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फाइनल में रशियन बॉक्सर की स्पीड से होगा मंजू की स्ट्रैंथ का मुकाबला
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boxer manju
रूस के उलान उदे शहर में चल रही वुमन वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शनिवार को जिले के रिठाल गांव की मंजू रानी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की बॉक्सर को 4-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में मंजू ने पहले राउंड में बढ़त हासिल कर, दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद तीसरे राउंड की अंतिम 30 सेकंडों में ताबड़तोड़ पंच बरसाकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में मंजू की स्ट्रैंथ के सामने रूस की बॉक्सर की स्पीड की चुनौती होगी।
थाईलैंड की बॉक्सर से लिया हार का बदला : अमनप्रीत कौर
भारतीय जूनियर महिला बॉक्सिंग टीम की चीफ कोच अमनप्रीत कौर ने अमर उजाला से मंजू के सेमीफाइनल मुकाबले के उपरांत विशेष बातचीत की। उन्होंने बताया कि पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल रही मंजू की सेमीफाइनल में थाईलैंड की उस खिलाड़ी से टक्कर थी। जो स्ट्रैंजा कप में पहले मंजू को हरा चुकी थी। इसके अतिरिक्त वह वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी थी। उन्होंने बताया कि पहलेे राउंड में मंजू ने लॉन्ग रेंज से खेलते हुए अच्छे पंच लगाए। इसके बाद थाईलैंड की बॉक्सर मंजू की रणनीति समझ गई। दूसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने मंजू के नजदीक आते हुए अच्छे अपर कट व बॉडी पंच लगाए। वहीं तीसरे राउंड की शुरूआत में तो मंजू कंफ्यूज नजर आई। लेकिन उसने संभलकर खेलते हुए अच्छा काउंटर अटैक किया। इसके बाद अंतिम 30 सेकंड में मंजू ने ताबड़तोड़ पंच बरसाते हुए मुकाबला 4-1 से जीत लिया।
प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी अटैक करे तो मंजू को बैक पैडलिंग करते हुए साइड स्लिप लेकर करे काउंटर अटैक : सूबे सिंह
सेवानिवृत्त जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी एवं बॉक्सिंग कोच सूबे सिंह बेनीवाल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत करते हुए मंजू के फाइनल मुकाबले की संभावित रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि फाइनल खेलने वाली मंजू व रशियन बॉक्सर दोनों ही कद काठी में एक जैसी हैं। एक ओर रशियन खिलाड़ी अपनी स्पीड के साथ खेलेगी तो वहीं मंजू अपने पंचों में स्ट्रैंथ लेकर रिंग में उतरेगी। उन्होंने बताया कि रूस इस चैंपियनशिप को होस्ट कर रहा है तो उनकी बॉक्सर पर गोल्ड जीतने का अतिरिक्त दबाव रहेगा। वहीं चैंपियनशिप के हर मुकाबला जीतने के बाद मंजू के हौसले बुलंद हैं, जिस कारण मंजू की निगाहें भी गोल्ड पर रहेंगी। उन्होंने बताया कि रशियन बॉक्सर लेफ्ट हैंडेड है व उसके पंचों में स्पीड भी अच्छी है तो जैसे ही प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी अटैक करना शुरू करे वैसे ही मंजू को बैक पैडलिंग करते हुए साइड स्लिप लेकर काउंटर अटैक करना चाहिए।
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थाईलैंड की बॉक्सर से लिया हार का बदला : अमनप्रीत कौर
भारतीय जूनियर महिला बॉक्सिंग टीम की चीफ कोच अमनप्रीत कौर ने अमर उजाला से मंजू के सेमीफाइनल मुकाबले के उपरांत विशेष बातचीत की। उन्होंने बताया कि पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल रही मंजू की सेमीफाइनल में थाईलैंड की उस खिलाड़ी से टक्कर थी। जो स्ट्रैंजा कप में पहले मंजू को हरा चुकी थी। इसके अतिरिक्त वह वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी थी। उन्होंने बताया कि पहलेे राउंड में मंजू ने लॉन्ग रेंज से खेलते हुए अच्छे पंच लगाए। इसके बाद थाईलैंड की बॉक्सर मंजू की रणनीति समझ गई। दूसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने मंजू के नजदीक आते हुए अच्छे अपर कट व बॉडी पंच लगाए। वहीं तीसरे राउंड की शुरूआत में तो मंजू कंफ्यूज नजर आई। लेकिन उसने संभलकर खेलते हुए अच्छा काउंटर अटैक किया। इसके बाद अंतिम 30 सेकंड में मंजू ने ताबड़तोड़ पंच बरसाते हुए मुकाबला 4-1 से जीत लिया।
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प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी अटैक करे तो मंजू को बैक पैडलिंग करते हुए साइड स्लिप लेकर करे काउंटर अटैक : सूबे सिंह
सेवानिवृत्त जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी एवं बॉक्सिंग कोच सूबे सिंह बेनीवाल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत करते हुए मंजू के फाइनल मुकाबले की संभावित रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि फाइनल खेलने वाली मंजू व रशियन बॉक्सर दोनों ही कद काठी में एक जैसी हैं। एक ओर रशियन खिलाड़ी अपनी स्पीड के साथ खेलेगी तो वहीं मंजू अपने पंचों में स्ट्रैंथ लेकर रिंग में उतरेगी। उन्होंने बताया कि रूस इस चैंपियनशिप को होस्ट कर रहा है तो उनकी बॉक्सर पर गोल्ड जीतने का अतिरिक्त दबाव रहेगा। वहीं चैंपियनशिप के हर मुकाबला जीतने के बाद मंजू के हौसले बुलंद हैं, जिस कारण मंजू की निगाहें भी गोल्ड पर रहेंगी। उन्होंने बताया कि रशियन बॉक्सर लेफ्ट हैंडेड है व उसके पंचों में स्पीड भी अच्छी है तो जैसे ही प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी अटैक करना शुरू करे वैसे ही मंजू को बैक पैडलिंग करते हुए साइड स्लिप लेकर काउंटर अटैक करना चाहिए।
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