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Rohtak News: छिन्नौली में अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक कोमल कुहाड़ का सम्मान
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फोटो: सोनीपत के गांव छिन्नौली में पदक विजेता कोमल कोहाड़ के सम्मानित करते सांसद दीपेंद्र हुड्ड
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खरखौदा। शनिवार को छिन्नौली गांव में अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक कोमल कुहाड़ के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद दीपेंद्र हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी ने कोमल कुहाड़ को सम्मानित किया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कोमल को 11 हजार रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि देश के लिए सर्वाधिक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के बावजूद हरियाणा को खेलों के बुनियादी ढांचे और निवेश में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। संसद में भी यह मांग उठाई कि जिस प्रदेश के खिलाड़ी देश को अधिक पदक दिलाते हैं, वहां खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों के विकास के लिए विशेष बजट दिया जाना चाहिए।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई पदक लाओ, पद पाओ नीति ने खिलाड़ियों को नई पहचान दी थी लेकिन वर्ष 2014 के बाद खिलाड़ियों को मिलने वाले लाभ सीमित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कैश अवार्ड और नियुक्तियों को प्रभावित किया है। उन्होंने भैंसवाल गांव के पहलवान मोनू टाइगर का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जीते गए पदक के बदले मिलने वाली सम्मान राशि आज तक लंबित है।
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कार्यक्रम में विधायक इंदूराज नरवाल, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जयवीर सिंह, पूर्व विधायक पदम सिंह और पूर्व विधायक सुखबीर फरमाणा भी मौजूद रहे।
गांव के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान
सांसद ने कहा कि कोमल कुहाड़ ने अपने परिवार, क्षेत्र, हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है। भारोत्तोलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह प्रदर्शन देश के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने छिन्नौली गांव के विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से 11 लाख रुपये और गढ़ी सिसाना गांव के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि देश के लिए सर्वाधिक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के बावजूद हरियाणा को खेलों के बुनियादी ढांचे और निवेश में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। संसद में भी यह मांग उठाई कि जिस प्रदेश के खिलाड़ी देश को अधिक पदक दिलाते हैं, वहां खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों के विकास के लिए विशेष बजट दिया जाना चाहिए।
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दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई पदक लाओ, पद पाओ नीति ने खिलाड़ियों को नई पहचान दी थी लेकिन वर्ष 2014 के बाद खिलाड़ियों को मिलने वाले लाभ सीमित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कैश अवार्ड और नियुक्तियों को प्रभावित किया है। उन्होंने भैंसवाल गांव के पहलवान मोनू टाइगर का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जीते गए पदक के बदले मिलने वाली सम्मान राशि आज तक लंबित है।
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कार्यक्रम में विधायक इंदूराज नरवाल, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जयवीर सिंह, पूर्व विधायक पदम सिंह और पूर्व विधायक सुखबीर फरमाणा भी मौजूद रहे।
गांव के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान
सांसद ने कहा कि कोमल कुहाड़ ने अपने परिवार, क्षेत्र, हरियाणा और देश का नाम रोशन किया है। भारोत्तोलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह प्रदर्शन देश के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने छिन्नौली गांव के विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से 11 लाख रुपये और गढ़ी सिसाना गांव के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।