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हरियाणा साढा है, एथे लठ नाल रहेंगे

Mon, 29 Feb 2016 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक Updated Mon, 29 Feb 2016 01:24 AM IST
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meeting of punjabi community in rohtak against jaat reservation violation

गर दिल चार हो गए तो न तुम रह सकोगे और न हम, गर हमें मारा तो न तुम जी सकोगे और न हम... हरियाणा साढा है, एथे लठ नाल रहेंगे। पाकिस्तान से हम सभी पंजाबी भाई सिर्फ तीन कपड़ों में आए थे। अपने खून और पसीने से पूरे रोहतक शहर को सींचा है, हरियाणा को बसाने में भी हमारी पूरी भागीदारी है।

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आरक्षण की आड़ में हिंसा फैलाने के बाद भी अगर एक जाति के हक में फैसला होता है तो पंजाबी भी आरक्षण लेने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने हमारी रोजी-रोटी को चुन-चुनकर छीना है, उसे खाक किया है। वे यह न समझें कि हम कमजोर हैं। हम पंजाबी खुद्दार हैं। मेहनत करके खाना जानते हैं, न कि किसी का हक छीनकर।

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इसलिए पंजाबी बिरादरी के साथ अन्य बिरादरियों को भी एक साथ अपने हक के लिए खड़े होने की जरूरत है। पंजाबियों में यह आक्रोश रविवार को गांधी कैंप के सब्जी मंडी पार्क में हुई बैठक में देखने को मिला। इसमें गांधी नगर के साथ जवाहर नगर, पटेल नगर और चिन्योट कॉलोनी से काफी संख्या में लोग शामिल हुए।

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इस दौरान समाजसेवी प्रीतम भ्याना ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में न केवल पूरी पंजाबी बिरादरी को इकट्ठा करना होगा, बल्कि अन्य सभी बिरादरी के लोगों को भी अपने साथ जोड़ना होगा। इस उपद्रव में हमारे पंजाबी और सैनी समुदाय के व्यापारियों को अधिक नुकसान पहुंचाया गया है।

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उनकी मदद करनी होगी और मुख्य धारा में साथ लाना होगा, ताकि वे खुद को गैर न समझें। वहीं, समाजसेवी मनमोहन आजाद ने कहा कि उपद्रव मचाने वाले यह भूल गए हैं कि भारत को आजादी दिलाने वाले 90 फीसदी पंजाबी ही थे। यह बहुत बहादुर कौम है।


हालांकि, अपने व्यापार को बढ़ाने के चक्कर में जरूर बिखर गए हैं, लेकिन हम सब साथ हैं। इस अवसर पर पार्षद अनीता मिगलानी, सतपाल, वीरेंद्र कुमार शास्त्री, पवन सहगल, मनीष विज, संजय निझावन, राकेश परुथी, राम प्रकाश बत्तरा, गुलशन गिरधर और सुभाष भल्ला मौजूद रहे।


बैठक में ये हुए फैसले

1. प्रशासन सुरक्षा में फेल रहा है, इसलिए अपने पास हथियार रखें और लाइसेंस के लिए आवेदन करें।

2. पीड़ित व्यापारियों को मुख्य धारा में लाने के लिए चंदा इकट्ठा किया जाए, ताकि वे फिर से खड़े हो सकें।

3. सभी 35 बिरादरी के लोगों को इकट्ठा किया जाए।

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