रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में मृत पांचों पहलवानों और मासूम सरताज को श्रद्धांजलि देने के लिए रोहतक के सभी अखाड़ा संचालकों और प्रैक्टिस कर रहे पहलवानों ने मिलकर कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च में अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त भी शामिल हुए। उन्होंने इस वारदात पर दुख जताया और कहा कि यह कुश्ती और खेल जगत पर बड़ा धब्बा है। सरकार से अनुरोध है कि पीड़ित परिवारों की सीबीआई जांच की मांग को पूरा किया जाए।
कैंडल मार्च में शामिल योगेश्वर दत्त ने कहा कि इस अपराध की कोई सीमा नहीं है। इसको बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। इसमें पांच पहलवानों सहित 3 साल के मासूम की मौत हुई है। एक पहलवान गंभीर रूप से घायल है। इस वारदात में जो भी शामिल हैं, जल्द से जल्द पुलिस उन तक पहुंचे। यह वारदात कुश्ती के साथ-साथ पूरे खेल जगत पर एक धब्बा है। मेरा कुश्ती के मामले में इतना लंबा कैरियर है, मगर ऐसा न कभी इस तरह का सुना और न ही सोचा था। सबसे बड़ा दु:ख है कि साथ रहने वाले कोच ने यह वारदात की है। वो तीन साल का मासूम, जिसे अच्छा बुरा कुछ नहीं पता, वह भी इसका शिकार हुआ है। कहा कि मेरी पुलिस की 10 साल की नौकरी भी रही है। इसलिए किसी भी एंगल से नहीं लगता कि कोई एक इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देगा। हमारे देश में गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है। वह कोच (गुरु) था, जिसने यह अपराध किया है। इसके लिए कुछ भी शब्द खत्म हो जाते हैं। परिवार ने दिल्ली पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। जिस परिवार ने बेटा, बहू और 3 साल का मासूम खोया है, उनके सभी आरोप जायज हैं। आज मैं यह कहूंगा कि एक अच्छे इंसान को ही कोच होना चाहिए। ताकि कुश्ती को, खेल को इस तरह शर्मशार नहीं होना पड़े। ऐसे किसी भी व्यक्ति को बतौर कोच कोई भी खिलाड़ी स्वीकार नहीं करे। सरकार से अनुरोध है कि अगर परिवार इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, तो वे उनकी इस मांग को पूरा करे।

कैंडल मार्च में शामिल जूनियर पहलवान और कोच के साथ अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्रवर दत। अमर उजाला- फोटो : RohtakCity

कैंडल मार्च में शामिल जूनियर पहलवान और कोच के साथ अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्रवर दत। अमर उजाला- फोटो : RohtakCity

डी पार्क स्थित गांधी प्रतिमा पर कैंडल जलातीं महिला पहलवान। अमर उजाला- फोटो : RohtakCity