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Rohtak News: एमडीयू के भूगोल विभाग को मिला उत्कृष्टता पुरस्कार
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एमडीयू के भूगोल विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित प्रतिभागी। स्रोत : एमडीयू
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की ओर से आयोजित 36वां भारतीय भू-आकृति विज्ञान संस्थान (आईजीआई) राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को संपन्न हुआ। भू-आकृति विज्ञान, पर्यावरण और समाज विषय पर एफडीसी में यह आयोजन हुआ।
सम्मेलन में नई दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, मेघालय, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश समेत देशभर से 175 प्रमुख भू-आकृति वैज्ञानिक, शोधकर्ता और शिक्षाविदों ने भाग लिया। यहां जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं, पर्यावरणीय गिरावट और सतत विकास जैसी चुनौतियों का समाधान करने पर जोर दिया गया। साथ ही हमारे पर्यावरण और समाज को आकार देने में भू-आकृति विज्ञान प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर गहन विचार मंथन किया गया।
भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. महताब सिंह ने बताया कि सम्मेलन में 18 तकनीकी सत्र व 9 विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। इनमें प्रो. सुनील कुमार डे, प्रो. एआर सिद्दीकी, प्रो. नारायण चंद्र जाना, प्रो. देवी दत्त चौनियाल, प्रो. पद्मिनी पाणि, प्रो. प्रमोद कुमार एस. हिरे, प्रो. सुभमिता चौधरी, प्रो. सुधाकर डी. परदेशी, प्रो. मिलाप चंद शर्मा, प्रो. सुनंदो बंद्योपाध्याय, प्रो. प्रताप महाराणा, प्रो. आशीष कुमार पॉल और प्रो. अनर्गा धोर्डे समेत अनेक भूू-आकृति वैज्ञानिकों, जलवायु वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं ने शिरकत की। यहां ‘भू-आकृति विज्ञान में हालिया प्रगति’, ‘संरचनात्मक भू-आकृति विज्ञान’, भू-आकृति विज्ञान और जलवायु परिवर्तन’, ‘जैव- भू-आकृति विज्ञान’, भू-आकृति और भू-पर्यटन’, ‘भू-खतरे और प्रबंधन’, और भू-आकृति विज्ञान, विकास, योजना और संसाधन प्रबंधन’ आदि सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रो. एसआर बसु स्मारक व्याख्यान भी हुआ। समापन सत्र में विद्यासागर विश्वविद्यालय, मिदनापुर, पश्चिम बंगाल के प्रो. रामकृष्ण मैती को भारतीय भू-आकृति विज्ञान संस्थान (आईजीआई) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के रूप में सम्मानित किया गया। एमडीयू के भूगोल विभाग को ‘उत्कृष्टता पुरस्कार’ से सम्मानित किया। समापन सत्र में प्रीतम कुमार संतरा को ‘युवा भू-आकृति विज्ञानी पुरस्कार’ व अभिषेक कुमार, शोधार्थी, भूगोल विभाग, एमडीयू को ‘द्वितीय सर्वश्रेष्ठ भू-आकृति विज्ञानी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
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भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. महताब सिंह ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं व आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के सह-संयोजक प्रो. सचिंदर सिंह ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सम्मेलन की आयोजन सचिव प्रो. रेणु आर्य ने आभार जताया। प्रो. सुचेता यादव ने मंच का संचालन किया। कन्वीनर प्रो. बीनू सांगवान व आयोजन सचिव प्रो. प्रमोद भारद्वाज ने सम्मेलन का संचालन एवं समन्वयन किया।
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सम्मेलन में नई दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, मेघालय, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश समेत देशभर से 175 प्रमुख भू-आकृति वैज्ञानिक, शोधकर्ता और शिक्षाविदों ने भाग लिया। यहां जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं, पर्यावरणीय गिरावट और सतत विकास जैसी चुनौतियों का समाधान करने पर जोर दिया गया। साथ ही हमारे पर्यावरण और समाज को आकार देने में भू-आकृति विज्ञान प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर गहन विचार मंथन किया गया।
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भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. महताब सिंह ने बताया कि सम्मेलन में 18 तकनीकी सत्र व 9 विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। इनमें प्रो. सुनील कुमार डे, प्रो. एआर सिद्दीकी, प्रो. नारायण चंद्र जाना, प्रो. देवी दत्त चौनियाल, प्रो. पद्मिनी पाणि, प्रो. प्रमोद कुमार एस. हिरे, प्रो. सुभमिता चौधरी, प्रो. सुधाकर डी. परदेशी, प्रो. मिलाप चंद शर्मा, प्रो. सुनंदो बंद्योपाध्याय, प्रो. प्रताप महाराणा, प्रो. आशीष कुमार पॉल और प्रो. अनर्गा धोर्डे समेत अनेक भूू-आकृति वैज्ञानिकों, जलवायु वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं ने शिरकत की। यहां ‘भू-आकृति विज्ञान में हालिया प्रगति’, ‘संरचनात्मक भू-आकृति विज्ञान’, भू-आकृति विज्ञान और जलवायु परिवर्तन’, ‘जैव- भू-आकृति विज्ञान’, भू-आकृति और भू-पर्यटन’, ‘भू-खतरे और प्रबंधन’, और भू-आकृति विज्ञान, विकास, योजना और संसाधन प्रबंधन’ आदि सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रो. एसआर बसु स्मारक व्याख्यान भी हुआ। समापन सत्र में विद्यासागर विश्वविद्यालय, मिदनापुर, पश्चिम बंगाल के प्रो. रामकृष्ण मैती को भारतीय भू-आकृति विज्ञान संस्थान (आईजीआई) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के रूप में सम्मानित किया गया। एमडीयू के भूगोल विभाग को ‘उत्कृष्टता पुरस्कार’ से सम्मानित किया। समापन सत्र में प्रीतम कुमार संतरा को ‘युवा भू-आकृति विज्ञानी पुरस्कार’ व अभिषेक कुमार, शोधार्थी, भूगोल विभाग, एमडीयू को ‘द्वितीय सर्वश्रेष्ठ भू-आकृति विज्ञानी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
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भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. महताब सिंह ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं व आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के सह-संयोजक प्रो. सचिंदर सिंह ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सम्मेलन की आयोजन सचिव प्रो. रेणु आर्य ने आभार जताया। प्रो. सुचेता यादव ने मंच का संचालन किया। कन्वीनर प्रो. बीनू सांगवान व आयोजन सचिव प्रो. प्रमोद भारद्वाज ने सम्मेलन का संचालन एवं समन्वयन किया।