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मरीज की शिकायत पर जांच शुरू, बिना अनुमति दवा बेचन पर नोटिस

Fri, 16 Sep 2022 01:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 01:45 AM IST
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Investigation started on patient's complaint, notice on selling medicine without permission
मरीज की शिकायत पर जांच शुरू, बगैर अनुमति दवा बेचने पर नोटिस
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टाइफाइड था नहीं और मरीज को लिख दी दवा, तबीयत बिगड़ी तो कराई अन्य लैब में जांच
फोटो सहित कलानौर एक व दो
फोटो कैप्शन
सीमा अस्पताल में दवाइयों की जांच करते अधिकारी। सिविल अस्पताल में कष्ट निवारण कमेटी में पहुंचे शिकायतकर्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर। निजी अस्पताल के डॉक्टर पर मरीज का गलत उपचार करने के आरोपों की जांच वीरवार को सिविल अस्पताल में की गई। इसमें शिकायतकर्ता व डॉक्टर दोनों पक्षों की सुना गया और बयान दर्ज हुए। निजी अस्पताल संचालक ठोस कागज नहीं दिखा सका। इस पर जांच टीम ने अस्पताल संचालक के बयान दर्ज कर सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है। औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. मनदीप मान ने अस्पताल में दवाओं की जांच की और बगैर अनुमति दवा लिखने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता के साथ वीरवार को जांच टीम के समक्ष पेश हुआ और बताया कि 22 अगस्त 2022 को जिंदरान गांव की बुजुर्ग महिला इलाज के लिए कलानौर के एक निजी अस्पताल आई थी। यहां उसने अपने टेस्ट कराए। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने टाइफाइड बताते हुए दवा दे दी। महिला ने घर पहुंचकर दवा ली तो दूसरे दिन उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसके बेटे नवीन ने अपनी मां को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दोबारा से उसकी जांच हुई। इसमें महिला की रिपोर्ट में टाइफाइड नहीं मिला। नवीन ने अपनी शंका मिटाने के लिए तीन अन्य लैब पर जांच कराई। सभी जगह रिपोर्ट नेगेटिव मिली। डाक्टर से संपर्क किया तो पता लगा कि उसकी मां को दवाओं से इंफेक्शन हुआ है। शिकायतकर्ता नवीन का आरोप है कि इलाज करने वाले डॉक्टर के पास न तो डिग्री है न अस्पताल की मंजूरी। वह लोगों की जिंदगी से खेल रहा है। इसकी शिकायत कलानौर एसएमओ डॉ. कमला वर्मा के माध्यम से सीएमओ से की थी। साथ ही कलानौर एसएचओ, उपायुक्त, ड्रग इंस्पेक्टर को भी शिकायत दी। सीएमओ डॉ. अनिल बिरला ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग नहीं करता कार्रवाई
अधिवक्ता सज्जन सिंह ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से अब तक कई मरीजों की जान पर बन चुकी है। कलानौर के जिंदरान मोड़ से लेकर पुराने बस स्टैंड तक प्राइवेट क्लीनिकों की भरमार है। इनमें से किसी के पास डिग्री है तो किसी के पास इलाज की अनुमति। विभाग स्थायी तौर पर झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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वर्जन:
शिकायतकर्ता की शिकायत पर वीरवार को अस्पताल में दवा की दुकान पर छापा मारा है। इस दौरान अस्पताल संचालक की ओर से लिखी दवाईयां दुकान से मिली। अस्पताल संचालक विरेंद्र के पास दवा बिक्री का लाईसेंस है, परंतु दवाईयां लिखने का अधिकार नहीं है। अस्पताल संचालक के नाम नोटिस जारी कर दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मनदीप मान, औषधि नियंत्रण अधिकारी।
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