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कोर्ट परिसर के बाहर सांसद व पूर्व मंत्री का पुतला फूंकने पर उलझे वकील
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कोर्ट परिसर के बाहर पुतला फूंकने के नाम पर आपस में उलझते वकील । अमर उजाला
जिला कोर्ट परिसर के बाहर सोमवार को भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के पुतला फूंकने को लेकर बार के वकील आपस में उलझ गए। एक पक्ष ने सांसद की बयानबाजी पर कड़ा विरोध जताते हुए दोनाें नेताओं के पुतले फूंके, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे बार के मंच का राजनीतिकरण करार दिया। इतना ही नहीं, जिला अदालत में कार्य स्थगन को लेकर भी वकील बंटे नजर आए। पांच नवंबर को भाजपा नेता किलोई के शिव मंदिर में पहुंचे थे, जहां सैकड़ों लोगों ने शाम तक मंदिर से नहीं निकलने दिया। विरोध जताते हुए पूर्व मंत्री से माफी मांगने की मांग की। अगले दिन पूरे प्रकरण का भाजपा नेताओं ने छोटूराम चौक पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। साथ ही सांसद ने बयान दिया था कि पूर्व मंत्री की तरफ उठने वाली आंख को निकाल देंगे और हाथ को काट देंगे। हालांकि सांसद ने अगले दिन साफ किया था कि यह बयान असामाजिक तत्वों के लिए था। बयान के विरोध में बार के सचिव दीपक हुड्डा ने सोमवार को कार्य स्थगन का आह्वान किया और सांसद व पूर्व मंत्री का पुतला फूंकने का एलान किया था।
विरोध कर रहे वकील बोले, बार का राजनीति के लिए प्रयोग गलत
बार सचिव दीपक हुड्डा के नेतृत्व में सोमवार को साढ़े 11 बजे के करीब वकील कोर्ट परिसर के बाहर एकत्रित हुए। तभी वकील आजाद अत्री, मोनू अत्री व अनिल शर्मा पहुंचे और पुतला फूंकने का विरोध किया। आजाद अत्री ने कहा कि यह गलत परंपरा है। बार को राजनीति का मंच नहीं बनाना चाहिए। काफी देर तक दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। इसी बीच कहासुनी के बीच पुतले फूंक दिए गए।
राजनीति से बार को अलग रखना चाहिए। यूं बयानबाजी पर किसी नेता का पहले पुतला नहीं फूंका गया। बार को राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए था। पूरे प्रकरण से वकीलों की एकता प्रभावित हुई है।
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- एडवोकेट आजाद अत्री, वकील जिला बार
अमर्यादित बयानबाजी से समाज में गलत संदेश गया है। इससे समाज को बांटने का प्रयास किया गया। गलत बयानबाजी का विरोध करने के लिए पुतला फूंका गया है। वकील बुद्धिजीवी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। समाज को सही दिशा देना भी वकीलों का कर्तव्य है।
- एडवोकेट सुदीप कलकल, वकील जिला बार
सांसद ने अशोभनीय बयान दिया था। इसके विरोध में जिला बार में कार्य स्थगन रखा गया। साथ ही सांसद व पूर्व मंत्री का पुतला फूंका गया। सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है।
- दीपक हुड्डा, सचिव, जिला बार
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विरोध कर रहे वकील बोले, बार का राजनीति के लिए प्रयोग गलत
बार सचिव दीपक हुड्डा के नेतृत्व में सोमवार को साढ़े 11 बजे के करीब वकील कोर्ट परिसर के बाहर एकत्रित हुए। तभी वकील आजाद अत्री, मोनू अत्री व अनिल शर्मा पहुंचे और पुतला फूंकने का विरोध किया। आजाद अत्री ने कहा कि यह गलत परंपरा है। बार को राजनीति का मंच नहीं बनाना चाहिए। काफी देर तक दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। इसी बीच कहासुनी के बीच पुतले फूंक दिए गए।
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राजनीति से बार को अलग रखना चाहिए। यूं बयानबाजी पर किसी नेता का पहले पुतला नहीं फूंका गया। बार को राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए था। पूरे प्रकरण से वकीलों की एकता प्रभावित हुई है।
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- एडवोकेट आजाद अत्री, वकील जिला बार
अमर्यादित बयानबाजी से समाज में गलत संदेश गया है। इससे समाज को बांटने का प्रयास किया गया। गलत बयानबाजी का विरोध करने के लिए पुतला फूंका गया है। वकील बुद्धिजीवी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। समाज को सही दिशा देना भी वकीलों का कर्तव्य है।
- एडवोकेट सुदीप कलकल, वकील जिला बार
सांसद ने अशोभनीय बयान दिया था। इसके विरोध में जिला बार में कार्य स्थगन रखा गया। साथ ही सांसद व पूर्व मंत्री का पुतला फूंका गया। सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है।
- दीपक हुड्डा, सचिव, जिला बार