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अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश : 17 लाख की ठगी में महाराष्ट्र से दो आरोपी गिरफ्तार
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रोहतक। वायरस भेजकर मोबाइल फोन हैक करके 17 लाख की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को वीरवार को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के लातूर निवासी राहुल जयसिंह व राजहंस देवीदास को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया।
आरोपी राजहंस को 12 दिन के रिमांड पर लिया गया है जबकि राहुल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त आईसीआईसीआई बैंक खाते की चेक बुक, हवाई यात्रा और ट्रेन के टिकट बरामद हुए हैं।
एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि वसंत विहार निवासी दिनेश ने एक सप्ताह पहले शिकायत दी थी कि उनकी निजी कंपनी है। किसी ने उनका फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बना लिया। उनके नंबर से मैनेजर को मैसेज भेजा कि कहा कि वे मीटिंग में व्यस्त हैं। जल्द 17 लाख रुपये बताए गए नंबर पर ट्रांसफर कर दें।
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मैनेजर ने कंपनी मालिक का आदेश समझकर राशि ट्रांसफर कर दी थी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच की। जांच में पता चला कि ठगी की राशि महाराष्ट्र के लातूर निवासी राजहंस के खाते में भी गई थी।
पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। अकाउंट नंबर साइबर ठग गिरोह तक पहुंचाने के आरोप में उसके साथी राहुल जयसिंह को भी गिरफ्तार कर राहदारी रिमांड हासिल किया है।
.............
मोबाइल हैक करके दी वारदात अंजाम
जांच में पता चला कि आरोपियों ने वेली रेट मालवेयर वायरस के माध्यम से मोबाइल फोन में लिंक भेजकर ठगी करते हैं। एक बार पहुंच मिलने पर आरोपी मोबाइल फोन से संवेदनशील डाटा चुरा लेते हैं। उसके आधार पर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर परिचितों को मैसेज भेजकर ठगी की गई थी।
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आरोपी राजहंस को 12 दिन के रिमांड पर लिया गया है जबकि राहुल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त आईसीआईसीआई बैंक खाते की चेक बुक, हवाई यात्रा और ट्रेन के टिकट बरामद हुए हैं।
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एसपी गौरव राजपुरोहित ने बताया कि वसंत विहार निवासी दिनेश ने एक सप्ताह पहले शिकायत दी थी कि उनकी निजी कंपनी है। किसी ने उनका फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बना लिया। उनके नंबर से मैनेजर को मैसेज भेजा कि कहा कि वे मीटिंग में व्यस्त हैं। जल्द 17 लाख रुपये बताए गए नंबर पर ट्रांसफर कर दें।
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मैनेजर ने कंपनी मालिक का आदेश समझकर राशि ट्रांसफर कर दी थी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच की। जांच में पता चला कि ठगी की राशि महाराष्ट्र के लातूर निवासी राजहंस के खाते में भी गई थी।
पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। अकाउंट नंबर साइबर ठग गिरोह तक पहुंचाने के आरोप में उसके साथी राहुल जयसिंह को भी गिरफ्तार कर राहदारी रिमांड हासिल किया है।
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मोबाइल हैक करके दी वारदात अंजाम
जांच में पता चला कि आरोपियों ने वेली रेट मालवेयर वायरस के माध्यम से मोबाइल फोन में लिंक भेजकर ठगी करते हैं। एक बार पहुंच मिलने पर आरोपी मोबाइल फोन से संवेदनशील डाटा चुरा लेते हैं। उसके आधार पर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर परिचितों को मैसेज भेजकर ठगी की गई थी।