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2030 तक देश को काला पीलिया मुक्त बनाने का लक्ष्य, विशेषज्ञ जिला अस्पतालों के डॉक्टरों को करेंगे प्रशिक्षित
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रोहतक। स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने 2030 तक देश को काला पीलिया से मुक्त बनाने के लक्ष्य पर काम करते हुए ‘इको प्लेटफोर्म : एक्सटेंशन ऑफ कम्यूनिटी हेल्थ केयर आउटकम’ नेशनल प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत विभिन्न राज्यों के डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से चयनित विशेषज्ञ देशभर के जिला अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों को काला पीलिया का उपचार करने का प्रशिक्षण देंगे। देशभर के चयनित डॉक्टरों की टीम में पीजीआईएमएस रोहतक गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं इंचार्ज मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा को भी शामिल किया गया है।
सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने पीलिया और काला पीलिया पर काबू पाने के लिए 2018 में हरियाणा राज्य की जीवन रेखा स्कीम की तर्ज पर नेशनल वायरल हैपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया था। अब देशभर में इस ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने इको प्लेटफोर्म : एक्सटेंशन ऑफ कम्यूनिटी हेल्थ केयर आउटकम प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां वर्ष 2013 में काला पीलिया की रोकथाम के लिए निशुल्क जीवन रेखा स्कीम शुरू की गई थी। इसी की सफलता को देखकर भारत सरकार ने 2018 में इसे देश में लागू कर दिया। वह जीवन रेखा प्रोजेक्ट के प्रमुख नोडल अफसर थे, उनके अनुभव को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पहले नेशनल प्रोजेक्ट का टेक्निकल रिसोर्स पर्सन बनाया और फिर नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी में मनोनीत किया। इस कमेटी ने इस प्रोजैक्ट का प्रारूप तैयार कर इसे देश में लागू करवाया। डब्लूएचओ भी इस नेशनल प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है और अभिनेता अमिताभ बच्चन जोकि खुद काला पीलिया से ग्रस्त हैं, वे इस प्रोजैक्ट के ब्रांड एंबेसडर हैं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस और प्रदेश में काला पीलिया के मरीजाें की जांच व दवाएं हरियाणा सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रदेश को काला पीलिया मुक्त बनाने के लिए जगह-जगह स्क्रीनिंग कैंप लगवाया जा रहा है, इसमें गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखा जा रहा है। वहीं संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी एवं फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गजेंद्र ने बताया कि डॉ. प्रवीण मल्होत्रा का चयन संस्थान के लिए पदक के समान है।
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सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार ने पीलिया और काला पीलिया पर काबू पाने के लिए 2018 में हरियाणा राज्य की जीवन रेखा स्कीम की तर्ज पर नेशनल वायरल हैपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया था। अब देशभर में इस ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने इको प्लेटफोर्म : एक्सटेंशन ऑफ कम्यूनिटी हेल्थ केयर आउटकम प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां वर्ष 2013 में काला पीलिया की रोकथाम के लिए निशुल्क जीवन रेखा स्कीम शुरू की गई थी। इसी की सफलता को देखकर भारत सरकार ने 2018 में इसे देश में लागू कर दिया। वह जीवन रेखा प्रोजेक्ट के प्रमुख नोडल अफसर थे, उनके अनुभव को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पहले नेशनल प्रोजेक्ट का टेक्निकल रिसोर्स पर्सन बनाया और फिर नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी में मनोनीत किया। इस कमेटी ने इस प्रोजैक्ट का प्रारूप तैयार कर इसे देश में लागू करवाया। डब्लूएचओ भी इस नेशनल प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है और अभिनेता अमिताभ बच्चन जोकि खुद काला पीलिया से ग्रस्त हैं, वे इस प्रोजैक्ट के ब्रांड एंबेसडर हैं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस और प्रदेश में काला पीलिया के मरीजाें की जांच व दवाएं हरियाणा सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रदेश को काला पीलिया मुक्त बनाने के लिए जगह-जगह स्क्रीनिंग कैंप लगवाया जा रहा है, इसमें गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखा जा रहा है। वहीं संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी एवं फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गजेंद्र ने बताया कि डॉ. प्रवीण मल्होत्रा का चयन संस्थान के लिए पदक के समान है।
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