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फर्जी फर्मों से 86 करोड़ की कर चोरी कराने का मास्टर माइंड गिरफ्तार
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मयंक तिवारी
रोहतक। सेंट्रल जीएसटी की एंटी इवेजन (कर अप वंचन) टीम ने वीरवार को रोहतक की ओम इंटर प्राइजेज बोगस फर्म की जांच के दौरान फर्जी फर्में बनाकर करीब 86 करोड़ रुपये की कर चोरी कराने का मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया है।
एंटी इवेजन (कर अप वंचन) टीम नेे जांच के दौरान मास्टर माइंड गौरव गुप्ता की ओर से संचालित की जा रहीं 20 बोगस फर्मों का खुलासा भी किया है। इसमें से 10 फर्में दिल्ली सेंट्रल जीएसटी की परिधि में काम कर रही थीं। आरोपी गौरव गुप्ता रोहतक के महम का रहने वाला है। जांच के दौरान पता चला है कि इन फर्मों की ओर से गौरव ने अपने परिवार वालों के बैंक खाते में 3 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन भी कर रखा है। रोहतक की जिन प्रमुख बोगस फर्मों से बिलिंग की गई है उसमें ओम इंटर प्राइजेज, भाग्यदीप इंटर प्राइजेज व स्वदेश इंटर प्राइजेज हैं। दो साल पहले सितंबर माह में ओम इंटर प्राइजेज बोगस फर्म का खुलासा किया गया था। जांच के बाद अब इतने बड़े पैमाने पर बोगस फर्मों का खुलासा हुआ है। सेंट्रल जीएसटी के उपायुक्त सचिन अहलावत के अनुसार इन फर्मों से लगभग 600 करोड़ रुपये की बिलिंग करके 86 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी किया गया है। जांच के दौरान इन फर्मों से लेनदेन करने वाले लोगों से अब तक 10 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच में जो बातें सामने आ रही हैं। उससे बोगस फर्मों की संख्या बढ़ने के साथ टैक्स चोरी भी बढ़ने की संभावना है। सीजीएसटी की टीम मास्टर माइंड के लिए काम करने वाले अन्य लोगों की भी तलाश में जुटी है।
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सब्सिडी का लालच देक र दूसरों के कागजात पर खोली गईं फर्में
जिन पहचान पत्र के आधार पर बोगस फर्में खोली गई हैं वह रोहतक व सोनीपत के गांव के रहने वाले लोग हैं। जांच के दौरान पता चला है कि सरकार की ओर से सब्सिडी दिलाने के नाम पर उनके पहचान पत्र लिए गए थे। टीम मास्टर माइंड के लिए काम कर रहे अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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दिल्ली में फैला रखा था जाल, 72 घंटे की छापेमारी के बाद चढ़ा हत्थे
जांच के दौरान टीम ने दिल्ली के प्रीतम पुरा व अन्य दो ठिकानों पर गौरव गुप्ता की तलाश में छापेमारी की। जिसके बाद आरोपी मास्टर माइंड टीम के हत्थे चढ़ा। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जिसके बाद टीम उसकी ओर से मिले इनपुट पर काम कर रही है।
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सेंट्रल जीएसटी की एंटी इवेजन (कर अप वंचन) टीम ने जांच के दौरान 20 बोगस फर्म का खुलासा किया है। इनसे बिंलिग करने वाली फर्मों पर शिकंजा कसा जा रहा है। मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के बाद जल्द ही अन्य खुलासा होने की संभावना है।
-विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंट्रल जीएसटी।
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रोहतक। सेंट्रल जीएसटी की एंटी इवेजन (कर अप वंचन) टीम ने वीरवार को रोहतक की ओम इंटर प्राइजेज बोगस फर्म की जांच के दौरान फर्जी फर्में बनाकर करीब 86 करोड़ रुपये की कर चोरी कराने का मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया है।
एंटी इवेजन (कर अप वंचन) टीम नेे जांच के दौरान मास्टर माइंड गौरव गुप्ता की ओर से संचालित की जा रहीं 20 बोगस फर्मों का खुलासा भी किया है। इसमें से 10 फर्में दिल्ली सेंट्रल जीएसटी की परिधि में काम कर रही थीं। आरोपी गौरव गुप्ता रोहतक के महम का रहने वाला है। जांच के दौरान पता चला है कि इन फर्मों की ओर से गौरव ने अपने परिवार वालों के बैंक खाते में 3 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन भी कर रखा है। रोहतक की जिन प्रमुख बोगस फर्मों से बिलिंग की गई है उसमें ओम इंटर प्राइजेज, भाग्यदीप इंटर प्राइजेज व स्वदेश इंटर प्राइजेज हैं। दो साल पहले सितंबर माह में ओम इंटर प्राइजेज बोगस फर्म का खुलासा किया गया था। जांच के बाद अब इतने बड़े पैमाने पर बोगस फर्मों का खुलासा हुआ है। सेंट्रल जीएसटी के उपायुक्त सचिन अहलावत के अनुसार इन फर्मों से लगभग 600 करोड़ रुपये की बिलिंग करके 86 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी किया गया है। जांच के दौरान इन फर्मों से लेनदेन करने वाले लोगों से अब तक 10 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच में जो बातें सामने आ रही हैं। उससे बोगस फर्मों की संख्या बढ़ने के साथ टैक्स चोरी भी बढ़ने की संभावना है। सीजीएसटी की टीम मास्टर माइंड के लिए काम करने वाले अन्य लोगों की भी तलाश में जुटी है।
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सब्सिडी का लालच देक र दूसरों के कागजात पर खोली गईं फर्में
जिन पहचान पत्र के आधार पर बोगस फर्में खोली गई हैं वह रोहतक व सोनीपत के गांव के रहने वाले लोग हैं। जांच के दौरान पता चला है कि सरकार की ओर से सब्सिडी दिलाने के नाम पर उनके पहचान पत्र लिए गए थे। टीम मास्टर माइंड के लिए काम कर रहे अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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दिल्ली में फैला रखा था जाल, 72 घंटे की छापेमारी के बाद चढ़ा हत्थे
जांच के दौरान टीम ने दिल्ली के प्रीतम पुरा व अन्य दो ठिकानों पर गौरव गुप्ता की तलाश में छापेमारी की। जिसके बाद आरोपी मास्टर माइंड टीम के हत्थे चढ़ा। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जिसके बाद टीम उसकी ओर से मिले इनपुट पर काम कर रही है।
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सेंट्रल जीएसटी की एंटी इवेजन (कर अप वंचन) टीम ने जांच के दौरान 20 बोगस फर्म का खुलासा किया है। इनसे बिंलिग करने वाली फर्मों पर शिकंजा कसा जा रहा है। मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के बाद जल्द ही अन्य खुलासा होने की संभावना है।
-विजय मोहन जैन, आयुक्त, सेंट्रल जीएसटी।