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Rohtak News: एमडीयू का विद्यार्थियों पर झूठे आरोप लगाकर एफआईआर कराना गलतः शिक्षक-गैरशिक्षक संघ

Thu, 25 Sep 2025 05:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Thu, 25 Sep 2025 05:44 AM IST
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MDU's filing of an FIR against students based on false allegations is wrong: Teachers' and Non-Teachers' Union
02. पत्रकारों से बात करते छात्र नेता प्रदीप मोटा व साथ हैं एमडीयू गैर ​शिक्षक संघ के प्रधान अनि - फोटो : samvad
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। एमडीयू कुलपति आवास में तोड़फोड़ को झूठा करार देते हुए विवि शिक्षक-गैरशिक्षक संघ अध्यक्षों ने छात्र नेताओं पर कराई गई एफआईआर को गलत करार दिया है। कहा, ये लोग वाटिका तक गए थे, आवास तक नहीं। सवाल दागा कि जब विवि में नर्सरी है तो यहां हजारों गमले क्यों लाए गए, इसकी जांच हो।
बुधवार को एमडीयू के यूनियन कार्यालय में शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच व गैर शिक्षक कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अनिल मल्होत्रा ने पत्रकारों से कहा कि छात्र नेता प्रदर्शन के दौरान कुलपति आवास के अंदर नहीं गए थे। इन्होंने जाने की अनुमति मांगी थी, जो स्टाफ ने नहीं दी थी।
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जवाब का कुछ देर तक इंतजार करते हुए शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा अपने समर्थकों संग वाटिका में चले गए। यहां इन्हें करीब 15 हजार गमले और एक ही प्रजाति के पौधे दिखाई दिए।
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संघ अध्यक्षों ने सवाल किया कि विवि में नर्सरी होने के बावजूद इतने गमले और एक ही तरह के पौधे वाटिका में क्यों रखे गए हैं? इन्हें खरीदा गया है या यहीं तैयार किया गया है, इसका प्रमाण या कारण भी होना चाहिए। विवि प्रशासन इस बारे में स्थिति स्पष्ट करे।
कहा, विद्यार्थियों पर वीसी आवास में घुसकर तोड़फोड़ का गलत आरोप लगाने के बजाय मामले की सही तस्वीर दिखाए। वीसी की बुजुर्ग मां से अभद्रता के आरोप लगाए गए, उससे विवि अधिकारी ही दो दिन तक मिले भी नहीं। ऐसी ही चिंता थी तो उन्हें तुरंत जाकर कुशलक्षेम पूछना था।

संघ अध्यक्षों ने गमला प्रकरण की जांच व प्रदीप मोटा व अन्य पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की। इस मौके पर पहुंचे एनएसओ, एनएसयूआई, एबीवीपी, आईएमएसओ, आईएसओ, सीईएम, दिशा व एकलव्य छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने भी सरकार से केस रद्द करने की मांग की।
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