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नांदल खाप के प्रधान का 10 साल बाद इस्तीफा, चुनेंगे नया प्रधान
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 19 Sep 2016 01:43 AM IST
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इस्तीफा
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पिछले माह हुड्डा खाप के प्रधान पद पर विवाद के बाद अब अखिल भारतीय नांदल खाप के प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नांदल भवन में हुई कमेटी की बैठक में प्रधान महेंद्र सिंह नांदल ने इस्तीफा दिया। कमेटी ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। अब नये प्रधान का चयन 2 अक्तूबर को किया जाएगा। अखिल भारतीय नांदल खाप तपा बोहर में यूपी और हरियाणा के करीब 35 गांव शामिल हैं। वर्ष 2006 से नांदल खाप के प्रधान की जिम्मेदारी महेंद्र सिंह नांदल के पास थी।
रविवार को नांदल भवन में कमेटी की बैठक हुई। इसमें अखिल भारतीय नांदल खाप के प्रधान महेंद्र सिंह नांदल ने स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। महेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने एक माह पहले ही इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। इसके लिए उन पर किसी का दबाव नहीं था। बैठक में तय किया गया कि दो अक्तूबर को गांव में प्रमुख लोगों की पंचायत होगी, जिसमें नया प्रधान चुना जाएगा। हालांकि, नए प्रधान की अधिकारिक तौर पर घोषणा 20 अक्तूबर को होने वाले सम्मेलन में की जाएगी। सम्मेलन हर साल होता है, जिसमें प्रधान के संबंध में भी चर्चा होती है। प्रधान के इस्तीफा का मामला गोपनीय रखा गया।
जाट आरक्षण आंदोलन तो नहीं बनी वजह ?
प्रधान महेंद्र सिंह नांदल के इस्तीफे के बाद चर्चा है कि कहीं इसके पीछे आरक्षण आंदोलन तो नहीं है। पिछले दिनों संघर्ष समितियों की तरफ से किए गए धरने-प्रदर्शन में खाप के प्रमुख व्यक्ति कम देखने को मिले थे। जसिया में चले धरने के दौरान खुले मंच से खापों पर निशाना भी साधा गया था। हालांकि, इस्तीफे का कारण भले जो भी हो, लेकिन आरक्षण आंदोलन के इस दौर में प्रधान का इस्तीफा चर्चा का विषय बना हुआ है।
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हुड्डा खाप की तरह न हो जाए विवाद
नांदल खाप के प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इस पद के लिए कई लोग कतार में हैं। सूत्रों की माने तो 2 अक्तूबर को होने वाली पंचायत में नए प्रधान को लेकर विवाद हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों हुड्डा खाप प्रधान को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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रविवार को नांदल भवन में कमेटी की बैठक हुई। इसमें अखिल भारतीय नांदल खाप के प्रधान महेंद्र सिंह नांदल ने स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। महेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने एक माह पहले ही इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। इसके लिए उन पर किसी का दबाव नहीं था। बैठक में तय किया गया कि दो अक्तूबर को गांव में प्रमुख लोगों की पंचायत होगी, जिसमें नया प्रधान चुना जाएगा। हालांकि, नए प्रधान की अधिकारिक तौर पर घोषणा 20 अक्तूबर को होने वाले सम्मेलन में की जाएगी। सम्मेलन हर साल होता है, जिसमें प्रधान के संबंध में भी चर्चा होती है। प्रधान के इस्तीफा का मामला गोपनीय रखा गया।
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जाट आरक्षण आंदोलन तो नहीं बनी वजह ?
प्रधान महेंद्र सिंह नांदल के इस्तीफे के बाद चर्चा है कि कहीं इसके पीछे आरक्षण आंदोलन तो नहीं है। पिछले दिनों संघर्ष समितियों की तरफ से किए गए धरने-प्रदर्शन में खाप के प्रमुख व्यक्ति कम देखने को मिले थे। जसिया में चले धरने के दौरान खुले मंच से खापों पर निशाना भी साधा गया था। हालांकि, इस्तीफे का कारण भले जो भी हो, लेकिन आरक्षण आंदोलन के इस दौर में प्रधान का इस्तीफा चर्चा का विषय बना हुआ है।
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हुड्डा खाप की तरह न हो जाए विवाद
नांदल खाप के प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इस पद के लिए कई लोग कतार में हैं। सूत्रों की माने तो 2 अक्तूबर को होने वाली पंचायत में नए प्रधान को लेकर विवाद हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों हुड्डा खाप प्रधान को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।