने से रविवार को शहर के व्यापारी माल खरीदने के लिए दिल्ली नहीं जा सके। ज्यादातर ने लॉकडाउन के समय की तरह ऑनलाइन माल की बुकिंग की। अब ट्रांसपोर्टर दूसरे रास्तों से माल लेकर रोहतक आएंगे। कपड़ा व्यापारी एवं किला रोड के व्यापारी नेता दीपक पुनियानी ने बताया कि रविवार को छुट्टी के चलते ज्यादातर व्यापारी दिल्ली जाकर माल पसंद करता है। उस माल को अपनी गाड़ी या ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगवाया जाता है। सुबह वे जब दिल्ली गए तो टिकरी बॉर्डर पर रास्ता बंद मिला। साथ ही नजफगढ़ की तरफ वाले रास्ते पर जाम की स्थिति थी। इस कारण लौट आए। वहीं ट्रांसपोर्टर भी सिंधु बॉर्डर व टिकरी बॉर्डर बंद होने के कारण दूसरे रास्तों से माल रोहतक लेकर आ रहे हैं। दो दिन तो पुलिस ने दिल्ली ही नहीं जाने दिया। रविवार को दूसरे रास्तों से जाने की अनुमति मिली। बता दें कि रोहतक में शहर की सबसे बड़ी कपड़ा मार्केट है, जहां थोक भी कारोबार होता है। यहां दिल्ली से भी काफी माल आता है, रोड जाम होने अभी ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। लेकिन लंबे समय तक रोड जाम रहा तो कारोबार पर असर पड़ना तय है।
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किसानों के आंदोलन का असर अभी उद्योगों पर नहीं पड़ा है। हालांकि कुछ गाड़ियां माल के साथ फंसी हैं, मगर काम चल रहा है। दूसरे रास्तों से ट्रक आ भी रहे हैं और जा भी रहे हैं। आंदोलन लंबा चला तो लंबे रूट का खर्च वस्तु की कीमत पर असर डाल सकता है।
-एसके खटोड़, प्रधान, रोहतक आईडीसी इंडस्ट्री एसोसिएशन।
किसान कृषि कानूनों का विरोध करने उतरे हैं। सरकार ने उनकी बात को अनसुना किया। इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। हमें भी अपनी दो प्रतिशत कर रद्द कराने की मांग को लेकर इसी तरह सड़क पर आना होगा। आंदोलन से फल-सब्जी पर किसी तरह का असर नहीं है। यह जरूरतें आसपास से ही पूरी होती हैं। वहीं से माल आ रहा है।

-सोनी छाबड़ा, प्रधान, न्यू सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
किसान आंदोलन का काम पर असर पड़ा है। माल लेकर गई कुछ गाड़ियां दिल्ली सीमा तो कुछ पंजाब में फंसी हैं। आंदोलन को देखते हुए दिल्ली व पंजाब की नई बुकिंग बंद कर दी गई है। आंदोलन बढ़ा तो दिक्कत हो सकती है।
-राकेश धनखड़, रोहतक पब्लिक गुड्स मोटर एसोसिएशन।
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