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शॉर्ट सर्किट से रैन बसेरे में लगी भीषण आग, सामान जलकर नष्ट
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पालिका कॉलोनी स्थित 100 बेड के रैन बसेरे में रविवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। इस दौरान कर्मचारियों ने चीख पुकार करते हुए भाग कर अपनी जान बचाई। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। रैन बसेरा के कर्मचारियों ने आग लगने दौरान सिलिंडर फटने की बात भी बताई है। इससे आग और भड़क गई थी, जबकि नगर निगम के अफसर ने सिलिंडर फटने से इनकार किया है। विभाग ने हादसे में 80 लाख रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया है। वहीं, दोनों चौकीदार भी करीब छह लाख रुपये का सामान जलकर खत्म होने की बात कह रहे हैं।
सितंबर 2019 में 60 लाख रुपये की लागत से रैन बसेरा बनाया गया था। रैन बसेरा में रविवार को सभी चीज सामान्य चल रहा था। करीब दोपहर बारह बजे शॉर्ट सर्किट से टिन में लगे फाइवर से आग लग गई। इसकी ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। यह मंजर दूर से ही देखकर लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। जब जक लोग कुछ समझ पाते तभी तेज धमाका हुआ। इसके बाद आग और भड़क उठी। इस दौरान यहां रह रहे दो कर्मचारियों परिवारों ने किसी तरह से भागकर जान बचाई। इसके बाद लोगों ने दोपहर 1:55 बजे दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। करीब 12 मिनट में दमकल की गाड़ी पहुंची। इस पर मानसरोवर पार्क स्थित दमकल दफ्तर व सेक्टर-पांच से दमकल की गाड़ियां रवाना की गई। एकसाथ चार गाड़ियों से करीब डेढ़ घंटे में दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। जब रह-रहकर लपटे उठने लगी तो जेसीबी से रैन बसेरा की दीवार तोड़कर आग बुझाई।
नगर निगम के चौकीदार उमेद व महिलाकर्मी सुदेश रैन बसेरा में परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि रैन बसेरा में जहां गैस सिलिंडर रखा जाता है, वहां कई बार शार्ट सर्किट हो चुका है। निगम अधिकारियों को कई बार बताया भी जा चुका है, मगर स्थायी निदान नहीं किया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे शॉर्ट सर्किट होने से फाइबर में आग लग गई थी। इससे वहां मौके पर धुआं भर गया। अचानक धुआं भरने से दम घुटने की स्थिति पैदा होने पर वह बच्चों को लेकर बाहर भागे। इसके बाद तेज धमाके साथ सिलिंडर फट गया। इसके बाद आग ने और भीषण रूप ले लिया था। सुदेश ने बताया कि उनके बेटे को दहेज में मिला सारा सामान जल गया है। वहीं, उमेद ने भी दो से ढाई लाख रुपये का सामान जलने की बात कही है।
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आग की लपटों और धमाके से दहले लोग, मची चीख पुकार
रैन बसेरा में आग ने भीषण रूप ले लिया था। आग की लपटों के साथ तेज धमका होने से आसपास के लोग दहल गए थे। उन्हें किसी बड़े हादसे की आशंका सताने लगी थी, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। उन्होंने मौके पर पहुंच कर लोगों की मदद की। प्रत्यक्षदर्शी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान के संचालक विजेंद्र अत्री ने बताया कि वह दुकान पर बैठे थे। दोपहर में अचानक रैन बसेरा से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। वह दुकान से बाहर निकले तो नजारा काफी भयावह था। रैन बसेरा से आग की लपटें उठ रहीं थीं और चौकीदारों के बच्चे चीखपुकार करके जान बचाने के लिए भाग रहे थे। वे आसपास के लोगों के साथ मदद के लिए मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने तुरंत ही इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। चौकीदार उमेद और सुदेश का परिवार भी रैन बसेरा में रहता है। इसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। जिस समय आग लगी, उस समय सुदेश की बेटी-दामाद बच्चों के साथ उनके घर पर आए थे। उन्होंने बताया कि आग लगने से पहले बेटी के बच्चे खेल रहे थे। आग के बाद अचानक धुआं छाने और आग की लपटें उठने पर बच्चों ने जानकारी दी। इस पर किसी तरह से दोनों परिवार ने भाग कर जान बचाई। बड़ा हादसा होने से बच गया।
सिलिंडर नहीं फटे, फाइबर सीट से भड़की आग
प्राथमिक जांच में गैस सिलिंडर फटने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। छोटा व बड़ा दोनों सिलिंडर सही मिले हैं। शार्ट सर्किट के बाद आग रैन बसेरा की फाइवर सीट में लग गई थी। इसके बाद वह भड़कती चली गई। इस दौरान दोनों सिलिंडर के पाइप में आग लगने से गैस ने आग पकड़ ली। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, इनवर्टर, गीजर आदि बीस लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। हादसे में 80 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सोमवार को सामान की सूची बनाकर मिलान के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। चौकीदारों को कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में पता किया जाएगा।
-जगदीश शर्मा, मुख्य कराधान अधिकारी, नगर निगम
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे दमकल कर्मचारी
आग की सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गई। आग कैसे और किस वजह से लगी, इसके बारे में जांच की जा रही है। आग से हुए नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है।
- रमेश जांगड़ा, चीफ फायर ऑफिसर
हकीकत पता करने के लिए पांच सदस्यीय जांच टीम गठित
रैन बसेरा में आग लगने के बाद गैस सिलिंडर फटने के बारे में पता चला है। हकीकत पता करने के लिए पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। जांच टीम रैन बसेरा में रह रहे चौकीदारों से भी पूछताछ करेगी। पता किया जाएगा कि उन्होंने कब-कब शार्ट सर्किट की शिकायत की और क्या कार्रवाई हुई। टीम में मुख्य कराधान अधिकारी, टाउन प्लानर, एटीपी, जेई इलेक्ट्रिक आदि शामिल हैं। इसके साथ ही आग से चौकीदारों का कितना सामान जला, इसका भी पता किया जाएगा। आग लगने की वजह व लापरवाही के लिए जिम्मेदार पर सख्त कार्रवाई होगी।
-प्रदीप गोदारा, नगर निगम आयुक्त, रोहतक
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सितंबर 2019 में 60 लाख रुपये की लागत से रैन बसेरा बनाया गया था। रैन बसेरा में रविवार को सभी चीज सामान्य चल रहा था। करीब दोपहर बारह बजे शॉर्ट सर्किट से टिन में लगे फाइवर से आग लग गई। इसकी ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। यह मंजर दूर से ही देखकर लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। जब जक लोग कुछ समझ पाते तभी तेज धमाका हुआ। इसके बाद आग और भड़क उठी। इस दौरान यहां रह रहे दो कर्मचारियों परिवारों ने किसी तरह से भागकर जान बचाई। इसके बाद लोगों ने दोपहर 1:55 बजे दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। करीब 12 मिनट में दमकल की गाड़ी पहुंची। इस पर मानसरोवर पार्क स्थित दमकल दफ्तर व सेक्टर-पांच से दमकल की गाड़ियां रवाना की गई। एकसाथ चार गाड़ियों से करीब डेढ़ घंटे में दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। जब रह-रहकर लपटे उठने लगी तो जेसीबी से रैन बसेरा की दीवार तोड़कर आग बुझाई।
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नगर निगम के चौकीदार उमेद व महिलाकर्मी सुदेश रैन बसेरा में परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि रैन बसेरा में जहां गैस सिलिंडर रखा जाता है, वहां कई बार शार्ट सर्किट हो चुका है। निगम अधिकारियों को कई बार बताया भी जा चुका है, मगर स्थायी निदान नहीं किया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे शॉर्ट सर्किट होने से फाइबर में आग लग गई थी। इससे वहां मौके पर धुआं भर गया। अचानक धुआं भरने से दम घुटने की स्थिति पैदा होने पर वह बच्चों को लेकर बाहर भागे। इसके बाद तेज धमाके साथ सिलिंडर फट गया। इसके बाद आग ने और भीषण रूप ले लिया था। सुदेश ने बताया कि उनके बेटे को दहेज में मिला सारा सामान जल गया है। वहीं, उमेद ने भी दो से ढाई लाख रुपये का सामान जलने की बात कही है।
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आग की लपटों और धमाके से दहले लोग, मची चीख पुकार
रैन बसेरा में आग ने भीषण रूप ले लिया था। आग की लपटों के साथ तेज धमका होने से आसपास के लोग दहल गए थे। उन्हें किसी बड़े हादसे की आशंका सताने लगी थी, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। उन्होंने मौके पर पहुंच कर लोगों की मदद की। प्रत्यक्षदर्शी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान के संचालक विजेंद्र अत्री ने बताया कि वह दुकान पर बैठे थे। दोपहर में अचानक रैन बसेरा से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। वह दुकान से बाहर निकले तो नजारा काफी भयावह था। रैन बसेरा से आग की लपटें उठ रहीं थीं और चौकीदारों के बच्चे चीखपुकार करके जान बचाने के लिए भाग रहे थे। वे आसपास के लोगों के साथ मदद के लिए मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने तुरंत ही इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। चौकीदार उमेद और सुदेश का परिवार भी रैन बसेरा में रहता है। इसमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। जिस समय आग लगी, उस समय सुदेश की बेटी-दामाद बच्चों के साथ उनके घर पर आए थे। उन्होंने बताया कि आग लगने से पहले बेटी के बच्चे खेल रहे थे। आग के बाद अचानक धुआं छाने और आग की लपटें उठने पर बच्चों ने जानकारी दी। इस पर किसी तरह से दोनों परिवार ने भाग कर जान बचाई। बड़ा हादसा होने से बच गया।
सिलिंडर नहीं फटे, फाइबर सीट से भड़की आग
प्राथमिक जांच में गैस सिलिंडर फटने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। छोटा व बड़ा दोनों सिलिंडर सही मिले हैं। शार्ट सर्किट के बाद आग रैन बसेरा की फाइवर सीट में लग गई थी। इसके बाद वह भड़कती चली गई। इस दौरान दोनों सिलिंडर के पाइप में आग लगने से गैस ने आग पकड़ ली। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, इनवर्टर, गीजर आदि बीस लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। हादसे में 80 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सोमवार को सामान की सूची बनाकर मिलान के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। चौकीदारों को कितना नुकसान हुआ है, इसके बारे में पता किया जाएगा।
-जगदीश शर्मा, मुख्य कराधान अधिकारी, नगर निगम
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे दमकल कर्मचारी
आग की सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गई। आग कैसे और किस वजह से लगी, इसके बारे में जांच की जा रही है। आग से हुए नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है।
- रमेश जांगड़ा, चीफ फायर ऑफिसर
हकीकत पता करने के लिए पांच सदस्यीय जांच टीम गठित
रैन बसेरा में आग लगने के बाद गैस सिलिंडर फटने के बारे में पता चला है। हकीकत पता करने के लिए पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। जांच टीम रैन बसेरा में रह रहे चौकीदारों से भी पूछताछ करेगी। पता किया जाएगा कि उन्होंने कब-कब शार्ट सर्किट की शिकायत की और क्या कार्रवाई हुई। टीम में मुख्य कराधान अधिकारी, टाउन प्लानर, एटीपी, जेई इलेक्ट्रिक आदि शामिल हैं। इसके साथ ही आग से चौकीदारों का कितना सामान जला, इसका भी पता किया जाएगा। आग लगने की वजह व लापरवाही के लिए जिम्मेदार पर सख्त कार्रवाई होगी।
-प्रदीप गोदारा, नगर निगम आयुक्त, रोहतक