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आदेश के बावजूद खाली नहीं हुए एमडीयू के हॉस्टल, अब तोड़े जाएंगे ताले
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कोरोना संक्रमण में विद्यार्थियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी परीक्षा, कभी नई कक्षा में प्रवेश और अब हॉस्टल का सामान, उनकी परेशानी का कारण बन रहा है। एमडीयू प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को हॉस्टल खाली करने का अल्टीमेटम 20 जुलाई को पूरा हो चुका है। इसके बावजूद कुछ विद्यार्थियों का सामान अब भी हॉस्टलों में रखा है। अब एमडीयू प्रशासन हॉस्टल के कमरों के ताले तोड़कर यहां रखा सामान बाहर निकालेगा। इस सामान में विद्यार्थियों की किताबें, कपड़े, बिस्तर शामिल है।
मामले को लेकर विवि की ओर से एक कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी अपनी देखरेख में कमरों के ताले तोड़कर सामान निकालेगी। यह सारा सामान कैंपस में ही अलग जगह सुरक्षित रखा जाएगा। यहीं से विद्यार्थी अपना सामान वापस प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए भी विद्यार्थियों को अपने वार्डन व सुपरवाइजरों को अवगत कराना होगा। वहीं मंगलवार को भी एमडीयू के हॉस्टलों से सामान ले जाने के लिए विद्यार्थी कैंपस पहुंचे। बारिश के बावजूद 150 से 200 किलोमीटर दूर से आए इन विद्यार्थियों को सामान ले जाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। सामान ले जाने की अंतिम तिथि निकलने के कारण प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ी।
एमफिल-पीएचडी वालों को मिली राहत
विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद एमडीयू प्रशासन ने एमफिल व पीएचडी स्कॉलर्स को राहत दी है। इन्हें कमरे खाली नहीं करने होंगे। पढ़ाई जारी रहने के कारण इन्हें यहां रहने की अनुमति दी गई है। जबकि अन्य विद्यार्थियों का कोर्स पूरा हो चुका है। इसलिए उन्हें कमरे खाली करने के लिए कहा गया है।
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कैंपस में काफी संख्या में विद्यार्थी अपना सामान नहीं ले जा पाए हैं। ये दूर-दराज के इलाकों से बारिश व कोरोना के खतरे से जूझते हुए कैंपस आ रहे हैं। इसके लिए किराये पर वाहन करना पड़ रहा है। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से उन्हें पांच हजार रुपये सहायता राशि दी जानी चाहिए। इसके अलावा विद्यार्थियों को सामान ले जाने के लिए समय दिया जाए।
- अमनप्रीत, प्रेस सचिव, छात्र एकता मंच।
कोरोना के कारण विद्यार्थियों को 20 जुुलाई तक हास्टल खाली कराने को कहा गया था। परीक्षा के बाद उन्हें हॉस्टल खाली करना होता है। जिनका सामान रह गया है, उनका सामान कमेटी बनाकर अलग से सुरक्षित रखवा दिया जाएगा।
- प्रो. रणदीप राणा, चीफ वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल, एमडीयू।
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मामले को लेकर विवि की ओर से एक कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी अपनी देखरेख में कमरों के ताले तोड़कर सामान निकालेगी। यह सारा सामान कैंपस में ही अलग जगह सुरक्षित रखा जाएगा। यहीं से विद्यार्थी अपना सामान वापस प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए भी विद्यार्थियों को अपने वार्डन व सुपरवाइजरों को अवगत कराना होगा। वहीं मंगलवार को भी एमडीयू के हॉस्टलों से सामान ले जाने के लिए विद्यार्थी कैंपस पहुंचे। बारिश के बावजूद 150 से 200 किलोमीटर दूर से आए इन विद्यार्थियों को सामान ले जाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। सामान ले जाने की अंतिम तिथि निकलने के कारण प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ी।
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एमफिल-पीएचडी वालों को मिली राहत
विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद एमडीयू प्रशासन ने एमफिल व पीएचडी स्कॉलर्स को राहत दी है। इन्हें कमरे खाली नहीं करने होंगे। पढ़ाई जारी रहने के कारण इन्हें यहां रहने की अनुमति दी गई है। जबकि अन्य विद्यार्थियों का कोर्स पूरा हो चुका है। इसलिए उन्हें कमरे खाली करने के लिए कहा गया है।
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कैंपस में काफी संख्या में विद्यार्थी अपना सामान नहीं ले जा पाए हैं। ये दूर-दराज के इलाकों से बारिश व कोरोना के खतरे से जूझते हुए कैंपस आ रहे हैं। इसके लिए किराये पर वाहन करना पड़ रहा है। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से उन्हें पांच हजार रुपये सहायता राशि दी जानी चाहिए। इसके अलावा विद्यार्थियों को सामान ले जाने के लिए समय दिया जाए।
- अमनप्रीत, प्रेस सचिव, छात्र एकता मंच।
कोरोना के कारण विद्यार्थियों को 20 जुुलाई तक हास्टल खाली कराने को कहा गया था। परीक्षा के बाद उन्हें हॉस्टल खाली करना होता है। जिनका सामान रह गया है, उनका सामान कमेटी बनाकर अलग से सुरक्षित रखवा दिया जाएगा।
- प्रो. रणदीप राणा, चीफ वार्डन, ब्वॉयज हॉस्टल, एमडीयू।