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हंगामे ने रोकी ईसी की बैठक, न्यासा पर फैसला अटका
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 07 Jan 2016 02:27 AM IST
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एमडीयू में बुधवार को न्यासा के भविष्य का फैसला नहीं हो सका। मडूटा, गैर
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शिक्षक कर्मचारी संघ और छात्र संगठनों के विरोध के चलते ईसी (एक्जीक्यूटिव
काउंसिल) की बैठक स्थगित करनी पड़ी। कुलपति कार्यालय भी पूरे दिन रणभूमि
बना रहा।
न्यासा पर कार्रवाई और उसे ठेका नहीं देने के मुद्दे पर पहले तो शिक्षक और गैर शिक्षक के कर्मचारियों ने कार्यवाहक वीसी आईएएस सुधीर राजपाल को घेरा। उन्होंने न्यासा को ठेका देने पर दोबारा से आंदोलन करने की चेतावनी दी। वीसी कर्मचारी संगठनों से निपटे तो छात्र संगठनों ने उन्हें घेर लिया।
साढ़े ग्यारह बचे एएमवीए के सदस्य वीसी से मिले और परीक्षा संबंधी काम यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों से करवाने की बात दोहराई। उनके जाते ही इनसो कार्यकर्ता जबरन वीसी कार्यालय में घुस आए।
उन्होंने न्यासा के खिलाफ सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई। इनसो कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी लेकिन बात नहीं बनी। विवि कर्मचारियों और छात्रों के विरोध के चलते ईसी की मीटिंग स्थगित करनी पड़ी। हालांकि वीसी सुधीर राजपाल को अभी बात बनने की आस है।
उन्होंने मजबूरी जताते हुए कहा कि पोस्ट एग्जाम का काम करने के लिए विवि के कंप्यूटर विभाग के कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इस वजह से ही निजी कंपनी को दोबारा से ठेका देने पर विचार किया गया।
हालांकि उन्होंने न्यासा को ठेका नहीं देने की बात कही, लेकिन संभावना जताई कि ईसी की अगली बैठक में दूसरी निजी कंपनी के नाम पर सहमति बन सकती है।
वीसी कार्यालय में घुसे इनसो कार्यकर्ता, बुलानी पड़ी पुलिस
दोपहर 12:30 बजे, इनसो के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदीप देशवाल की अगुवाई में कुलपति कार्यालय में जबरन घुस गए। सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी हुई, लेकिन छात्रों के आगे विवि प्रशासन लाचार नजर आया। हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस भी बुलाई गई, लेकिन हालात नहीं सुधरे।
छात्र नेता प्रदीप देशवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी करने के आरोप में न्यासा कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। एक छोटे से कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले को दबा दिया गया है। न्यासा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सीबीआई जांच कराई जाए।
न्यासा ने की बड़े स्तर पर धांधली
सुबह 11:30 बजे, डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह डूमोलिया के नेतृत्व में छात्र वीसी कार्यालय पहुंचे। डूमोलिया ने वीसी से कहा कि अगर निजी कंपनी को डीएमसी, परिणाम या परीक्षा संबंधित काम कराने का ठेका दिया तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यासा कंपनी की ओर से बड़े स्तर पर धांधली की जा रही है।
न्यासा नहीं, दूसरी कंपनी से लेंगे काम
न्यासा कंपनी से परीक्षा संबंधित कोई भी काम नहीं लिया जाएगा। वह जिस निजी कंपनी से परीक्षा संबंधित कार्य कराती है, उसी को ठेका देने पर विचार चल रहा है।
इस पर ईसी की अगली मीटिंग में फैसला हो सकता है। कंप्यूटर विभाग के कर्मचारियों ने पोस्ट एग्जाम का काम करने से मना कर दिया है। न्यासा कंपनी ने जो घोटाला किया है, उसके खिलाफ जुर्माना लगाया गया है। उनकी पेमेंट भी रोकी गई है।
- सुधीर राजपाल, कार्यवाहक कुलपति, एमडीयू।
न्यासा पर कार्रवाई और उसे ठेका नहीं देने के मुद्दे पर पहले तो शिक्षक और गैर शिक्षक के कर्मचारियों ने कार्यवाहक वीसी आईएएस सुधीर राजपाल को घेरा। उन्होंने न्यासा को ठेका देने पर दोबारा से आंदोलन करने की चेतावनी दी। वीसी कर्मचारी संगठनों से निपटे तो छात्र संगठनों ने उन्हें घेर लिया।
साढ़े ग्यारह बचे एएमवीए के सदस्य वीसी से मिले और परीक्षा संबंधी काम यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों से करवाने की बात दोहराई। उनके जाते ही इनसो कार्यकर्ता जबरन वीसी कार्यालय में घुस आए।
उन्होंने न्यासा के खिलाफ सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई। इनसो कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी लेकिन बात नहीं बनी। विवि कर्मचारियों और छात्रों के विरोध के चलते ईसी की मीटिंग स्थगित करनी पड़ी। हालांकि वीसी सुधीर राजपाल को अभी बात बनने की आस है।
उन्होंने मजबूरी जताते हुए कहा कि पोस्ट एग्जाम का काम करने के लिए विवि के कंप्यूटर विभाग के कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इस वजह से ही निजी कंपनी को दोबारा से ठेका देने पर विचार किया गया।
हालांकि उन्होंने न्यासा को ठेका नहीं देने की बात कही, लेकिन संभावना जताई कि ईसी की अगली बैठक में दूसरी निजी कंपनी के नाम पर सहमति बन सकती है।
वीसी कार्यालय में घुसे इनसो कार्यकर्ता, बुलानी पड़ी पुलिस
दोपहर 12:30 बजे, इनसो के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदीप देशवाल की अगुवाई में कुलपति कार्यालय में जबरन घुस गए। सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का मुक्की भी हुई, लेकिन छात्रों के आगे विवि प्रशासन लाचार नजर आया। हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस भी बुलाई गई, लेकिन हालात नहीं सुधरे।
छात्र नेता प्रदीप देशवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी करने के आरोप में न्यासा कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। एक छोटे से कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले को दबा दिया गया है। न्यासा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सीबीआई जांच कराई जाए।
न्यासा ने की बड़े स्तर पर धांधली
सुबह 11:30 बजे, डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह डूमोलिया के नेतृत्व में छात्र वीसी कार्यालय पहुंचे। डूमोलिया ने वीसी से कहा कि अगर निजी कंपनी को डीएमसी, परिणाम या परीक्षा संबंधित काम कराने का ठेका दिया तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यासा कंपनी की ओर से बड़े स्तर पर धांधली की जा रही है।
न्यासा नहीं, दूसरी कंपनी से लेंगे काम
न्यासा कंपनी से परीक्षा संबंधित कोई भी काम नहीं लिया जाएगा। वह जिस निजी कंपनी से परीक्षा संबंधित कार्य कराती है, उसी को ठेका देने पर विचार चल रहा है।
इस पर ईसी की अगली मीटिंग में फैसला हो सकता है। कंप्यूटर विभाग के कर्मचारियों ने पोस्ट एग्जाम का काम करने से मना कर दिया है। न्यासा कंपनी ने जो घोटाला किया है, उसके खिलाफ जुर्माना लगाया गया है। उनकी पेमेंट भी रोकी गई है।
- सुधीर राजपाल, कार्यवाहक कुलपति, एमडीयू।