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दिल में हमेशा हिंदुस्तान बसा के चलो : योगेश्वर दत्त
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राजकीय स्नात्कोत्तर महिला महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लेते प्र?
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रोहतक। दिल में हमेशा हिंदुस्तान बसा के चलो... यह बात पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित पहलवान योगेश्वर दत्त ने शनिवार को राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित 61वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के पारितोषिक वितरण समारोह में कही। इसमें वह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि का स्कूल पहुंचने पर स्वागत किया।
इस मौके पर शारीरिक शिक्षा के सहायक प्रोफेसर बसंत कुमार मौजूद रहे। कॉलेज स्टाफ व एनसीसी पायलट्स की अगुवाई में मुख्य अतिथि खेल मैदान में पहुंचे। प्राचार्य पूनम भनवाल ने योगेश्वर दत्त के जीवन पर प्रकाश डाला। वहीं योगेश्वर दत्त ने छात्राओं को बताया कि वह अपना लक्ष्य बड़ा बनाएं। सपना देखने के बाद उसे पूरा करने के लिए रातों को जागना पड़ता है। दत्त ने बताया कि उनके पांच बार ऑपरेशन हुए। सभी को लगता था शायद अब आगे वह न खेल पाएं। लेकिन उन्होंने कभी भी आत्मविश्वास को कमजोर नहीं होने दिया। बल्कि पहले से बेहतर खेला। 2009 में ऑपरेशन हुआ 2012 में लंदन में पदक जीता। ऑपरेशन के बाद हर बार एक बड़ा मेडल जीता। उन्होंने छात्राओं को बताया कि जब तक मंजिल तक न पहुंचो संतुष्ट मत होना। निरंतर बेहतर करने के लक्ष्य से आगे बढ़ते रहना। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के बीच म्यूजिकल डांस प्रतियोगिता हुई व छात्राओं ने लोक नृत्य प्रस्तुती दी। इस दौरान छात्राओं ने योगेश्वर दत्त के साथ सेल्फी लेने का क्रेज दिखा। शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ सभी को मुख्य अतिथि की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डॉ. किरण शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन, डॉ. सीमा, डॉ. संतोष हुड्डा, डॉ. सुदेश लाठर, कुलदीप सुहाग, डॉ. प्रदुमन, डॉ. प्रमोद गौर, डॉॅ. नरेंद्र हुड्डा, डॉ. यशपाल, डॉ. नरेश, डॉ. सुभाष बल्हारा आदि मौजूद रहे।
ये रहे प्रतियोगिता के परिणाम
800 मीटर रेस में हर्षिता प्रथम व मानसी द्वितीय तथा नेहा तीसरे स्थान पर रही। वहीं ट्रिपल जंप में सीमा प्रथम, रामभतेरी द्वितीय व रिंकू तीसरे स्थान पर रही। हर्डल रेस में प्रीति प्रथम, नैंसी द्वितीय व मानसी तीसरे स्थान पर हुई। स्लो साइकलिंग में सिमरन प्रथम, निधि दूसरे व वर्षा तीसरे स्थान पर रही।
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इस मौके पर शारीरिक शिक्षा के सहायक प्रोफेसर बसंत कुमार मौजूद रहे। कॉलेज स्टाफ व एनसीसी पायलट्स की अगुवाई में मुख्य अतिथि खेल मैदान में पहुंचे। प्राचार्य पूनम भनवाल ने योगेश्वर दत्त के जीवन पर प्रकाश डाला। वहीं योगेश्वर दत्त ने छात्राओं को बताया कि वह अपना लक्ष्य बड़ा बनाएं। सपना देखने के बाद उसे पूरा करने के लिए रातों को जागना पड़ता है। दत्त ने बताया कि उनके पांच बार ऑपरेशन हुए। सभी को लगता था शायद अब आगे वह न खेल पाएं। लेकिन उन्होंने कभी भी आत्मविश्वास को कमजोर नहीं होने दिया। बल्कि पहले से बेहतर खेला। 2009 में ऑपरेशन हुआ 2012 में लंदन में पदक जीता। ऑपरेशन के बाद हर बार एक बड़ा मेडल जीता। उन्होंने छात्राओं को बताया कि जब तक मंजिल तक न पहुंचो संतुष्ट मत होना। निरंतर बेहतर करने के लक्ष्य से आगे बढ़ते रहना। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के बीच म्यूजिकल डांस प्रतियोगिता हुई व छात्राओं ने लोक नृत्य प्रस्तुती दी। इस दौरान छात्राओं ने योगेश्वर दत्त के साथ सेल्फी लेने का क्रेज दिखा। शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ सभी को मुख्य अतिथि की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन डॉ. किरण शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन, डॉ. सीमा, डॉ. संतोष हुड्डा, डॉ. सुदेश लाठर, कुलदीप सुहाग, डॉ. प्रदुमन, डॉ. प्रमोद गौर, डॉॅ. नरेंद्र हुड्डा, डॉ. यशपाल, डॉ. नरेश, डॉ. सुभाष बल्हारा आदि मौजूद रहे।
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ये रहे प्रतियोगिता के परिणाम
800 मीटर रेस में हर्षिता प्रथम व मानसी द्वितीय तथा नेहा तीसरे स्थान पर रही। वहीं ट्रिपल जंप में सीमा प्रथम, रामभतेरी द्वितीय व रिंकू तीसरे स्थान पर रही। हर्डल रेस में प्रीति प्रथम, नैंसी द्वितीय व मानसी तीसरे स्थान पर हुई। स्लो साइकलिंग में सिमरन प्रथम, निधि दूसरे व वर्षा तीसरे स्थान पर रही।
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