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Rohtak News: केयू के कुलपति प्रो. सोमनाथा सचदेवा ने संभाला एमडीयू का कार्यभार
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12-एमडीयू में कुलपति का कार्यभार संभालने के बाद शिक्षकों के साथ बैठक करते प्रो. सोमनाथ सचदेवा।
नोट : खबर में नीचे बॉक्स जोड़ा गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शनिवार को एमडीयू कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार संभाला। कैंपस में कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एससी मलिक व अन्य शिक्षकों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। पत्नी डॉ. ममता सचदेवा भी उनके साथ मौजूद रहीं।
यहां कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिक्षकों के साथ बैठक की व पूर्व कुलपति प्रो. राजबीर सिंह से उनके निवास पर मुलाकात की। एमडीयू कुलपति पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय की नैक ग्रेडिंग को उत्कृष्ट बनाना प्राथमिकता रहेगी।
नैक मूल्यांकन संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक गुणवत्ता का दर्पण होता है। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए अकादमिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार, छात्र हित सेवाओं और संस्थागत पारदर्शिता को सुदृढ़ करें। उन्होंने शोध परियोजनाओं, पेटेंट व प्रकाशनों में वृद्धि कर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने पर जोर दिया।
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प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिक्षकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व नई डिजिटल तकनीकों से स्वयं को अपडेट रखने का आह्वान किया। बदलते वैश्विक शैक्षणिक परिवेश में एआई शिक्षा, शोध व प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। नई तकनीक अपनाने से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
निजी विश्वविद्यालयों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए उन्होंने गुणवत्ता, अनुशासन व नवाचार के बल पर आगे बढ़ने की आवश्यकता जताई। प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही व समयबद्धता सुनिश्चित करने और वित्तीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी बल दिया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
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कुरुक्षेत्र विवि के कुलपति के तौर पर नवंबर में पूरा हो जाएगा कार्यकाल
कुरुक्षेत्र विवि के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कार्यकाल नवंबर 2026 तक है। यूजीसी के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति दो बार कुलपति बनने के बाद तीसरी बार कुलपति नहीं बन सकता। कयास लगाए जा रहे हैं कि नवंबर के बाद उन्हें एमडीयू का स्थायी कुलपति बनाया जा सकता है। पिछले कुछ कार्यकालों में एमडीयू को शुरुआत में स्थायी कुलपति नहीं मिल पाया और अतिरिक्त कार्यभार देकर काम चलाया गया। इससे पहले प्रो. राजबीर सिंह भी पहले अतिरिक्त कार्यभार के रूप में ही कुलपति बनाए गए थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शनिवार को एमडीयू कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार संभाला। कैंपस में कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एससी मलिक व अन्य शिक्षकों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। पत्नी डॉ. ममता सचदेवा भी उनके साथ मौजूद रहीं।
यहां कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिक्षकों के साथ बैठक की व पूर्व कुलपति प्रो. राजबीर सिंह से उनके निवास पर मुलाकात की। एमडीयू कुलपति पद का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय की नैक ग्रेडिंग को उत्कृष्ट बनाना प्राथमिकता रहेगी।
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नैक मूल्यांकन संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक गुणवत्ता का दर्पण होता है। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए अकादमिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार, छात्र हित सेवाओं और संस्थागत पारदर्शिता को सुदृढ़ करें। उन्होंने शोध परियोजनाओं, पेटेंट व प्रकाशनों में वृद्धि कर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने पर जोर दिया।
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प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिक्षकों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व नई डिजिटल तकनीकों से स्वयं को अपडेट रखने का आह्वान किया। बदलते वैश्विक शैक्षणिक परिवेश में एआई शिक्षा, शोध व प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। नई तकनीक अपनाने से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
निजी विश्वविद्यालयों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए उन्होंने गुणवत्ता, अनुशासन व नवाचार के बल पर आगे बढ़ने की आवश्यकता जताई। प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही व समयबद्धता सुनिश्चित करने और वित्तीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी बल दिया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
कुरुक्षेत्र विवि के कुलपति के तौर पर नवंबर में पूरा हो जाएगा कार्यकाल
कुरुक्षेत्र विवि के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कार्यकाल नवंबर 2026 तक है। यूजीसी के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति दो बार कुलपति बनने के बाद तीसरी बार कुलपति नहीं बन सकता। कयास लगाए जा रहे हैं कि नवंबर के बाद उन्हें एमडीयू का स्थायी कुलपति बनाया जा सकता है। पिछले कुछ कार्यकालों में एमडीयू को शुरुआत में स्थायी कुलपति नहीं मिल पाया और अतिरिक्त कार्यभार देकर काम चलाया गया। इससे पहले प्रो. राजबीर सिंह भी पहले अतिरिक्त कार्यभार के रूप में ही कुलपति बनाए गए थे।

12-एमडीयू में कुलपति का कार्यभार संभालने के बाद शिक्षकों के साथ बैठक करते प्रो. सोमनाथ सचदेवा।