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जाट आरक्षण : 3 अप्रैल के अल्टीमेटम पर भी रार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 19 Mar 2016 02:13 AM IST
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राेहतक में अांदाेलन करते लाेग।
- फोटो : अमर उजाला
जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर चंडीगढ़ में 3 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिए जाने को लेकर रार शुरू हो गई है।
आंदोलन का केंद्र बने रोहतक के युवा जाट नेताओं का आरोप है कि इस फैसले में उनकी और खापों की कोई सहमति नहीं है। न ही उनसे कोई राय ली गई। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने अपने स्तर पर ही इसकी घोषणा की है। हम इसका खुलकर विरोध करते हैं।
बता दें, कि शुक्रवार को चंडीगढ़ में खाप, संघर्ष समितियों और युवा जाट नेताओं को बुलाया गया था। बैठक के दौरान सरकार को 31 मार्च तक का समय दे दिया गया, जिस पर सभी ने सहमति भी जता दी। लेकिन इसके बाद कुछ जाट नेताओं ने 3 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दे दिया। इस अल्टीमेटम का पता चलते ही युवा नेताओं और खापों में विरोध शुरू हो गया।
युवा जाट एकता मंच के विनीत धनखड़ ने आरोप लगाया कि यह अल्टीमेटम अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने दिया है। इसमें न युवाओं की सहमति है और न ही खापों की। मलिक ने फैसला लेने से पहले किसी से भी राय नहीं ली। प्रदेश में ऐसी राजनीति नहीं होने देंगे।
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आंदोलन का केंद्र बने रोहतक के युवा जाट नेताओं का आरोप है कि इस फैसले में उनकी और खापों की कोई सहमति नहीं है। न ही उनसे कोई राय ली गई। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने अपने स्तर पर ही इसकी घोषणा की है। हम इसका खुलकर विरोध करते हैं।
बता दें, कि शुक्रवार को चंडीगढ़ में खाप, संघर्ष समितियों और युवा जाट नेताओं को बुलाया गया था। बैठक के दौरान सरकार को 31 मार्च तक का समय दे दिया गया, जिस पर सभी ने सहमति भी जता दी। लेकिन इसके बाद कुछ जाट नेताओं ने 3 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दे दिया। इस अल्टीमेटम का पता चलते ही युवा नेताओं और खापों में विरोध शुरू हो गया।
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युवा जाट एकता मंच के विनीत धनखड़ ने आरोप लगाया कि यह अल्टीमेटम अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने दिया है। इसमें न युवाओं की सहमति है और न ही खापों की। मलिक ने फैसला लेने से पहले किसी से भी राय नहीं ली। प्रदेश में ऐसी राजनीति नहीं होने देंगे।
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