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इनेलो ने निकाला जुलूस, लघु सचिवालय में घुसने को खींचतान
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:26 AM IST
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विरोध में छोटूराम चौक से निकाला गया जुलूस
- फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विरोध में बृहस्पतिवार को इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर हंगामा किया। लघु सचिवालय में अंदर जाने को लेकर उनकी पुलिस के साथ खींचतान भी हुई। लेकिन एडीसी खुद ही ज्ञापन लेने पहुंच गए तो मामला शांत हो गया। एडीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया है।
बारिश होने के बावजूद इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता के. सी. बांगड़ के नेतृत्व में पदाधिकारी व कार्यकर्ता बृहस्पतिवार सुबह छोटूराम चौक पर जुटे। यहां से जुलूस निकालते हुए सभी लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय में अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन उनको बाहर रोक दिया गया। इसको लेकर पुलिस के साथ खींचतान भी हुई। बांगड़ ने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ है, जब किसी सरकार ने किसान हित में लिए गए फैसले पर उनसे बातचीत नहीं की हो। इस बार ऐसा हुआ है कि किसानों पर यह योजना थोप दी गई और उनको इस बारे में पता भी नहीं चला। इस तरह की योजनाओं से किसानों को फायदा नहीं होगा, बल्कि बीमा कंपनियों की जेब खूब भरेगी। योजना में सबसे बड़ी गड़बड़ यह है कि अगर पूरा गांव प्रभावित होता है तभी योजना का फायदा दिया जाएगा। किसी एक किसान को नुकसान होता है तो उस पर ध्यान भी नहीं दिया जाएगा। किसानों की फसल के बीमे का प्रीमियम सरकार को भरना चाहिए, जबकि यह किसानों के खाते से काटी जाती है। चुनाव से पहले भाजपा ने स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार फसलों का लाभकारी मूल्य देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा केवल चुनावी जुमला निकला। 2015 में फसल बीमा योजना के तहत निजी कंपनियों ने किसानों के प्रीमियम के तौर पर 1500 करोड़ कमाए। वहीं केंद्र व राज्यों से लगभग 5500 करोड़ कमाए हैं। जिलाध्यक्ष सतीश नांदल ने कहा कि इनेलो हमेशा आम लोगों व किसानों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है। इस दौरान पूर्व विधायक सरिता नारायण, एडवोकेट कृष्ण कौशिक, उमेश देवी, संदीप हुड्डा, हलका अध्यक्ष राजेश सैनी, वेद भराण, रविंद्र सांगवान, शीला खरैटी, प्रेम लता और सुनीता हुड्डा मौजूद रहे।
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बारिश होने के बावजूद इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता के. सी. बांगड़ के नेतृत्व में पदाधिकारी व कार्यकर्ता बृहस्पतिवार सुबह छोटूराम चौक पर जुटे। यहां से जुलूस निकालते हुए सभी लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय में अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन उनको बाहर रोक दिया गया। इसको लेकर पुलिस के साथ खींचतान भी हुई। बांगड़ ने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ है, जब किसी सरकार ने किसान हित में लिए गए फैसले पर उनसे बातचीत नहीं की हो। इस बार ऐसा हुआ है कि किसानों पर यह योजना थोप दी गई और उनको इस बारे में पता भी नहीं चला। इस तरह की योजनाओं से किसानों को फायदा नहीं होगा, बल्कि बीमा कंपनियों की जेब खूब भरेगी। योजना में सबसे बड़ी गड़बड़ यह है कि अगर पूरा गांव प्रभावित होता है तभी योजना का फायदा दिया जाएगा। किसी एक किसान को नुकसान होता है तो उस पर ध्यान भी नहीं दिया जाएगा। किसानों की फसल के बीमे का प्रीमियम सरकार को भरना चाहिए, जबकि यह किसानों के खाते से काटी जाती है। चुनाव से पहले भाजपा ने स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार फसलों का लाभकारी मूल्य देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा केवल चुनावी जुमला निकला। 2015 में फसल बीमा योजना के तहत निजी कंपनियों ने किसानों के प्रीमियम के तौर पर 1500 करोड़ कमाए। वहीं केंद्र व राज्यों से लगभग 5500 करोड़ कमाए हैं। जिलाध्यक्ष सतीश नांदल ने कहा कि इनेलो हमेशा आम लोगों व किसानों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है। इस दौरान पूर्व विधायक सरिता नारायण, एडवोकेट कृष्ण कौशिक, उमेश देवी, संदीप हुड्डा, हलका अध्यक्ष राजेश सैनी, वेद भराण, रविंद्र सांगवान, शीला खरैटी, प्रेम लता और सुनीता हुड्डा मौजूद रहे।
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