फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   jaat andolan in rohtak, riots rohtak, Fear of movement still intact

आंदोलन का खौफ आज भी बरकरार 

Mon, 21 Mar 2016 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक Updated Mon, 21 Mar 2016 02:27 AM IST
विज्ञापन
jaat andolan in rohtak, riots  rohtak, Fear of movement still intact
गेट पर विवाद - फोटो : amar ujala
दंगों की दहशत आज भी शहरवासियों के दिल में है। उपद्रवियों से बचने के लिए अर्जुन नगर निवासी कॉलोनी में गेट लगा रहे हैं। लेकिन एक परिवार गेट लगाने के विरोध में उतर आया है। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि गेेट लगाने के विरोध में संबंधित परिवार के सदस्यों का कहना है कि यदि गेट लगाया तो वे इस बार खून की होली खेलेंगे। यदि कॉलोनीवासियों की मानें तो यह सब कुछ पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
विज्ञापन


इससे खफा होकर घटना के तुरंत बाद कुछ कॉलोनीवासी शिकायत लेकर सीधा एसपी आवास पहुंच गए। यहां कॉलोनीवासियों ने करीब एक घंटे तक एसपी का इंतजार किया, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद कॉलोनीवासियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एसपी आवास पर ही लिखित में शिकायत दी।
विज्ञापन


दरअसल, अर्जुननगर निवासी मंजू, सुनील, प्रेमलता, आशीष, कमलेश, बिमला और आकाश सहित अन्य कॉलोनीवासी रविवार दोपहर एसपी से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंच गए। कहना था कि जाट आंदोलन हिंसा के दौरान उनकी कॉलोनी में भी कुछ बाहरी तत्व घुस आए थे। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से वे कालोनी में गेट लगाना चाहते हैं। पिछले तीन दिन से कॉलोनी में गेट लगाने का काम चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप है कि शनिवार को एक परिवार ने मजदूरों के साथ मारपीट करके भगा दिया था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। रविवार को पुलिस की मौजूदगी में गेट लगने का काम शुरू हुआ था। दोपहर के समय परिवार के सदस्य गेट लगने वाले स्थान पर पहुंचे और वहां पर काम करा रहे कालोनी के लोगों को पुलिस के सामने ही धमकी दी कि वे उनके साथ खून की होली खेलेंगे। इससे कॉलोनी के लोग दहशत में आ गए। फिर वे एसपी से मिलने उनके आवास पर ही पहुंच गए। 
 
महामंडलेश्वर कपिलपुरी ने बताया कि शहर में कोई भी मोहल्ला हो और किसी भी बिरादरी के बाहुल्य का हो, लेकिन हर कोई अपनी सुरक्षा के इंतजाम करना चाह रहा है। कॉलोनियों को किले की तरह घेरने के लिए हर किसी में होड़ लगी है कि कितना जल्द वे सुरक्षित हो जाएं। शहरवासियों की यह स्थिति देखते हुए कोई यकीन नहीं करेगा कि उनके दिल में जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन द्वारा समय पर सुरक्षा मिलने की कोई उम्मीद बची है। 

सीताराम सचेदवा ने बताया कि कॉलोनी के अंदर आने वाली गलियों पर गेट लगने से कोई परेशानी नहीं होगी। इससे सुरक्षा पुख्ता हो जाएगी। रात को यदि कोई आता है तो चौकीदार की व्यवस्था होगी, वह गेट खोलेगा। दिन में गेट बंद करने की कोई जरूरत नहीं होगी। स्थिति बिगड़ती है तो ये गेट काफी काम आएंगे। सबसे अहम घर में कॉलोनी वासी आराम से सो सकेंगे। कॉलोनीवासियों के वाहन भी इससे सुरक्षित रहेंगे।

डॉ. महेश मदान ने बताया कि गेट लगाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। बशर्ते इन्हें 24 घंटे सुरक्षा के नाम पर बंद न रखा जाए। दिन में ये गेट तभी बंद होने चाहिए, जब कोई आपात स्थिति हो। इन गेटों पर सीसीटीवी की भी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकी कोई डर न रहे। गेट लगने से यहां तैनात चौकीदार एक जगह रहकर बेहतर सुरक्षा दे कर सकता है। आजकल हर कॉलोनी में वैसे भी चौकीदारों की व्यवस्था रहती है। 

पार्षद अशोक खुराना ने बताया कि सभी कॉलोनी वासी अपनी सुरक्षा के लिए गेट लगवा रहे हैं। इसमें कुछ लोग आपत्ति भी कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से गेट लगवाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यह सभी के लिए बेहतर है और इससे लोगों में आत्मरक्षा की भावना भी आएगी। रही बात भाईचारे की तो गेट सभी साझा सहयोग और पैसा एकत्रित कर लगवा रहे हैं। इससे अन्य अपराधों में भी कमी आएगी। 


ये कॉलोनियां गेट की जद में
सुखपुरा चौक की कुछ गलियां, डीएलएफ, प्रताप मोहल्ला, कृपाल नगर, गुरुनानकपुरा, कृष्णा कॉलोनी, केवलगंज, पाड़ा मोहल्ला, सलारा मोहल्ला, चावला चौक, बड़ा बाजार, केवल गंज, झंग कॉलोनी, हुड्डा कांप्लेक्स के पास का इलाका, अर्जुन नगर, गांधी कैंप, शक्ति नगर, हरिनगर, शिवाजी कॉलोनी, शक्ति नगर, रामनगर, जगदीश कॉलोनी, डीएलएफ कॉलोनी, पटेल नगर। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed