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Haryana: एमडीयू प्रो. नसीब सिंह गिल को बड़ी राहत, निलंबन खत्म, वीसी ने जारी किए आदेश
Mon, 02 Mar 2026 07:22 PM IST
Ankesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
Published by: Ankesh Kumar
Updated Mon, 02 Mar 2026 07:22 PM IST
सार
एमडीयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. नसीब सिंह गिल का निलंबन निरस्त कर दिया है। उन्हें 17 फरवरी को तत्कालीन कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने निलंबित किया था।
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एमडीयू रोहतक।
- फोटो : संवाद
विस्तार
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के निलंबित प्रोफेसर नसीब सिंह गिल को बड़ी राहत मिली है। एमडीयू के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने प्रो. नसीब सिंह गिल का निलंबन निरस्त कर दिया है। उन्हें 17 फरवरी को तत्कालीन कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने निलंबित किया था।
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प्रो. गिल की नियुक्ति के खिलाफ आईं शिकायतों की जांच के लिए पूर्व वीसी प्रो. राजबीर सिंह ने एक सदस्यीय डॉ. पी बापैया की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग इनक्वायरी कमेटी गठित की थी। 10 जनवरी को सौंपी रिपोर्ट में डॉ. बापैया ने कहा है कि 37 साल पहले 1989 में चयनित हुए प्रो. गिल लेक्चरर की योग्यता नहीं रखते थे।
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उस वक्त एमडीयू की ओर से निकाले गए विज्ञापन (संख्या 7/89) में लेक्चरर के लिए पीएचडी या एमफिल की शर्त रखी गई थी। प्रो. गिल और उनके साथ चयनित राजिंदर सिंह यह योग्यता नहीं रखते थे। एक पद के सापेक्ष दो लेक्चरर की भर्ती भी गलत हुई। अब तो इनकी नियुक्ति के दस्तावेज भी यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड से गायब हैं।
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फैक्ट फाइंडिंग इनक्वायरी रिपोर्ट में योग्यता नहीं रखने की बात सामने आने के बाद प्रो. गिल पर बर्खास्तगी की भी तलवार लटक रही थी। वहीं, प्रो. गिल का दावा है कि उनका चयन पूरी तरह से सही और नियमानुसार है।